निर्भया केसः तिहाड़ में एंजॉय कर रहे दोषी, दलील सुनते ही कोर्ट में भिड़े दोनों पक्षों के वकील

  • Nirbhaya Gangrape Case पटियाला हाउस कोर्ट में भि़ड़े वकील
  • निर्भया के वकील की दलीली, जेल में एंजॉय कर रहे दोषी
  • इस दलील के बाद कोर्ट में गर्मा गया माहौल

Dhiraj Kumar Sharma

February, 1403:32 PM

नई दिल्ली। निर्भया गैंगरेप और हत्याकांड ( Nirbhaya Gangrape Case ) मामले में हर रोज एक नया मोड़ सामने आ जा रहा है। चारों दोषियों का डेथ वारंट जारी करने के लिए दिल्ली पटियाला हाउस कोर्ट ( Patiala House Court ) पहुंचे निर्भया के माता-पिता को एक बार फिर अगली तारीख मिल गई है। लेकिन इस बीच जो दलीलें सामने आई हैं उन्होंने सभी को चौंका दिया है।

गुरुवार को नए डेथ वारंट ( Death Warrant ) को लेकर कोर्ट में सुनवाई हुई तो वकीलों की दलील सुनकर हर कोई चौंक गया। यही नहीं कोर्ट रूम का माहौल भी कुछ समय के लिए काफी गर्मा गया।

तेजी से बढ़ रही हैं चक्रवाती हवाएं, एक बार फिर देश के 10 राज्यों में बढ़ेगी जोरदार ठंड

कोर्ट में भिड़े वकील
निर्भया के परिवार के वकील जितेंद्र झा ने कोर्ट में दलील दी कि डेथ वारंट ( Death Warrant ) जारी न किए जाने से दोषी जेल में आराम से हैं और एन्जॉय कर रहे हैं।

ये सुनते ही दोषियों के वकील एपी सिंह ने आपत्ति दर्ज कराई और कोर्ट रूम में ही जज के सामने दोनों वकील एक-दूसरे से भिड़ गए। हालांकि बाद में जज ने दोनों वकीलों को शांत कराया।

ये दी गई दलील
नए डेथ वारंट जारी करने को लेकर निर्भया के माता-पिता के वकील जितेंद्र झा ने कहा कि जेल में बैठे दोषी इस वक्त आराम कर रहे हैं । इतना ही नहीं कानून के विकल्पों को भी उन्होंने खेल बना दिया है। डेथ वारंट जारी न होने से जेल में दोषी एन्जॉय कर रहे हैं।

वकील ने कहा, 'जब तक यहां से डेथ वारंट जारी नहीं होगा, जाहिर तौर पर दोषी कानूनी विकल्प लेते रहेंगे और आराम से जेल में बैठे रहेंगे। ये सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।

निर्भया के वकील ने कोर्ट से कहा, 'आज ये तय करना बेहद जरूरी हो गया है कि क्या कोर्ट को दोषियों द्वारा टेकन एज ग्रांटेड लेने देना चाहिए या नया डेथ वारंट जारी कर समाज के सामने एक उदाहरण पेश करना चाहिए।'

उन्होंने कहा कि अगर कोर्ट अभी भी डेथ वारंट जारी नहीं करता है तो दोषी इसी तरह जेल के अंदर मजा लेते रहेंगे।

निर्भया के वकील की इस दलील के बाद दोषियों को वकील एपी सिंह भड़क गए और उन्होंने जितेंद्र झा की दलीलों पर ही सवाल उठाए।

एपी सिंह ने कहा है कि 6 जनवरी से इस मामले में सुनवाई शुरू हुई और तब से इस तरह की दलीलें दी जा रही हैं जो पूरी तरह गलत है कि हम कानूनी विकल्पों का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।

Show More
धीरज शर्मा Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned