फर्जी मार्कशीट कांड : जेयू ने अफसरों को दी क्लीनचिट, दो कर्मचारी सस्पेंड

बीएससी नार्सिंग कांड की जांच रिपोर्ट भेजी राजभवन और उच्च शिक्षा विभाग

By: monu sahu

Published: 12 Jan 2021, 11:40 PM IST

ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय में बीएससी नर्सिंग चतुर्थ वर्ष में फर्जी मार्कशीट मामले को लेकर दो कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है और एग्जाम कंट्रोलर व गोपनीय विभाग के अधिकारी का स्थानतरण अन्य विभाग में कर दिया है। जबकि कई बड़े अधिकारियों को बचाया गया है। वहीं बीएससी नर्सिंग कांड की जांच रिपोर्ट कुलपति ने राजभवन और उच्च शिक्षा विभाग को भेज दी है। इस जांच रिपोर्ट में कई बड़े अधिकारियों का नाम होने की बात कही जा रही हैं।

सोमवार को विवि ने बीएससी नर्सिंग फर्जी मार्कसीट कांड को लेकर एग्जाम कंट्रोलर प्रो मुकुल तेंलग को हटाकर फार्मेसी विभाग में भेज दिया और उन्हें शोकाज नोटिस जारी कर दिया है। उनकी जगह आईके मंसूरी को एग्जाम कंट्रोलर बनाया गया है। वंदना अहिरवार कार्यालय सहायक और एसके दिवेद्ी कंप्यूटर टेक्निक को सस्पेंड कर दिया है। वहीं गोपनीय विभाग के अमित सिसोदिया को हटाकर प्रशासन में भेज दिया है और साधना शर्मा को गोपनीय विभाग का जिम्मा दिया गया है। उल्लेखनीय है कि कार्यपरिषद सदस्य अनूप अग्रवाल ने बीएससी नर्सिंग चतुर्थ वर्ष की फर्जी मार्कशीट बनाने की शिकायत कुलपति से की थी। जिसमें ईसी मेंबर ने आरोप लगाया था कि चार्ट में विद्यार्थी फेल हैं पर अधिकारियों ने पास की मार्कशीट बनाकर दे दी है।

ईसी मेंबर के विरोध में आने के बाद पूरे मामले की जांच कराई गई व मेडीकल शाखा से चार्ट और रिकार्ड जब्त किया गया। चार्ट व मार्कशीटों का मिलान किया गया, जिसमें एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया। जून 2019 की परीक्षा के उन छात्रों को पास की मार्कशीटें बनाकर दे दी जो कि फेल थे। जेयू ने आनन-फानन में इस मामले को लेकर तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया और एक कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया था। साथ ही तीन प्रोफेसरों की जांच कमेटी बना दी। जिसने अपनी रिपोर्ट कुलपति को दी। कुलपति ने रिपोर्ट राजभवन और उच्च शिक्षा विभाग को भेज दी है। वहीं विवि ने इसी मामले में दो और कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है।

छोटे पर कार्रवाई बड़े को बचाया
बीएससी नर्सिंग कांड में जेयू प्रबंधन ने अभी तक जो कार्रवाई की है उसमें छोटे कर्मचारियों पर गाज गिराई गई है। जबकि बड़े पदों पर बैठे जिन लोगों की मुख्य भूमिका है उन्हें बचाया जा जा रहा है। पहले इस मामले में कार्यालय अधीक्षक विनोद जाटव, एलडीसी जरदान सिंह और सुरज भटेजा को सस्पेंड कर दिया गया था और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को शोकाज नोटिस जारी किया गया था। सोमवार को भी दो कर्मचारी को सस्पेंड कर कार्रवाई के नाम पर इतश्री कर ली गई है।

"छोटे कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाया गया है, बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई क्यो नहीं की जा रही है। इसके लिए कुलपति दोषी है। हम सख्त कार्रवाई के लिए राज्यपाल व सीएम से मुलाकात करेंगे।"
अनूप अग्रवाल कार्यपरिषद जेयू

"अधिनियम की धारा 15.1 के अनुसार कुलपति विश्वविद्यालय का शैक्षणिक अधिकारी होता है। उन्ही की देखरेख में साइन व सील से सारे रिजल्ट बनाए और घोषित किए किए जाते है। कुलपति ने अपने आप को बचाने के लिए दूसरे को बलि का बकरा बनाया है।"
डॉ. मनेंद्र सिंह सौलंकी कार्यपरिषद जेयू

"बीएससी नर्सिंग कांड की रिपोर्ट राजभवन और उच्च शिक्षा विभाग को भेज दी गई है। इस मामले में दो सस्पेंड और दो अधिकारी से प्रभार छीन लिए गए हैं।"
प्रो डीडी अग्रवाल, रेक्टर जीवाजी विश्वविद्यालय

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