निर्भया के दोषियों को जल्द से जल्द दी जाए फांसी, दिल्ली महिला आयोग ने राष्ट्रपति से लगाई गुहार

  • 16 दिसंबर 2012 की रात दिल्ली में चलती बस में युवती से हुई थी गैंगरेप और मारपीट
  • 29 दिसंबर 2012 को इलाज के दौरान निर्भया की अस्पताल में मौत हो गई
  • 2012 में कोर्ट ने गैंगरेप और हत्या के आरोप में सभी दोषियों को फांसी की सजा सुनाई

By: Chandra Prakash

Updated: 03 Mar 2019, 08:09 PM IST

नई दिल्ली। पूरे देश को झकझोर कर रख देने वाले निर्भया गैंगरेप के दोषियों को अबतक फांसी नहीं मिली है। इसी को लेकर दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को खत लिखा है। इसमें निर्भया के कातिलों को जल्द फांसी दिलाने के लिए न्यायिक प्रक्रिया तेज करने की मांग की है।

रेप मामले में कनानू बनाने की मांग

आयोग की अध्यक्ष ने राष्ट्रपति से अपील की है कि वह केंद्र सरकार को तुरंत एक अध्यादेश लाने के लिए निर्देश दें, जिससे रेप के मामलों का तीन महीने के अंदर ट्रायल पूरा हो जाए। इसके अगले तीन महीने में सभी अपील, पुनर्विचार याचिका और क्यूरेटिव पिटीशन निपटाई जाएं। इससे छह महीने के अंदर न्याय मिल सकेगा।

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दुनिया में बदनाम हो रही दिल्ली: मालीवाल

मालीवाल ने लिखा कि दुष्कर्म के मामले में दिल्ली की दुनिया भर में बदनामी हो रही है। यहां आठ महीने की छोटी बच्चियों के साथ दुष्कर्म हुआ। एनसीआरबी के डाटा का हवाला देते हुए आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली में हर दिन औसतन तीन नाबालिग लड़कियां यौन हिंसा का शिकार होती हैं। न्याय में देरी होने और अनिश्चितता की वजह से अपराधियों के मन मे डर नहीं है। उन्होंने कहा कि कम से कम रेप के मामलों में ऐसी न्याय व्यवस्था होनी चाहिए जिससे एक तय समय सीमा के अंदर अपराधी को सजा मिल सके।

क्यूरेटिव पिटीशन की तैयारी में दोषी

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में ही निर्भया मामले के चारों दोषियों को फांसी की सजा सुना दी थी और उनकी पुनर्विचार याचिका भी रद्द कर दी थी, मगर अब तक दोषियों को फांसी नहीं हुई है। अब दोषी कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल करने जा रहे हैं।

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