script39 वार्ड 300 का मैन पॉवर फिर भी सफाई व्यवस्था चरमराई | 39 Ward has 300 manpower but still cleanliness system is in shambles | Patrika News
दमोह

39 वार्ड 300 का मैन पॉवर फिर भी सफाई व्यवस्था चरमराई

शहर को गंदगी मुक्त रखने के लिए नगरपालिका पानी की तरह पैसा बहा रही है। साथ ही 300 से ज्यादा कर्मचारियों का मैन पॉवर भी सफाई विभाग में है। यानी 39 वार्डों के हिसाब से हर वार्ड में औसतन करीब 8 सफाई कर्मचारी काम करते हैं।

दमोहJul 03, 2024 / 11:26 am

pushpendra tiwari

दमोह. शहर को गंदगी मुक्त रखने के लिए नगरपालिका पानी की तरह पैसा बहा रही है। साथ ही 300 से ज्यादा कर्मचारियों का मैन पॉवर भी सफाई विभाग में है। यानी 39 वार्डों के हिसाब से हर वार्ड में औसतन करीब 8 सफाई कर्मचारी काम करते हैं। इस सबके बावजूद शहर में सफाई व्यवस्था लगातार डांवाडोल है। बारिश के मौसम के बीच ऐसे हालात होने पर नपा के खिलाफ लोगों का सोशल मीडिया पर गुस्सा फूट रहा है। गंदगी और नपा की मनमानी से परेशान शहर के लोग सोशल मीडिया पर परेशानी बयां करने के साथ आक्रोश जाहिर कर रहे हैं। वॉट्सअप ग्रुप से लेकर फेसबुक पोस्ट में लोग गंदगी का मुद्दा उठा रहे हैं। पत्रिका ने इस संबंध में पड़ताल की, तो सामने आया कि पिछले दो माह के दौरान लोग सफाई न होने से जुड़ी दर्जनों पोस्ट कर चुके हैं। कलेक्टर के ऑफिशियल पेज पर भी कमेंट कर लोग परेशानी बता उसके समाधान की गुहार लगा रहे हैं। यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि लोगों ने सोशल मीडिया का सहारा तब लिया, जब सफाई से जुड़ीं नपा में दर्जनों शिकायतें पेंडिंग हैं और अभी तक उनका निराकरण नहीं हुआ। हालांकि सोशल मीडिया पर परेशानी बयान करने के बावजूद भी सफाई व्यवस्था में कोई सुधार हुआ हो, तो ऐसा बिल्कुल नहीं है। नपा के जिम्मेदार इतने सुस्त हैं कि वार्डों का निरीक्षण करने के बजाए कार्यालय तक सीमित होकर रह गए। ऐसे में सफाई व्यवस्था कैसी होगी, इसका बखूबी आंकलन किया जा सकता है।
300 से ज्यादा कर्मी, सबका काम तय, लेकिन मनमानी

नगरपालिका के सफाई अमले की पड़ताल करने पर पता चला कि अमले में कुल 316 कर्मचारी कार्यरत हैं। 84 नियमित कर्मचारी हैं, जिनमें 9 प्रभारी सुपरवाइजर और बाकी सफाई कर्मी हैं। 151 मस्टर कर्मचारी हैं, जिनमें 1 लिपिक, 1 डाक कार्य, 7 प्रभारी वार्ड सुपरवाइजर, 3 चालक व बाकी सफाई कर्मी हैं। 44 स्थाई कर्मचारी हैं, जिनमें 1 वाहन प्रभारी, 6 प्रभारी वार्ड सुपरवाइजर, 3 चालक और बाकी सफाई कर्मी हैं। 37 संविदा सफाई कर्मी हैं। सभी कर्मचारियों का काम बंटा हुआ है, लेकिन जानकर हैरानी होगी कि कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं। इससे व्यवस्थाएं बिगड़ रही हैं।
सफाई संसाधन धूल खा रहे

सफाई संसाधनों के मामले में दमोह नगरपालिका जिले में सबसे ज्यादा संपन्न है। नपा के पास आधुनिक मशीने हैं। जिनसे धूल साफ मिनटों में की जा सकती है। इसी तरह अन्य मशीनें व संसाधन उपलब्ध हैं, लेकिन ये जानकर भी हैरानी होगी कि अधिकांश संसाधनों का महीनों से इस्तेमाल नहीं हुआ और यह फिल्टर प्लांट पर रखे रखे धूल खा रहे हैं। कुछ मशीनें व संसाधन ऐसे हैंए जो कबाड़ हो चुके हैं। नपा ने इन सामान की खरीदी पर लाखों रुपए खर्च किए थे। यदि इनका उपयोग होताए तो न केवल सफाई व्यवस्था में सुधरती बल्कि संसाधन भी कबाड़ नहीं होते।
लोग बोले शहर में सबसे खराब सफाई व्यवस्था

बिगड़ी सफाई व्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी है। यह नाराजगी इस समय और भी बढ़ गई है। क्योंकि पानी बरसने से नालियां चोक होने से जल निकासी नहीं हो पा रही है। जिससे लोग परेशान हैं। विनय रैकवार, आशीष चौरसिया, भूपेंद्र, राजू, पवन असाटी आदि ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जाहिर करते हुए नपा प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि सफाई को लेकर शिकायत करते करते थक चुके हैं, लेकिन नपा प्रशासन ध्यान तक नहीं दे रहा है। लोगों ने शहर में सबसे खराब सफाई व्यवस्था बताई है।
ये हैं प्रमुख इलाकों में हालात

1 – डीजे बंगला से जनपद कार्यालय मार्ग
डीजे बंगला से जनपद कार्यालय की ओर डामर रोड गुजरती है। पानी की निकासी के लिए रोड के बाजू से नाली बनी हुई है। लेकिन काफी वक्त से नाली की सफाई नहीं हुई। जिससे मिट्टी और गंदगी से पूरी नाली पैक हो चुकी है।
2 – सिविल पांच
सिविल वार्ड पांच में नालियों की सफाई न होना, हर रोज कचरा वाहन नहीं पहुंचना, सड़कों पर लगे कचरे
के ढेरों का समय से उठाव नहीं होने की परेशानी लोगों ने बताई है। इसी तरह की परिस्थितियां पलंदी चौराहा क्षेत्र में भी देखने को मिल रहीं हैं।
3 – फुटेरा वार्ड
फुटेरा वार्ड में कुछ क्षेत्र ऐसे हैं, जहां पर सफाई व्यवस्था गड़बड़ाई हुई है। नरसिंह मंदिर के समीप की नाली की बात करें, तो पानी निकासी की नाली ही जमींदोज हो गई है। इधर महाकाली चौराहा से पथरिया फाटक मार्ग पर चौरहे के समीप कचरा रोड पर ही फेंका जाता है। यहां पर नपा एक कंटेनर भी नहीं रख पाई है।
४ – वार्ड नंबर एक शोभानगर
यहां के लोगों का कहना है कि वार्ड टिपर वाहन पंद्रह दिनों से नहीं आया है। लोगों को मजबूरीवश कचरा सड़क किनारे फेंकना पड़ रहा है। यही हाल यहां की नालियों का है। नालियों की भी सफाई नहीं हो रही है, हल्की बारिश में छोटी नालियां ओवर फ्लो हो जाती हैं और सड़क से गंदा पानी बहता है।

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