लॉक डाउन तोडऩे पर 2050 हो चुके हैं गिरफ्तार

पुलिस ने 440 वाहन किए जब्त, 334 के हो चुके पंजीयन निरस्त

By: Rajesh Kumar Pandey

Published: 05 May 2020, 06:06 AM IST

दमोह. हर पुलिस थाने पर आपको जनसेवा शब्द लिखा दिख जाता है, यह शब्द कोरोना संक्रमण काल में सार्थक साबित हो रहा है। लोगों को महामारी से बचाने के लिए जहां पुलिस सख्ती से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रही है, वहीं किसी को भूखा तो किसी को जरुरतमंद कर उसकी मदद कर रही है। पुलिस जहां लॉकडाउन तोडऩे वालों पर आंखें तरेर रही हैं और ठंडा उठा रही है, वहीं लोगों की मददगार भी हर मौके पर बनती नजर आ रही है।
दमोह जिला पुलिस ने 22 मार्च से अब तक की स्थिति में लायन आर्डर बनाने के लिए काफी मशक्कत की है। जिले की सीमा पर 20 नाकों पर पुलिस 24 घंटे मुस्तैद है। 14 वन विभाग के नाके लगाए गए हैं। दमोह शहर में 17 फिक्स पाइंट बनाए गए हैं, वहीं संपूर्ण जिले में 108 फिक्स पाइंट बनाए गए हैं। दमोह शहर में 17 मोबाइल व संपूर्ण जिले में 63 मोबाइल गस्त कर रही हैं।
वाहनों की सघन चैकिंग
पुलिस ने 22 हजार 542 वाहन चैक किए हैं। जिनमें से 440 वाहन जब्त किए गए हैं। 334 वाहनों का पंजीयन निरस्त कराया जा चुका है। जिन वाहनों पर कार्रवाई की गई है, वह लॉकडाउन के तोडऩे में सहायक बने हैं।
शौकिया निकले बाहर तो गए जेल
पुलिस की पूरी जिले में अभेद्य घेराबंदी का असर यह हुआ कि जो शौकिया व अकारण बाहर निकले तो उन्हें जेल की हवा खानी पड़ी है, पुलिस ने अभी तक 2050 आरोपियों को जेल भेजा है। जिनमें सालों से फरार स्थायी वारंट भी शामिल हैं, जो लॉकडाउन के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़ गए हैं। इसके अलावा शौकिया रूप से घर से बाहर आवोहवा बदलने वाले 1366 लोगों के खिलाफ धारा 144 उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है।

 
Rajesh Kumar Pandey Desk
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