विधानसभा में सत्ता-विपक्ष में लात घूंसे

विधानसभा में सत्ता-विपक्ष में लात घूंसे

Mukesh Kumar Sharma | Publish: Mar, 15 2018 05:49:00 AM (IST) क्राइम

गुजरात विधानसभा में बुधवार को लोकतंत्र के लिए काला दिन रहा। प्रश्नकाल के बाद सवाल नहीं पूछने दिए जाने की बात को लेकर सदन में लात-घूंसे चले। पहले...

गांधीनगर।गुजरात विधानसभा में बुधवार को लोकतंत्र के लिए काला दिन रहा। प्रश्नकाल के बाद सवाल नहीं पूछने दिए जाने की बात को लेकर सदन में लात-घूंसे चले। पहले एक कांग्रेसी विधायक ने भाजपा विधायक पर माइक तोडक़र हमला किया। इसके बाद भाजपा व कांग्रेस विधायकों ने लात घूंसे भी चलाए। यह हंगामा करीब 15-20 मिनट तक चला। इस घटना के बाद विधानसभा अध्यक्ष राजेन्द्र त्रिवेदी ने सावरकुंडला के विधायक प्रताप दूधात व राजुला के विधायक अमरीश डेर को तीन वर्षों के लिए निलंबित कर दिया, वहीं कलोल से एक अन्य कांग्रेसी विधायक बलदेव ठाकोर को एक वर्ष के लिए निलंबित कर दिया। इन विधायकों को सभी सत्रों व सभी समितियों से निलंबित किया गया। साथ ही तीनों विधायकों को विधानसभा गृह व परिसर में प्रवेश पर भी रोक लगा दी है। कांग्रेस विधायकों के निलंबित करने के विरोध में विपक्षी कांग्रेस विधायकों ने वॉक आउट किया।

सवाल पूछने नहीं देने के बाद हुआ बवाल

प्रश्नकाल के बाद आसाराम आश्रम में रहस्यमय तरीके से गुम होने के बाद दो बच्चों की हत्या के मामले को लेकर कांग्रेस विधायक विक्रम माडम ने सवाल पूछना चाहा, लेकिन स्पीकर ने मना कर दिया। उधर, कांग्रेस विधायक डेर ने स्पीकर को माडम को सवाल पूछने देने की बात कही तो स्पीकर ने उन्हें भी बैठने को कहा। विरोध को लेकर माडम व डेर वेल तक पहुंचने की कोशिश की। इसके बाद स्पीकर ने दोनों विधायकों को पहले दिन भर की कार्यवाही से निलंबित कर दिया।

डेर को घेरकर धुना

कार्यवाही स्थगित किए जाने के बाद डेर अचानक दूसरे दरवाजे से सदन में पहुंचे और पंचाल पर हमला किया। वहां अन्य भाजपा विधायकों ने डेर को घेर कर लात-घूंसे भी बरसाए। इसके बाद मार्शल तथा भाजपा व कांग्रेस के अन्य विधायकों की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ।

डिप्टी सीएम ने रखा निलंबन का प्रस्ताव

दस मिनट के स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही करीब डेढ़ घंटे बाद फिर आरंभ हुई तो सदन के उपनेता व उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने दूधात व डेर को तीन वर्ष तथा ठाकोर को एक वर्ष के लिए विधानसभा से निलंबित करने का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव का संसदीय मंत्री भूपेन्द्र सिंह चुडास्मा व संसदीय राज्य मंत्री प्रदीप सिंह जाडेजा ने समर्थन किया। इस समर्थन के प्रस्ताव में भाजपा विधायक जगदीश पंचाल, हर्ष संघवी, केतन इमानदार ने भी पक्ष रखा। उधर, विपक्ष के नेता परेश धानाणी, उपनेता शैलेष परमार व दो वरिष्ठ विधायकों-निरंजन पटेल व पूंजा वंश ने इस प्रस्ताव का विरोध किया। इसके बाद स्पीकर ने बहुमत से तीनों विधायकों को निलंबित करने का फैसला किया।

दूधात ने माइक उखाड़ किया हमला

इस घटना से गुस्साए विधायक दूधात ने अचानक तेजी से अपनी सीट से दौड़ते हुए आए और माइक उखाड़ते हुए भाजपा विधायक जगदीश पंचाल पर हमला किया। पंचाल पर हमले को लेकर स्पीकर ने दूधात को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया और दस मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।

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