असम: नागरिकता (संशोधन) विधेयक के विरोध में बवाल, भाजपा कार्यालय में तोड़फोड़

असम: नागरिकता (संशोधन) विधेयक के विरोध में बवाल, भाजपा कार्यालय में तोड़फोड़

Mohit sharma | Publish: Jan, 11 2019 11:44:38 AM (IST) | Updated: Jan, 11 2019 01:47:17 PM (IST) क्राइम

असम में नागरिकता (संशोधन) विधेयक 2016 का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है, प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने यहां भाजपा कार्यालय में तोड़फोड़ की।

नई दिल्ली। असम में नागरिकता (संशोधन) विधेयक 2016 का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदर्शनकारी यहां लगातार बवाल कर रहे हैं। सड़कों पर उतर ये प्रदर्शनकारी मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे और भाजपा नेताओं का पुतला जला रहे हैं। ताजा मामला भाजपा कार्यालय में तोड़फोड़ का है। यहां प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने यहां भाजपा कार्यालय में तोड़फोड़ की। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। ओइक्या सेना असम से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने गुरुवार रात पलाशबाड़ी इलाके में स्थित कार्यालय में तोड़फोड़ की।

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प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया

पुलिस ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के पुतलों को जलाया और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग को भी जाम कर दिया। पुलिस ने बाद में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

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नागरिकता अधिनियम, 1955 में संशोधन करता है

असम में उस समय से विरोध हो रहा है, जब सोमवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उस विधेयक को पारित किया, यह नागरिकता अधिनियम, 1955 में संशोधन करता है और इसका मकसद अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के अवैध हिंदुओं, सिखों, बौद्धों, जैनों, पारसियों और ईसाईयों को भारत की नागरिकता मिल जाएगी।

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भाजपा के साथ अपना नाता तोड़ लिया

जहां एक ओर असम गण परिषद (एजीपी) ने विधेयक को लेकर भाजपा के साथ अपना नाता तोड़ लिया है और इसके तीन मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है, वहीं दूसरी ओर असम समझौते के क्लॉज 6 को लागू करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा उच्च समिति में नामित चार सदस्यों ने भी इसका हिस्सा बनने से इनकार कर दिया है। पूर्वोत्तर राज्य में मंगलवार को पूरी तरह से बंद देखने को मिला। सूत्रों के अनुसार घटना से भाजपा नेतृत्व को अवगत करा दिया गया है।

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