आधा दर्जन गांव जुडऩे से खरीद केंद्र पर तुलाई में हो रही देरी

किसानों को करना पड़ रहा चार से पांच दिन तक इंतजार

 

By: rishi jaiswal

Published: 12 May 2020, 09:39 PM IST

चीनोर. करहिया और दुबहा सहकारी समिति के खरीद केन्द्रों पर किसानों को गेहूं तुलवाने के लिए चार से पांच दिन तक का इंतजार करना पड़ रहा है। हालांकि इन केन्द्रों पर पांच से छह कांटे तौल के लिए चल रहे हैं फिर भी किसानों का गेहूं नहीं तुल पा रहा है। इसके पीछे कारण बताया जा रहा है कि इन दोनों सोसायटियों से दूसरी सोसायटी के आधा दर्जन गांव जोड़ दिए हैं। इससे किसानों की संख्या बढ़ गई है साथ ही मजदूरों की भी कमी है।

करहिया सहकारी सोसाइटी का खरीद केन्द्र कृषि उपज उप मंडी करहिया में संचालित है। जबकि दुबहा सोसाइटी का खरीद केन्द्र करहिया के हाट बाजार में चल रहा है। खरीद केंद्र करहिया पर 300 किसानों से 60 हजार क्विंटल खरीदी करना है लेकिन आज तक 20 हजार क्विंटल गेहूं की ही खरीद हो पाई है। इधर दुबहा खरीद केंद्र पर भी 210 किसानों से 50 हजार क्विंटल खरीदी होना है पर आज तक 19 हजार क्विंटल खरीद हो सकी है। फिर भी किसानों को अपने गेहूं तुलवाने के लिए 4 से 5 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। दोनों सेंटरों पर गेहूं से भरी 200 के लगभग ट्रैक्टर ट्रॉली खड़ी है।
बताया जाता है कि शुरूआती दिनों में 10 से 15 छोटे किसान प्रतिदिन पहुंच रहे थे जिनकी 20 से 100 क्विंटल तक ही फसल तुल रही थी। लेकिन अब बड़े किसान बड़ी संख्या में 300 से 500 क्विंटल तक फसल लेकर पहुंच रहे हैं। इन बड़े किसानों में से एक ही किसान की की चार से पांच ट्रॉलियां तुल रही है जिसमें समय लग रहा है। इसके साथ ही केन्द्र पर मजदूरी की कमी है जिससे भी तौल में समय लग रहा है।

आधा दर्जन गांव और जोड़े

खरीद में एक समस्या यह भी आ रही है कि करहिया और दुबहा सोसायटियों से ईटमा सोसायटी जो चीनोर में खरीद कर रही थी उसके आधा दर्जन गांव जोड़ दिए गए हैं। इससे गेहूं तुलवाने वाले किसानों की संख्या बढ़ गई है। ईटमा सोसायटी पर गेहूं की खरीद के साथ ही चना और सरसों की खरीद शुरू होने से लोड बढऩे से प्रशासन ने इनसे जुड़े गांवों को दोनों सोसायटी पर ट्रांसफर कर दिया है।

तौल के लिए समय भी कम

किसानों की माने तो गेहूं तुलाई के लिए खरीद केन्द्रों पर समय कम पड़ रहा है। सुबह 10 बजे से खरीद शुरू होती है पहले गेहूं की जांच परख की जाती है फिर तौल शुरू होती है। एक ही किसान की अगर चार से पांच ट्रॉलियां तुलने की लाइन में लग गई तो तौल में दो घंटे लग जाते हैं। तौल शाम पांच बजे तक ही होती है ऐसे में कुछ ही किसानों की फसल तुल पाती है। किसानों का कहना है कि अगर तौल सुबह जल्दी शुरू होकर देर शाम तक हो तो काफी किसान एक दिन में तौल से निबट सकते हैं।

दूसरे क्षेत्रों के किसान बढ़ाने से आई समस्या

खरीद केंद्र करहिया के प्रभारी राकेश रावत एवं खरीद केन्द्र दुबहा के प्रभारी मुकेश शर्मा का कहना है कि किसानों की जल्दी तौल हो सके इसके लिए हमने 5 से 6 कांटे चालू करवा दिए हैं। पहले हमको अपने क्षेत्र के किसानों से ही खरीद करनी थी। अब हमारे सेंटरों पर अन्य खरीद केंद्रों के किसानों को बढ़ा दिया गया हैं। पहले 20 से 100 क्विंटल तक के किसान आ रहे थे अब 100 से 500 क्विंटल फसल वाले किसान आ रहे हैं एवं लेबर की कमी होने से देरी लग रही।

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