हिंदुओं की आवाज उठाने वाले लेखक को धमकियां, असम में भीड़ ने दो संदिग्ध उग्रवादी मारे

बांग्लादेश के चटगांव में 21 साल के ब्लॉगर मोहम्मद सज्जादुल हक को अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने की भारी कीमत चुकानी पड़ी। कट्टरपंथी उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। वहीं, असम में भीड़ ने दो संदिग्ध उग्रवादियों की उस वक्त हत्या कर दी, जब उनके पास से भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद हुआ।

नई दिल्ली। बांग्लादेश के चटगांव में 21 साल के ब्लॉगर मोहम्मद सज्जादुल हक को अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने की भारी कीमत चुकानी पड़ी। कट्टरपंथी उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। वहीं, असम में भीड़ ने दो संदिग्ध उग्रवादियों की उस वक्त हत्या कर दी, जब उनके पास से भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद हुआ।

मीडिया से बातचीत में बांग्लादेश के चटगांव में रहने वाले सज्जादुल ने कहा कि ढाका स्थित कॉलेज से उसे डेढ़ साल के लिए निष्कासित कर दिया गया। इसके बाद वह जान बचाने के लिए भागकर भारत आ गए। अब वह कोलकाता के पास पर्यटक वीजा पर रह रहे हैं। सज्जादुल ने आशंका जताई कि भारत में भी बांग्लादेश के समर्थक कट्टरपंथी उसकी हत्या कर सकते हैं।

 

उधर, असम के कछार जिले में भीड़ ने दो संदिग्ध नगा उग्रवादियों को पीट-पीटकर मार डाला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों व्यक्तियों को गंभीर हालात में स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। मारे गए उग्रवादियों की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस ने दोनों के पास से भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया है।

पुलिस ने बताया कि चार उग्रवादी बांस के बीच में हथियार छिपाकर ले जाने की कोशिश कर रहे थे। रास्ते में कुछ स्थानीय लोगों ने उन्हें रोका। इस पर उग्रवादियों ने ग्रामीणों पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। लोगों ने इसके बाद दो को पकड़कर बांध दिया, जबकि दो फरार हो गए।

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अमित कुमार बाजपेयी
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