अंबेडकर नगर थाने में पुलिस वालों के सामने सुआ घोंपा, दो पुलिसकर्मी निलंबित

अंबेडकर नगर थाने में बीती रात एक शख्स की उसके पड़ोसी ने सुआ घोंपकर हत्या कर दी। झगड़े होने पर पुलिस दोनों को थाने लेकर गई थी।

By: kundan pandey

Published: 22 Aug 2017, 03:14 PM IST

नई दिल्ली। अंबेडकर नगर थाने में बीती रात एक शख्स की उसके पड़ोसी ने सुआ घोंपकर हत्या कर दी। झगड़े होने पर पुलिस दोनों को थाने लेकर गई थी। डीसीपी का कहना है कि थाने में दोनों के बीच कहासुनी और हाथापाई हुई। उसी बीच एक पड़ोसी ने दूसरे को सुआ घोंप दिया। घायल को एम्स के ट्रामा सेंटर ले जाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें मृत बता दिया। आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल, मामले की गाज एसएचओ, एक सब इंस्पेक्टर और कॉन्स्टेबल पर गिरी है। एसएचओ को सिर्फ लाइन हाजिर किया है। बाकी दोनों कर्मियों सब इंस्पेक्टर ब्रह्म प्रकाश और कॉन्स्टेबल अशोक को निलंबित करके लाइन भेजा गया है।

पुलिस की कहानी पर संदेह
थाने में पुलिस वालों के सामने हत्या की वारदात से सनसनी फैली है। मर्डर को लेकर पुलिस सवालों के घेरे में है। पुलिस की कहानी पर भी किसी को विश्वास नहीं हो रहा। आखिर पुलिस वालों के सामने, उनकी कस्टडी में, कैसे मर्डर हुआ। ऐसा तो नहीं कुछ और कहानी है? ऐसे तमाम सवाल खड़े हो रहे हैं।

शराब पर भिड़े
डीसीपी रोमिल बानिया के अनुसार, दक्षिणपुरी बी-ब्लॉक से झगड़े की कॉल के चलते पीसीआर कर्मी अनिल और विशाल को लेकर अंबेडकर नगर थाने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि अनिल की बेटी के बर्थ-डे के चलते विशाल शराब पिलाने की जिद कर रहा था, जिस पर उनके बीच भिड़ंत हो गई। थाने पहुंचकर फिर झगड़ने लगे। पुलिस कर्मियों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन हाथापाई के दौरान विशाल ने अनिल को सुआ घोंप दिया। अनिल को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी। विशाल को हत्या के जुर्म में मौके से गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में एसएचओ को लाइन अटैच किया गया है। सवाल उठ रहे हैं कि हत्या के चश्मदीद मुल्जिम (हत्या आरोपी) या सिर्फ पुलिस वाले हैं, मुल्जिम की गवाही मायने नहीं रखेगी, पुलिस वालों की गवाही पर भरोसा नहीं होगा, इसलिए मामला संदेह के घेरे में है। मृतक की पत्नी के अनुसार, कल उनकी बेटी का बर्थ-डे था। बर्थ-डे के बाद अनिल मेहमानों को छोड़ने रात में घर के बाहर निकले। उसी दौरान आरोपी से झगड़ा हुआ। अनिल की पत्नी ने पीसीआर कॉल की थी।

मृतक की पत्नी का आरोप
मृतक की पत्नी के मुताबिक, पीसीआर कॉल के बाद पुलिस आरोपी के साथ उनके पति को भी अंबेडकर नगर थाने ले गई। वहां एक बार फिर पुलिस कर्मियों के सामने अनिल और आरोपी का झगड़ा हुआ।

मनाही के बावजूद I.O. रूम में क्यों ले गए?
दिल्ली पुलिस में यह आदेश जारी है कि किसी भी आरोपी या शिकायतकर्ता को जांच अधिकारी (I.O.) के कमरे में ले जाकर पूछताछ नहीं की जाएगी। ऐसा आदेश इसलिए जारी किया था कि अक्सर जांच अधिकारी के कमरे में पूछताछ के नाम पर रिश्वत लेने-देने की डीलिंग चलती है, क्योंकि वहां सीसीटीवी कैमरे नहीं होते। इसलिए आदेश है कि पूछताछ हर थाने में ड्यूटी ऑफिसर के पास बने संक्रमण कक्ष में की जाए। बावजूद इसके मौजूदा मामले में पुलिस कर्मी विशाल और अनिल को अपने रूम में ले गए। जहां रहस्यमय हालात में मर्डर हो गया।

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