किसानों को नहीं हो रहा गेहूं का पूरा भुगतान

शासन व प्रशासन के खिलाफ पनप रहा आक्रोश

 

By: rishi jaiswal

Published: 19 May 2020, 09:04 AM IST

चीनोर. सरकारी खरीद केन्द्रों पर समर्थन मूल्य पर अपनी गेहूं की फसल बेचने के बाद किसानों को भुगतान के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। जिला सहकारी बैंक से भुगतान मिल भी रहा है तो पूरा नहीं टुकड़ों में दिया जा रहा है। एक से 10 लाख तक का भुगतान किसानों का होना है लेकिन उन्हें मात्र 20 से 30 हजार रुपए ही दिए जा रहे हैं। इससे किसानों में शासन व प्रशासन के खिलाफ आक्रोश पनप रहा है।
विभिन्न सरकारी खरीद केन्द्रों पर अपनी गेहूं की फसल बेचने के बाद किसान जिला सहकारी बैंक शाखा के पिछले एक महीने से चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उन्हें पूरा भुगतान नहीं हो रहा है। किसानों को इस समय पैसे की काफी जरूरत है ऐसे में उन्हें अपनी ही फसल बेचने के बाद पैसा नहीं मिल पा रहा है। सोमवार को जिला सहकारी बैंक पर भुगतान लेने आए किसानों की भीड़ लगी थी। किसानों ने बताया कि उनका एक से 10 लाख तक का गेहूं का भुगतान होना है लेकिन बैंक द्वारा चक्कर लगवाए जाने के बाद कभी 20 हजार रुपए तो कभी 30 हजार रुपए देकर लौटा दिया जाता है। उन्हें भुगतान के लिए एक महीने से इसी तरह चक्कर लगाना पड़ रहे हैं। किसानों ने इस समस्या को लेकर शासन व प्रशासन के खिलाफ काफी नाराजगी है। किसानों का आरोप है कि बैंक में भेदभाव हो रहा है। असरदार किसानों को ज्यादा से ज्यादा पैसा दिया जा रहा है जबकि अन्य गरीब किसानों को काफी कम पैसा दिया जा रहा है जिससे उनका काम नहीं चल पाएगा।

सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं
सोमवार को जिला सहकारी बैंक भुगतान के लिए लगी किसानों की भीड़ के चलते सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो सका। बैंक प्रबंधन ने भी इस बात पर ध्यान नहीं दिया। किसान एक दूसरे के बिल्कुल निकट खड़े होकर बातचीत कर रहे थे। ऐसी स्थित में संक्रमण का खतरा बना हुआ है।

वर्सन
हमें हेड ऑफिस से रोजाना 20 से 30 लाख रुपए ही मिलते हैं। प्रतिदिन सौ से ज्यादा किसान आ रहे है। सभी को पैसा देना है इसलिए आवश्यकता अनुसार 30 हजार से लेकर 1 लाख रुपए तक दे रहे है। किसानों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए हाथ जोडक़र बार-बार बोल रहा हूं। बैंक में जगह की भी कमी है।

जुगल किशोर पाठक, प्रभारी, जिला सहकारी बैंक, शाखा चीनोर

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