आरुषि-हेमराज हत्याकांड: इलाहाबाद HC से बरी होने के बाद आज होगी तलवार दंपत्ति की रिहाई

Rahul Chauhan

Publish: Oct, 13 2017 06:55:22 (IST)

Crime
आरुषि-हेमराज हत्याकांड: इलाहाबाद HC से बरी होने के बाद आज होगी तलवार दंपत्ति की रिहाई

जस्टिस बी के नारायण और जस्टिस ए के मिश्रा की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि सीबीआई की दलील में दम नहीं है।

नोएडा: देश की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री आरुषि तलवार हत्याकांड में गुरुवार को इलाहबाद हाईकोर्ट से बरी होने के बाद राजेश तलवार और नूपुर तलवार की आज जेल से रिहाई होगी। गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीबीआई के सबूतों को नाकाफी माना और सबूतों के अभाव में तलवार दंपत्ति को कातिल मानने से इनकार कर दिया। तलवार दंपति फिलहाल गाजियाबाद की डासना जेल में बंद हैं। जानकारी के मुताबिक तलवार दंपत्ति फैसले से खुश हैं और पूरी रात सो भी नहीं पाए।

जस्टिस बी के नारायण और जस्टिस ए के मिश्रा की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि सीबीआई की दलील में दम नहीं है। वारदात के वक्त घर में सिर्फ राजेश और नुपूर तलवार थे इसलिए हत्या इन्हीं लोगों ने की ये साबित नहीं होता। हत्याकांड में कोई ठोस सबूत नहीं है, तलवार दंपति को संदेह का लाभ दिया जाता है।

कानूनी प्रक्रिया के तहत फैसला आने के बाद अब तलवार दम्पति के वकील कोर्ट के ऑर्डर की कॉपी लेकर गाजियाबाद की सीबीआई कोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद सीबीआई कोर्ट रिलीज ऑर्डर जारी करेगी जिसे डासना जेल में देना होगा। इसके बाद ही तलवार दम्पत्ति की रिहाई हो सकेगी।

CBI कोर्ट ने सुनाई थी उम्रकैद की सजा
सीबीआई की विशेष अदालत ने राजेश-नुपुर तलवार दंपति को अपनी बेटी आरुषि और घरेलू नौकर हेमराज के कत्ल का दोषी पाया था और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी। खंडपीठ ने तलवार दंपति की अपील पर सात सितंबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था और फैसला सुनाने की तारीख 12 अक्टूबर तय की थी।

काफी चर्चित रहा मर्डर केस
पूरे देश को हिलाकर रख देने वाले इस केस की कहानी 2008 में सामने आई थी। 16 मई 2008 को नोएडा के जलवायु विहार इलाके में 14 साल की आरुषि का शव बरामद हुआ। अगले ही दिन पड़ोसी की छत से नौकर हेमराज का भी शव मिला। केस में पुलिस ने आरुषि के पिता राजेश तलवार को गिरफ़्तार किया। 29 मई 2008 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी। सीबीआई की जांच के दौरान तलवार दंपति पर हत्या के केस दर्ज हुए।

मर्डर केस में सभी पक्षों की सुनवाई के बाद सीबीआई कोर्ट ने 26 नवंबर 2013 को नूपुर और राजेश तलवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। सीबीआई के फैसले के खिलाफ आरुषि की हत्या के दोषी माता-पिता हाई कोर्ट गए और अपील दायर की। राजेश और नूपुर फिलहाल गाजियाबाद की डासना जेल में सजा काट रहे हैं।

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