आर्मी ऑफिसर के घर से संदिग्ध ISI एजेंट गिरफ्तार, खाना बनाने का करता था काम

जानकारी के मुताबिक, जिस संदिग्ध एजेंट को गिरफ्तार किया गया है वो एक वरिष्ठ आर्मी ऑफिसर के घर में रसोइया का काम करता था।

By: Kapil Tiwari

Published: 24 May 2018, 08:14 PM IST

देहरादून। उत्तराखंड पुलिस और आर्मी इंटेलीजेंस के जॉइंट ऑपरेशन के बाद पिथौरागढ़ से एक संदिग्ध आईएसआई एजेंट को गिरफ्तार किया गया है। ये गिरफ्तारी एटीएस ने की है। जानकारी के मुताबिक, ये संदिग्ध ISI एजेंट सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी के घर में रसोइए के रूप में काम कर रहा था। यूपी एटीएस को इस एजेंट की गिरफ्तारी की कामयाबी मिली है। उत्तर प्रदेश के आतंकरोधी दस्ते के महानिरीक्षक (आईजी) असीम अरुण ने कहा कि उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड पुलिस टीम ने आरोपी रमेश सिंह को उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के डीडीहाट से गिरफ्तार किया है।

काफी दिनों से रखी जा रही थी नजर

रमेश की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर ही एटीएस ने उस पर निगाह रखना शुरू कर दिया था। एटीएस के आईजी असीम अरुण ने बताया कि रमेश सिंह के पिता का नाम आन सिंह है। ये लोग लम्बे समय से यहां रह रहे हैं। पता चला है कि रमेश कई बार पंजाब और कश्मीर के रास्ते पाकिस्तान बॉर्डर तक होकर आ चुका है। एटीएस यह भी पता कर रही है कि रमेश कभी पाकिस्तान गया है अथवा नहीं।

असीम अरुण ने ही बताया कि रमेश सिंह पर एक सेना ब्रिगेडियर के घर पर गोपनीय जानकारी सुनने का आरोप है। ब्रिगेडियर की पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग में तैनाती की गई थी, जहां सिंह पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) को जानकारी देता था। ब्रिगेडियर पाकिस्तान में 2015-17 के बीच नियुक्त थे, उस दौरान रमेश सिंह उनका रसोइया था।

रमेश को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। एटीएस अधिकारियों के मुताबिक रमेश ने 12वें संयुक्त भारत-नेपाल सेना अभ्यास की सूचना भी पाकिस्तान को दी थी। अरुण ने कहा कि कई मौकों पर रमेश सिंह पंजाब व जम्मू एवं कश्मीर से भारत-पाकिस्तान सीमा पर भी गया था। जांच दल उसके किसी सहयोगी के होने के बारे में भी पता करने की कोशिश में जुटा है।

पुलिस ने जब्त किए हैं ये दस्तावेज

रमेश के पास से कुछ दस्तावेज, मानचित्र व पाकिस्तान में बना एक मोबाइल फोन व एक लैपटॉप भी जब्त किया गया है। एटीएस अधिकारी ने यह भी कहा कि यह गिरफ्तारी पहले कर ली गई थी, लेकिन गोपनीयता व पूछताछ के मद्देनजर इसका खुलासा गुरुवार को किया गया।

कोर्ट ने रिमांड पर दिया

एटीएस का दावा है कि उसने आईएसआई को जानकारी बेचने की बात कबूली है और इसके लिए उसे डॉलर में भुगतान होता था। पिथौरागढ़ की एक अदालत के समक्ष आरोपी को पेश किया गया है और उसे ट्रांजिट रिमांट पर उत्तर प्रदेश लाया जा रहा है, जहां उससे नेटवर्क के बारे में पूछताछ होगी।

Show More
Kapil Tiwari
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned