प्रदयुम्न मर्डर केस: बॉम्बे HC से रेयान के मालिकों को एक दिन की राहत, कल तक गिरफ्तारी पर रोक

mohit1 sharma

Publish: Sep, 12 2017 11:34:00 (IST) | Updated: Sep, 12 2017 03:24:00 (IST)

Crime
प्रदयुम्न मर्डर केस: बॉम्बे HC से रेयान के मालिकों को एक दिन की राहत, कल तक गिरफ्तारी पर रोक

बॉम्बे हाई कोर्ट में आज रेयान ग्रुप के ट्रस्टी समूह की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई है।

नई दिल्ली। प्रदयुम्न मर्डर केस में आज बॉम्बे हाईकोर्ट रेयान ग्रुप के मालिकों की गिरफ्तारी एक दिन की टाल दी है। हाईकोर्ट ने यह फैसला रेयान ग्रुप के ट्रस्टी समूह की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान सुनाया है। कोर्ट ने रेयान मालिकों को राहत प्रदान करते हुए एक दिन के लिए गिरफ्तारी को टाल दिया है। वहीं इस घटना से गुस्साए अभिभावक मुंबई के रेयान इंटरनेशनल स्कूल के बाहर जोरदार प्रदर्शन कर रहे हैं। बचाव पक्ष के अधिवक्ता के मुताबिक ट्रस्टी ग्रुप डॉ. ऑगस्टिन फ्रांसिस पिंटो (73) और ग्रेस पिंटो (62) पिछले 40 सालों शिक्षा के क्षेत्र में हैं और देश भर में रेयान इंटरनेशनल ग्रुप के 54 स्कूल चल रहे हैं। अधिवक्ता के अनुसार स्कूल में बच्चों की सुरक्षा ग्रुप के सभी स्कूलों की प्राथमिकताओं मे शामिल है। उन्होंने बताया कि इन सब बातों को आधार बनाते हुए कोर्ट से ट्रस्टी ग्रुप के अधिकारियों की अग्रिम जमानत याचिका दायर की है।

कोर्ट कर सकती है कार्रवाई

गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में 7 साल के प्रद्युम्न की हत्या के बाद स्कूल मैनेजमेंट की लापरवाही की बात सामने आ रही हैं। वहीं इस घटना के बाद रेयान ग्रुप के मालिक रेयान पिंटो पर भी कार्रवाई हो सकती है। कार्रवाई के डर से रेयान इंटरनेशनल स्कूल के मालिक ने बॉम्बे हाईकोर्ट में सोमवार को अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। इस याचिका पर बांबे हाईकोर्ट आज को सुनवाई करेगा। इसके अलावा हरियाणा पुलिस की एक टीम रेयान इंटरनेशनल ग्रुप के मालिक से पूछताछ के लिए मुंबई पहुंच चुकी है।

क्या है घटना

बता दें कि 8 सितंबर को गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में 7 साल के प्रद्युम्न की स्कूल के बाथरूम में गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। फिर 9 सितंबर को स्कूल के बस कंडक्टर पर हत्या का आरोप लगा था। जिसके बाद पुलिस कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया। कुछ ही देर बाद कंडक्टर भी अपना अपराध स्वीकार कर लिया था। लेकिन परिवार वाले को पूरी घटना के पीछे स्कूल की लापरवाही और किसी साजिश का शक है, जिसके चलते प्रदृयूमन के पिता ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली है और मामले में सीबीआई जांच की मांग की है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने मामले में गंभीरता दिखाते हुए हरियाणा सरकार, केन्द्र सरकार, मानव संसाधन मंत्रालय, सीबीआई और सीबीएसई को नोटिस जारी कर तीन हफते की भीतर जवाब मांगा है। यही नहीं कोर्ट ने कहा कि यह किसी बच्चे का मामला नही, बल्कि देश के सभी बच्चों का मामला है।

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