प्रतिबंध के बाद भी नहीं मान रहे किसान, जला रहे नरवाई

ग्रामीणों ने दिखाई सजगता, बड़ा हादसा होने से टला

By: rishi jaiswal

Published: 23 Apr 2020, 11:16 PM IST

भितरवार. नरवाई में आग लगाने पर प्रतिबंध के बावजूद इसका असर दिखाई नहीं दे रहा है। किसान प्रतिबंध के बावजूद नरवाई में आग लगा रहे है। गुरुवार की दोपहर में नरवाई की आग ने पूरे गांव को घेर लिया। अगर समय रहते ग्रामीण आग बुझाने में नहीं जुट जाते तो पूरा गांव राख के ढेर में बदल जाता। नरवाई की आग से आसपास के खेतों को भी नुकसान हो रहा है।

गुरुवार की दोपहर विकासखंड के ग्राम छिरेटा गांव में किसी ने खेत में खड़ी नरवाई में आग लगा दी। तेज हवा चलने के कारण नजदीक ही स्थित गांव सोता खिरिया को अपनी चपेट में ले लिया। आग ने पूरे गांव को चारों ओर से घेर लिया। ग्राम सोता खिरिया के ग्रामीण किसान अपने घरों को और पूरी बस्ती को बचाने के लिए बच्चे, महिला-पुरुष सभी लोग अपने संसाधनों से आग को बुझाने के लिए पूरी ताकत से जुट गए। यहां तक कि आग बुझाने के लिए पूरा गांव चारों तरफ से बढ़ती आग को काबू पाने के लिए लगभग 3 घंटे की कड़ी मशक्कत करता रहा। तब कहीं जाकर बढ़ती हुई आग पर नियंत्रण पाया गया। अगर समय रहते पूरे गांव के लोग एक साथ होकर बढ़ती हुई आग पर काबू नहीं पाते तो शायद पूरा गांव ही स्वाहा हो जाता।
गेहूं की फसल काटने के बाद खेतों में खड़ी नरवाई को जलाना किसानों के लिए परंपरा सा बन गया है। इस पर प्रशासनिक तौर पर प्रतिबंध लगाया गया है। हर साल गेहूं की कटाई शुरू होते ही प्रशासन द्वारा नरवाई जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है, बावजूद इसके हर दिन खेतों में धधकती आग इस प्रतिबंध को ठेंगा दिखा रही है। जबकि नरवाई की आग से खड़ी फसलों के साथ घरों में आग लगने की घटनाएं भी हो रही हैं, लेकिन खेतों में नरवाई को जलाने वाले किसानों के खिलाफ व्यापक रूप से कार्रवाई नहीं होने से किसान बेफिक्र होकर ऐसा कर रहे हैं। अनुभाग भर में गेहूं की कटाई का काम लगभग पूरा होने को है। अब किसान दूसरी फसल की बोवनी करने की तैयारी में जुटा हुआ है। इसको लेकर खेत बखरने का काम किया जा रहा है। ऐसे में खेतों में खड़ी नरवाई पर जागरूकता के अभाव में किसान आग लगा रहे हैं। किसानों को नरवाई प्रबंधन के लिए शासन की तरफ से कोई खास पहल नहीं की गई है । इसका खामियाजा किसान अपने खेत की मिट्टी के पोषक तत्वों को नुकसान पहुंचाकर कर रहे हैं।

आग लगने से डीजल और पानी का हो रहा है अपव्यय
दिन प्रतिदिन खेतों में गेहूं के अवशेष के रूप में खड़ी नरवाई में आग लगाने की घटना है जिस प्रकार बढ़ रही है, उसी प्रकार प्रशासन द्वारा आग लगाने वाले किसानों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही। आए दिन घटित हो रही आगजनी की घटनाओं में जहां आग को नियंत्रण करने के लिए विभिन्न ग्रामों से फायर बिग्रेड के लिए सूचना दी जाती है सूचना मिलते ही फायर बिग्रेड मौके पर पहुंचती है और बढ़ती आग की लपटों पर नियंत्रण करती है। इससे एक ओर डीजल का तो दूसरी ओर पानी का काफी अपव्यय हो रहा है। इसे लेकर प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। वहीं देखा जाए तो हर वर्ष किसान नरवाई में आग लगाते हैं जिससे कई दर्जन किसानों की लाखों करोड़ों रुपए की फसल खेतों में जलकर राख हो जाती है। गत वर्षों में घटित आगजनी की घटनाओं से प्रशासन द्वारा सबक नहीं लिया गया जिसका खामियाजा इस वर्ष रबी सीजन की कटाई के समय क्षेत्र के किसानों को उठाना पड़ा। कुछ किसानों ने खेतों में खड़ी नरवाई को आग लगाई जिससे अंचल की 1 दर्जन से अधिक किसानों के खेतों में खड़ी लाखों रुपए की गेहूं की फसल खेतों में ही जलकर खाक हो गई।

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