स्वनिधि योजना:लोन के लिए 6 महीने से लगा रहे चक्कर

बिलौआ. पथ विक्रेताओं को स्वनिधि योजना के तहत मिलने वाला लोन अभी तक नहीं मिल पाया है। लोग लोन के लिए बैंक के चक्कर लगा रहे है। योजना के तहत पथ विक्रेताओं को 10 हजार रुपए का लोन दिया जाना तय किया है। इस योजना के तहत कस्बे में अनेक लोगों ने पंजीयन कराया पर अभी तक उन लोगों को योजना का लाभ नहीं मिल पाया है।

By: Vikash Tripathi

Published: 02 Feb 2021, 11:57 PM IST

लॉकडाउन के दौरान कई छोटे दुकानदार का व्यवसाय बंद हो गया दोबारा व्यवसाय जारी रखने के लिए केन्द्र सरकार ने स्वनिधि योजना शुरू की जिसमें 10 हजार रुपए का लोन दिया जाना तय किया गया। कस्बे के अनेक ऐसे सब्जीवाले, फल दुकानदार, हाथ ठेला समेत छोटे दुकानदारों ने इस योजना के तहत पंजीयन कराया और नगर परिषद को इस संबंध में आवेदन दिए। नगर परिषद ने भी आवेदन लिए सेंशन कर लोन स्वीकृति के लिए संबंधित बैंकों को प्रकरण भेज दिए। लेकिन छह माह बाद भी हितग्राही बैंकों के चक्कर लाग रहा है।

केस.1.- राजू चौरसिया ने बताया कि उसने योजना के तहत पंजीयन कराया था लेकिन लोन नहीं मिला है। उसने बताया कि नगर परिषद से लोन सेंसन होने की सूचना आई थी संबंधित बैंक ने भुगतान का समय 30 दिन दिया था। लेकिन 6 माह बीतने के बाद भी लोन की राशि उनके खाते में नहीं पहुंची है।

केस.2.- नंदलाल ने बताया कि वह सब्जी की दुकान लगाता है लॉकडाउन के दौरान समस्या आई। केन्द्र सरकार ने स्वनिधि योजना के तहत उसने 10 हजार रुपए का लोन के लिए आवेदन दिया था। योजना के तहत नाम पंजीयन कराया था। लेकिन अभी तक लाभ नहीं मिला। जिससे उसे योजना के तहत आर्थिक मदद नहीं मिली।
इनकी सुनें- नगर परिषद में आए सभी प्रकरणों को लोन के लिए बैंक भेजे गए। वहां से लोन पास नहीं हुए है इस संबंध में जानकारी नहीं है। कोई लिखित शिकायत नहीं आने पर बैंक से कोई पत्र व्यवहार नहीं किया गया।
चंद्रेश कुशवाह - बाबू- नगर परिषद बिलौआ

नगर परिषद ने प्रकरण भेजे थे लेकिन राजू चौरासिया जैसे कई लोगों के लोन प्रकरण पोर्टल पर शो नहीं हो रहे है। इस वजह से प्रकरण स्वीकृत नहीं हुआ है। नगर परिषद फिर से ऐस प्रकरणों को दोबार पोर्टल पर अपलोड करके भेजे तो प्रकरण को दोबारा जांच कर लोन स्वीकृत कर दिया जाएगा।

Vikash Tripathi
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned