दो हिजबुल सरगना नाइकू और सैफुल्ला समेत इस साल घाटी में 200 आतंकी ढेर

  • इस साल जनवरी से अक्टूबर तक जम्मू-कश्मीर में 200 से अधिक आतंकवादी ( terrorists killed ) मारे गए।
  • रविवार को हिजबुल मुजाहिदीन के ऑपरेशनल कमांडर डॉ. सैफुल्ला को को ढेर किया गया।
  • सुरक्षा बलों द्वारा लगातार आतंकियों के खिलाफ जारी है कड़ी कार्रवाई, घाटी में अमन बहाली है मकसद।

जम्मू। इस साल जनवरी से अक्टूबर अंत तक केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर में सेनाओं द्वारा हिजबुल मुजाहिदीन के दो सरगना, विभिन्न आतंकी समूहों के एक दर्जन से अधिक शीर्ष कमांडरों समेत 200 से अधिक आतंकवादियों को ढेर ( terrorists killed ) कर दिया गया है। रविवार को एक संयुक्त अभियान में मलंगपुरा पुलवामा के हिजबुल मुजाहिदीन के ऑपरेशनल कमांडर सैफ उल इस्लाम उर्फ डॉ. सैफुल्ला को शहर के बाहरी इलाके रंगरेथ में मुठभेड़ में मार दिया गया।

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सैफुल्ला कश्मीर में सक्रिय सबसे पुराने आतंकवादियों में से एक था और उसने इस साल मई में पुलवामा के बेगपुरा में रियाज अहमद नाइकू की हत्या के बाद ही घाटी के सबसे बड़े आतंकी संगठन की बागडोर संभाली थी। अगर बीते वर्ष से तुलना की जाए तो सुरक्षा बलों ने 12 महीनों में 157 आतंकियों का सफाया कर दिया है।

नाइकू और सैफुल्ला के खात्मे को हिजबुल मुजाहिदीन के लिए विशेष रूप से आठ महीने से भी कम समय में एक बड़ा झटका माना जा रहा है। पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने नाइकू की हत्या के तुरंत बाद एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, "इस साल जम्मू-कश्मीर में 200 से अधिक आतंकवादी मारे गए और कश्मीर में 190 आतंकवादी ढेर किए गए। रियाज नाइकू की हत्या के बाद हिजबुल मुजाहिद्दीन बिना सरगना के रह गया था और इस बार फिर से ऑपरेशनल कमांडर की हत्या ने इसे नेतृत्वहीन बना दिया है।"

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एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि हिजबुल के पास अभी भी कुछ अनुभवी आतंकवादी हैं जो सक्रिय हैं और उन्हें नए ऑपेशनल चीफ का नाम दिया जा सकता है। उन्होंने कहा, "शायद, नया सरगना भी दक्षिण कश्मीर से होगा। नाइकू और सैफुल्लाह दोनों, जो आठ महीनों के भीतर मारे गए, दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले से हैं।" अब तक दक्षिण कश्मीर के चार जिलों कुलगाम, शोपियां, पुलवामा और अनंतनाग में अधिकांश आतंकवादी मारे गए हैं।

सुरक्षा बलों द्वारा जुटाए गए आंकड़ों के मुताबिक जून में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, भारतीय सेना और जम्मू एवं कश्मीर पुलिस ने एक माह में सर्वाधिक 49 आतंकवादियों का सफाया कर दिया। यह पिछले वर्ष की तुलना में तकरीबन दोगुनी संख्या है।

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आंकड़ों के मुताबिक सर्वाधिक मुठभेड़ दक्षिण कश्मीर में हुईं है और यहां कुल 138 आंतकवादी ढेर कर दिए गए हैं। एक खुफिया इनपुट के तहत पता चला है कि पाकिस्तानी आईएसआई और शीर्ष सैन्य नेतृत्व की बैठक के बाद हिजबुल को घाटी में अशांति पैदा करने और स्थानीय लोगों को निशाना बनाने का काम सौंपा गया था।

इस वर्ष मारे गए आतंकियों में हिजबुल मुजाहिद्दीन के 72, लश्कर-ए-तैयबा के 59, जैश-ए-मोहम्मद के 37 और अन्य आतंकी संगठनों के 32 आतंकवादियों को घाटी में मार गिराया गया।

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अमित कुमार बाजपेयी
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