जम्मू-कश्मीर में अब ये पांच मोस्ट वांटेड आतंकी सुरक्षा बलों के निशाने पर

Neeraj singh

Publish: Sep, 17 2017 08:42:41 (IST) | Updated: Sep, 17 2017 08:46:46 (IST)

Crime
जम्मू-कश्मीर में अब ये पांच मोस्ट वांटेड आतंकी सुरक्षा बलों के निशाने पर

सुरक्षा एजेंसियों ने सबसे खूंखार आतंकियों की हिट लिस्ट बनाई है।

नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर में पिछले एक वर्ष में 147 आतंकियों को ढेर करने के बाद अब सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर पांच मोस्ट वांटेड आतंकी हैं। लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर अबू इस्माइल के मारे जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सबसे खूंखार आतंकियों की हिट लिस्ट बनाई है। इनमें आतंकी जाकिर मूसा, रियाज नायकू, सद्दाम पाडर, जीनत उल इस्लाम और खालिद के नाम शामिल हैं। इस लिस्ट के अलावा कश्मीर में २०० और आतंकी सक्रिय हैं। जो आर्मी, सुरक्षा बल और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की फिराक में हैं। इनकी योजना रेलवे स्टेशनों को भी निशाना बनाने की है। जहां आर्मी के जवान इक_ा होते हैं। सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और लश्कर के सह संस्थापक हाफीज सईद ने इस्माइल को लश्कर का कमांड सौंपा था।

अब इनको मार गिराने की बारी

जाकिर मूसा (अलकायदा)

जाकिर सुरक्षा एजेंसियों की सूची में सबसे ऊपर है। धर्म के नाम पर लोगों के बरगलाने में मूसा का नाम सबसे आगे है।

रियाज नायकू (हिजबुल मुजाहिद्दीन)
रियाज डिस्ट्रिक्ट कमांडर है और उसे ए प्लस प्लस कैटगरी मिली हुई है। दिसंबर 2012 में हिजबुल में शामिल हुआ और महज पांच सालों में संगठन के प्रमुख बन गया।

 सद्दाम पाडर (हिजबुल मुजाहिदीन)

सद्दाम हिजबुल के पूर्व कमांडर बुरहान वानी का काफी करीबी था और सोशल मीडिया पर वायरल हुए हिजबुल के 12 आतंकियों के उस फोटो का हिस्सा भी था।

 जीनत-उल-इस्लाम (लश्कर-ए-तैयबा)
अबू इस्माइल के मारे जाने के बाद जीनत-उल-इस्लाम लश्कर की कमान संभालने का सबसे प्रबल दावेदार है। 2015 में आतंकी बना था। जीनत, आईईडी विशेषज्ञ है।

 खालिद (जैश-ए-मोहम्मद)

जैश का कमांडर है। उसका कोड नाम खालिद है। वह पाकिस्तान से प्रशिक्षित है और घुसपैठ करने के बाद से सोपोर क्षेत्र में सक्रिय है।

कश्मीरी लड़की के प्यार में पड़ गया था दुजाना
कश्मीरी लड़की के प्यार में पड़ जाने की वजह से आतंकी अबू दुजाना का फोकस लश्कर के नेतृत्व से हट गया था। अबू इस्माइल की एक पहचान एक आक्रामक आतंकी के रूप में थी। इस्माइल की कोशिश हमेशा यह रहती थी कि वह कश्मीरियों के सीधे संपर्क में न आए और पकड़े जाने से बचा रहे। इस्माइल अक्सर स्थानीय आतंकियों का इस्तेमाल करता जो अपने समूह के लड़कों के जरिए संपर्क में रहते। ये लोग दक्षिण कश्मीर और श्रीनगर को जोडऩे वाले नेशनल हाइवे पर खास तौर पर एक्टिव रहते। सेना के राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों का कहना है कि अबू इस्माइल का मारा जाना सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी कामयाबी है।

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