झीरम कांड की सुनवाई कर रहे जज के घर ब्लास्ट, धमकी भरा पत्र भी फेंका

झीरम कांड की सुनवाई कर रहे जज के घर ब्लास्ट, धमकी भरा पत्र भी फेंका

झीरम कांड की सुनवाई कर रहे जज एमडी कातुलकर के घर के गेट के पास शुक्रवार को अज्ञात लोगों ने एक बम ब्लास्ट किया

बिलासपुर  जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं एनआईए के विशेष जज के बंगले में शुक्रवार को सुबह-सुबह सुतली बम फटने और एक जिंदा सुतली बम सहित धमकी भरा पत्र मिलने से पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की नींद उड़ गई। पुलिस अफसरों ने मौका मुआयना कर मामले की जांच शुरू कर दी है। बंगले में तैनात सुरक्षा गार्डों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है लेकिन इसे शरारती तत्वों की करतूत बताई जा रही है।

शहर के सबसे सुरक्षित इलाके कलेक्ट्रेट परिसर के पास एसपी बंगला के आगे जिला एवं सत्र न्यायधीश एमडी कातुलकर के निवास में तड़के चार बजे हुए विस्फोट से पुलिस और प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई। विस्फोट बरामदे से लगी खिड़की में हुई जबकि बंगले में एक-चार के गार्ड तैनात हैं और बंगले के पीछे दो पीएसओ के क्वार्टर हैं।

अचानक हुए विस्फोट से सुरक्षा कर्मी दौड़कर बंगले के बरामदे तक पहुंचे और बंगले के पीछे तक दौड़कर पता करने पहुंचे लेकिन वहां कोई नहीं मिला। सुबह-सुबह जिला एवं सत्र न्यायाधीश के बंगले में विस्फोट की सूचना मिलने पर गश्त कर रहे पुलिस के आला अफसर और सिविल लाइन थाने का स्टाफ मौके पर पहुंच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने बरामदे के पास से सुतली बम के चिथड़े, एक अधजला बम और खिड़की की जाली के बीच खोंसकर रखा एक पत्र बरामद किया है।

सादे कागज में नीली स्याही से
लिखे गए पत्र में सबसे ऊपर लाल सलाम लिखा गया है। इसके बाद जिला एवं सत्र न्यायधीश को संबोधित करते हुए झीरम घाटी के आरोपियों को छोडऩे की बात लिखी गई है।

फोरेंसिक एक्सपर्ट भी पहुंचे
सूचना पर पहुंचे फोरेंसिक एक्सपर्ट ने बंगले की दीवार और खिड़की तथा बरामद बम से उंगलियों के निशान, बारूद के सेंपल और मौके से मिले सुतली बम को जांच के लिए जब्त कर लिया है।

पुलिस ने मामला दर्ज किया
सिविल लाइन पुलिस ने लोकसेवक को कर्तव्य पालन में धमकी के मामले में धारा 506, 507, 189 एवं 3 (क) विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।

एसपी, सीएसपी हाईकोर्ट रवाना
बताया जाता है कि सुरक्षित इलाके में तड़के डीजे के बंगले में सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद हुए विस्फोट और धमकी भरे पत्र मिलने के मामले को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए एसपी अभिषेक पाठक और सीएसपी लखन पटले को तलब कर जवाब-तलब किया। शाम तक दोनों हाईकोर्ट में ही रहे।

पूर्व में भी मिल चुकी है नक्सली धमकी
- वर्ष 2010-11 में भी छत्तीसगढ़ भवन पर माओवादियों ने सफेद कपड़े में लाल सलाम और धमकी लिखकर टांगा था।
- वर्ष डेढ़ माह पूर्व मुंगेली कलक्टर को भी राजस्व विभाग की भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का आरोप लगा धमकी भरा लाल सलाम लिखा पत्र भेजा गया था।

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