एक व्यक्ति पर एक हजार से अधिक की राशि कागजों में हो रही खर्च, उधर नाश्ते में दे रहे पांच रुपए का पोहा

पैसों का जमकर हो रहा खेल

By: pushpendra tiwari

Published: 22 Jul 2020, 01:03 AM IST

दमोह. कोविड केयर सेंटर में क्वारंटीन किए गए लोग सेंटर में मिलने वाले भोजन को लेकर शिकायत कर रहे हैं। दरअसल ऐसा इसलिए क्योंकि जिस हिसाब से एक मरीज पर किए जा रहे खर्च का बिल बनता है, उसके हिसाब से भोजन नहीं मिल रहा है। यहां रहने वालों को दिए जा रहे भोजन की पौष्टिकता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक मरीज पर हर रोज हजार से ज्यादा रुपए खर्च किए जा रहे हैं। फिर भी कोरोना मरीज दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक लोगों का पेट भरने के लिए पर्याप्त भोजन भी ठीक से नहीं भर पा रहा है। कारण है, यहां के मरीजों को भोजन को लेकर की जा रही लापरवाही। केयर सेंटर के में रूके लोगों को सुबह के नाश्ता देने में भी कंजूसी की जा रही है। मरीजों को सुबह के नाश्ते में पांच रुपए का पोहा बमुश्किल से दिया जा रहा है। कहने को शासन इनकी देखभाल के लिए भरपूर बजट दे रही है। ताकि लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। लेकिन शहर के कोविड केयर सेंटरों में भोजन को लेकर ही लापरवाही का रवैया बना हुआ है। कोरोना जैसी खतरनाक बीमारी में इलाज के साथ पौष्टिक भोजन मिलने से मरीज के ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखकर मरीज को प्रोटीन, विटामिंस के लिए अच्छी डाइट तैयार की गई है। लेकिन मिलने वाले भोजन डाइट अनुसार नहीं मिल रहा है। एक मरीज के लिए पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए हर रोज 300 खर्च किए जाते हैं।

पहले एक मरीज पर 12०० रोजाना खर्च
केयर सेंटर में क्वारंटीन किए गए लोगों की देखभाल, साफ. सफाई, चादर बदलने से लेकर भोजन के लिए एक मरीज पर 12 सौ रुपये खर्च किए जा रहे थे। 12०० रुपए खर्च करने की बात सामने आ रही है। वहीं अब भोजन के लिए यह राशि १०० रुपए कर दी गई है। जिससे दो सौ रुपये घटकर अब एक हजार रुपये में मरीज की देखभाल पर व्यय किया जा रहा है।
पैसों का जमकर हो रहा खेल
कोविड केयर सेंटर में रुके लोगों के नाम पर खर्च की जाने वाली राशि में जिम्मेदारों द्वारा जमकर खेल किया जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि यहां ठेकेदारी प्रथा से लगभग सौ रुपए कीमत का भोजन एक व्यक्ति के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। जबकि बाकी खर्चों में जमकर धांधली की जा रही है। जो लगातार लॉकडाउन से शुरू होने से लेकर अभी तक जारी है।

वर्जन
पहले एक मरीज पर 12०० रुपए खर्च था। जिसमें 09 सौ रुपए साफ सफाई, मरीज की देखभाल, चादर बदलने का खर्च रहता था और ३०० रुपए मरीज के भोजन पर खर्च किए जाते थे। अब भोजन के 03 सौ से 100 रुपये कर दिए। शासन नेे इस खर्चे के लिए मद बनाए हैं। एक व्यक्ति पर राशि निर्धारित की गई है। इस राशि से ज्यादा खर्च नहीं किया जा सकता।
संगीता त्रिवेदी, सीएमएचओ

pushpendra tiwari Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned