शिक्षक ऑनलाइन सीखेंगे पढ़ाई के तरीके, परेशानी भी बता सकेंगे

कोरोना काल में बच्चों को वर्चुअल क्लास के माध्यम से पढ़ाने में आ रही कठिनाइयों के समाधान और पढ़ाने के तरीके के लिए शैक्षिक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस शैक्षिक संवाद में मास्टर ट्रेनरंो द्वारा ऑनलाइन क्लास के माध्यम से भितरवार ब्लॉक के सभी प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं के चिह्नित शिक्षकों से संवाद किया जाएगा।

By: rishi jaiswal

Published: 05 Sep 2020, 11:13 PM IST

डबरा/भितरवार. कोरोना काल में बच्चों को वर्चुअल क्लास के माध्यम से पढ़ाने में आ रही कठिनाइयों के समाधान और पढ़ाने के तरीके के लिए शैक्षिक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस शैक्षिक संवाद में मास्टर ट्रेनरंो द्वारा ऑनलाइन क्लास के माध्यम से भितरवार ब्लॉक के सभी प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं के चिह्नित शिक्षकों से संवाद किया जाएगा।


7 सितंबर से शुरू होने जा रहे शैक्षिक संवाद कार्यक्रम के संबंध में बीआरसीसी शशि भूषण श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि शैक्षिक संवाद के लिए शिक्षकों को उनके वाट्सएप ग्रुप पर लिंक भेज कर जूम एप के माध्यम से जोड़ा गया है। 5 दिन तक चलने वाले इस शैक्षिक संवाद में पहले दिन कक्षा दो तक में पढ़ाने वाले शिक्षक, दूसरे दिन 3 से 5 वीं कक्षाओं मैं पढ़ाने वाले शिक्षकों को और तीसरे, चौथे एवं पांचवें दिन मिडिल स्कूल के शिक्षकों के साथ संवाद कर उन्हें ट्रेनरो द्वारा विषय वार पढ़ाई के तरीके बताए जाएंगे। साथ ही वर्चुअल कक्षाओं के माध्यम से पढ़ाई में आने वाली दिक्कतों को पूछकर उनका समाधान किया जाएगा। उक्त संवाद कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनरों में डाइट, डीआरसी एवं बीआरसी के साथ ही अन्य अधिकारी शामिल रहेंगे।


बीआरसी ने बताया कि वर्तमान में कोरोना काल के चलते शासन द्वारा शुरू की गई शिक्षा प्रणाली अपना घर अपनी शाला के तहत शिक्षक बच्चों को उनके घरों में जाकर पढ़ा रहे हैं। वर्चुअल कक्षाओं के माध्यम से कक्षाएं लेने के बाद शिक्षक बच्चों को होमवर्क चेक करने एवं पढ़ाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में उनके घर पहुंच रहे हैं। शिक्षक गांव में जाकर बच्चों को एकत्रित कर उन्हें गांव के पेड़ों के नीचे, खेतों में और जहां भी उचित जगह मिल रही है वहां बैठकर पढ़ा रहे हैं। वहीं शिक्षा विभाग द्वारा भेजे जा रहे वीडियो के माध्यम से बच्चों को पढ़ा रहे हैं। कोरोना काल में बच्चों को बेहतर शिक्षा गुणवत्ता के साथ मिले इसके लिए सरकार ने यह योजना चलाई है, जिसमें बच्चों को उनके घर पर ही शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। हालांकि ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान शिक्षकों को आने वाली परेशानी को लेकर भी सरकार ने चिंता जाहिर की है और अब इसके लिए शैक्षिक संवाद कार्यक्रम चलाकर शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने का कार्य किया जा रहा है। ताकि बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके।

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