किडनी ट्रांसप्लांट के गोरखधंधा का पर्दाफाश, डॉक्टर और उसका भाई गिरफ्तार

prashant jha

Publish: Sep, 17 2017 04:29:56 (IST)

Crime
किडनी ट्रांसप्लांट के गोरखधंधा का पर्दाफाश, डॉक्टर और उसका भाई गिरफ्तार

सर्विलांस के जरिये पता लगाया तो आरोपियों की लोकेशन सेक्टर 18 स्थित होटल के पास मिली।

देहरादून. चैरिटेबल अस्पताल में गुपचुप किडनी ट्रांसप्लांट का अवैध धंधा कर  लाखों रुपये की काली कमाई कर रहे डॉक्टर अमित को पुलिस ने पंचकुला से गिरफ्तार कर लिया है. इसके साथ ही उसके डॉक्टर भाई जीवन को भी धर लिया गया है। अस्पताल की नर्स और एक ड्राईवर भी पुलिस के हत्थे चढ़े हैं. पुलिस ने इस सिलसिले में एक
मर्सिडीज़, बीएमडबल्यु और फोर्ड कार भी जब्त कर लीं। इसके अलावा करीब 34 लाख रुपये और 5 महंगे मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर किडनी की खरीद फरोख्त के अवैध धंधे में लिप्त गिरोह का सरगना डॉक्टर अमित और उसके साथियों की तलाश में पुलिस 11 सितम्बर से ही अभियान चला रही थी। घटना वाले दिन ही पुलिस ने गिरोह के एक सदस्य जावेद खान को गिरफ्तार कर लिया था। उससे पूछताछ में पता चला था कि इस गिरोह में कई लोग शामिल हैं और इनका नेटवर्क विदेशों तक में फैला हुआ है। उसने बताया था कि गिरोह में डॉक्टर अमित के अलावा डॉक्टर अक्षय, डॉक्टर संजय दास, डॉक्टर जीवन, राजीव चौधरी, चन्दन गुडिया आदि शामिल हैं। जैसे जैसे जांच आगे बढ़ी तो इस मामले में राजीव चौधरी की पत्नी अनुपमा, नसीम, प्रदीप उर्फ़ बिल्लू, सरला, अभिषेक आदि की संलिप्तता भी पता चली।

सर्विलांस से आरोपियों की शिनाख्त

ये टीमें कई स्थानों पर छपे मरते हुए पंचकुला पहुंची तो आरोपियों का सुराग मिलना शुरू हो गया। इसपर एसओजी की टीम को भी पंचकुला बुला लिया गया। छानबीन में पंचकुला में साहिलपुर के एक मकान में आरोपियों के
छिपे होने की सूचना मिली पर पुलिस मौके पर पहुंची तो मकान के गेट पर ताले लटक रहे थे। इसपर सर्विलांस के जरिये पता लगाया तो आरोपियों की लोकेशन सेक्टर 18 स्थित होटल के पास मिली। पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपी अमित और नर्स सरला पार्किंग में खड़ी मर्सिडीज़ कार में मिल गये। उसके पास खड़ी बीमडब्लू कार से डॉक्टर जीवन भी पकड़ा गया।

नेपाल भागने के फिराक में थे आरोपी डॉक्टर

ये सभी लोग नेपाल भागने की फिराक में थे. मर्सिडीज़ कार से करीब 35 लाख रुपये भी बरामद हुए. इसके अलावा छ मोबाइल फ़ोन भी मिले।आरोपियों ने पुलिस को बताया कि पिछले साल उन्होंने उत्तरांचल डेंटल कॉलेज और
गंगोत्री चैरिटेबल अस्पताल चलाने के लिए अशोक जोगी और राजीव चौधरी के माध्यम से एग्रीमेंट किया था। इसके बाद उन्होंने किडनी ट्रांसप्लांट करने के इच्छुक रोगियों से अग्रिम पैसे लेकर अस्पताल के लिए उपकरण खरीदे. बताया की अस्पताल का प्रबंधन राजीव चौधरी और उनकी पत्नी अनुपमा देखते थे। ऑपरेशन थिएटर में अस्पताल
का पूरा स्टाफ रहता था।

फ्लाइट से लाए जाते थे डोनर

गुर्दा ट्रांसप्लांट के इच्छुक लोगों और किडनी डोनरों की व्यवस्था और उन्हें लाने ले जाने का काम दलाल किया करते थे। ये लोग ही डोनरों और रोगियों को लाने ले जाने की व्यवस्था किया करते थे। कई बार उनको फ्लाइट से भी लाया ले जाया जाता था। उनका नेटवर्क विदेशों तक में फैला था। विदेशों में स्थित दलाल लगातार उनके संपर्क में रहते थे।  मरीजों और डोनरों की आपरेशन से पूर्व की सभी मेडिकल जांच दिल्ली में ही करा ली जाती थी।

 

डॉ अमित पर कई राज्यों में मामला दर्ज

डॉ. अमित के खिलाफ मुम्बई, गुंटूर आंध्रप्रदेश, गुजरात के आनंद में सीबीआई और ईडी की और से अवैध रूप से किडनी ट्रांसप्लांट के कई मुकदमे दर्ज हैं. बताया प्रदीप उर्फ़ बिल्लू राजीव चौधरी और अनुपमा के साथ अस्पताल प्रबंधन
का काम भी देखता था तथा कार से मरीजों को लाने ले जाने का काम भी करता था। पुलिस ने उसे बाद में उसकी फिगो कार समेत धर दबोचा. छानबीन में पता चला है कि किडनी खरीद फरोख्त के अवैध धंधे में लिप्त डॉक्टर अमित आयुर्वेद की डिग्री धारी है. उसने पिछले तीन महीने के भीतर देहरादून में 50 से ज्यादा किडनी ट्रांसप्लांट की थीं।

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