दिल्ली हाईकोर्ट में अलगाववादी अंद्राबी ने दायर की याचिका, लगाया तिहाड़ में अमानवीय व्यवहार का आरोप

हाईकोर्ट ने यह निर्देश कश्मीरी अलगाववादी नेता असिया अंद्राबी व उनके सहयोगियों से जेल के भीतर अमानवीय व्यवहार किए जाने के आरोप को लेकर दायर याचिका पर दिया है।

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार और तिहाड़ जेल के अधिकारियों से जवाब मांगा है। हाईकोर्ट ने यह निर्देश कश्मीरी अलगाववादी नेता असिया अंद्राबी व उनके सहयोगियों से जेल के भीतर अमानवीय व्यवहार किए जाने के आरोप को लेकर दायर याचिका पर दिया है।

दिल्ली उच्च न्यायालय में दायर याचिका में कहा गया है कि अंद्राबी और उनके सहयोगियों को अकेले कारावास में रखा गया है। अंद्राबी 'दुख्तरान-ए-मिल्लत' की प्रमुख हैं, जिसे प्रतिबंधित संगठन घोषित कर दिया गया है। न्यायमूर्ति नज्मी वजीरी ने इस मामले की सुनवाई आगामी 14 जनवरी 2019 के लिए सूचीबद्ध कर दी है।

हाईकोर्ट अंद्राबी व उनकी सहयोगी की एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसमें अंद्राबी व सहयोगी को तत्काल सामान्य सेल में स्थानांतरित करने और उचित भोजन व चिकित्सा राहत देने के निर्देश देने की मांग की गई है।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बीते 14 नवंबर को अंद्राबी व उनकी सहयोगियो सोफी फहमीदा व नाहिदा नसरीन के खिलाफ एक आरोप पत्र दाखिल किया था। इस आरोप पत्र में एनआईए ने उनके खिलाफ जम्मू एवं कश्मीर में नफरत भरे भाषण देने व राज्य के खिलाफ पैसा देकर युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया था।

अंद्राबी व उनकी सहयोगियों को तिहाड़ जेल में रखा गया है। इन पर दुख्तरान-ए-मिल्लत को सक्रिय रूप से चलाने का आरोप है। दुख्तरान-ए-मिल्लत गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के तहत प्रतिबंधित है।

अदालत

चार्जशीट में हैं इनके नाम

एनआईए की चार्जशीट में आसिया के अलावा सोफी फहमीदा और नाहिदा नसरीन के भी नाम शामिल हैं। ये तीनों जम्मू-कश्मीर में रहकर कथितरूप से पाकिस्तान के लिए काम करती थीं। आसिया अंद्राबी अलगाववादी संगठन दुख्तरान ए मिल्लत की मुखिया है जो घाटी में रहकर पाकिस्तान के लिए काम करता है। आसिया के अलावा उसकी दो सहयोगियों के खिलाफ सोशल मीडिया और अन्य इंटरनेट मंचों पर कथित रूप से भारत के खिलाफ साजिश रचने के आरोप लगे हैं।

सोशल मीडिया से देशविरोधी गतिविधियों का प्रचार

एनआईए के प्रवक्ता ने एक बयान में बताया था कि अंद्राबी, सोफी फहमीदा और नाहिदा नसरीन ट्वीटर, फेसबुक, यूट्यूब और पाकिस्तान समेत कुछ टीवी चैनलों जैसे विभिन्न मंचों का इस्तेमाल कर "भारत के खिलाफ बगावत के लिए भड़काने और नफरत भरे संदेश फैलाने तथा भाषण देने" में संलिप्त थे।

जुलाई 2017 में हुई थी आसिया की गिरफ्तारी

पाकिस्तान में बैठा मुंबई हमले का मास्टरमाइंड आतंकी हाफिज सईद भी आसिया अंद्राबी को अपनी बहन बता चुका है। आपको बता दें कि एनआईए ने आसिया को जुलाई 2017 में गिरफ्तार किया था और तब से वो तिहाड़ जेल में बंद है। इससे पहले भी कई बार आसिया को नजरबंद और गिरफ्तार किया गया है।

Read the Latest Crime news in hindi on Patrika.com. पढ़ें सबसे पहले Crime samachar पत्रिका डॉट कॉम पर.

Show More
अमित कुमार बाजपेयी
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned