सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन 30 प्रतिशत उपस्थिती

निजी क्षेत्र में 65 फीसदी प्रजेंट

 

By: Rajesh Kumar Pandey

Published: 28 May 2020, 07:07 AM IST

दमोह. कोरोना संक्रमण काल में इस साल अक्टूबर माह के बाद ही स्कूल खुलने की उम्मीद जताई जा रही है, क्योंकि उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेज में प्रथम वर्ष की कक्षाएं अक्टूबर माह में शुरू करने के निर्देश दिए हैं। जिससे यह माना जा रहा है कि स्कूल भी अक्टूबर माह में ही खोले जाएंगे।
दमोह जिले में सरकारी व निजी स्कूलों की सीबीएसइ की पढ़ाई शुरू हो गई है। ऑनलाइन पढ़ाई में उपस्थिति के मामले में सरकारी स्कूल अभी भी पिछड़े हुए हैं, जिले में 30 फीसदी ही ऑनलाइन उपस्थिति हो रही है। जिसके पीछे का कारण बताया जा रहा है कि 70 प्रतिशत से अधिक के पास एंडरायड मोबाइल नहीं है। जिनके पास है तो निजी कंपनी के बाउचर चार्ज 700 रुपए तक हैं, जिसका वहन करने की अधिकांश अभिभावकों की बस की बात नहीं है। जिससे सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन चल रही पढ़ाई का 70 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थी लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
दूरदर्शन से पढ़ाई भी नहीं हो रही
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने दूर दर्शन के माध्यम से 10 व 12 वीं की पढ़ाई शुरू की है। जिसमें क्लास टीचर पढ़ाई करा रहे हैं, लेकिन ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में बिजली कटौती के कारण नियमित पढ़ाई नहीं हो पा रही है। जिस कारण से इन विद्यार्थियों की भी पढ़ाई सुचारू नहीं चल पा रही है।
निजी स्कूलों में बड़ी क्लासों में 65 फीसदी
सीबीएसइ स्कूल द्वारा गूगल मीट व गूगल क्लास रूम के माध्यम से पढ़ाई शुरू कर दी है। जिसमें नर्सरी से लेकर आठवीं तक के बच्चों की उपस्थिति 65 फीसदी दर्ज हो रही है। वहीं 9, 10 व 12 वीं के विद्यार्थियों की उपस्थिति भी 70 प्रतिशत से अधिक नहीं पहुंच पा रही है, लेकिन इन स्कूलों ने अपने कोर्स के माध्यम से गति पा ली है। अभिभावक भी बच्चों पर ध्यान दे रहे हैं। सीबीएसइ पैटर्न के छात्र व अभिभावक कोरोना संक्रमण को देखते हुए ऑनलाइन पढ़ाई ही पसंद कर रहे हैं, जो पढ़ाई में पिछड़ रहे हैं, स्कूल प्रबंधन उनको भी जोडऩे के लिए सरलीकरण ला रहे हैं। वॉटसएप पर विडियो भेज रहे हैं। होमवर्क दिया जा रहा है। इस तरह पढ़ाई जारी है।

 
Rajesh Kumar Pandey Desk
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