लोन के 70 फीसदी आवेदन बैंक में नहीं होते स्वीकृत

लोन के 70 फीसदी आवेदन बैंक में नहीं होते स्वीकृत

By: Sanket Shrivastava

Published: 24 Jun 2020, 11:58 PM IST

दमोह . कोरोना वायरस के कारण लागू किए गए लॉकडाउन की वजह से जिले में हजारों लोग बेरोजगार हुए हैं। सबसेे ज्यादा युवा बेरोजगारी बढ़ी है। इनको आत्मनिर्भर बनाने केे लिए सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत लोन देने की व्यवस्था जा रही है। लेकिन वास्तव में लोगों के बैंकों से लोन मिलना तो दूर लोन के आवेदन भी स्वीकृत नहीं किए जा रहे।
जानकारी के मुताबिक विभिन्न योजनाओं के तहत लोन के आवेदन करने वाले बेरोजगारों के 70 फीसदी से अधिक आवेदन स्वीकृत नहीं किए जा रहे। ऐसे में बेरोजगार युवा निराश हो रहे हैं। लोन के लिए आवेदन करने वाले बेरोजगार युवा बैंकों के बार.बार चक्कर कांट रहे हैं। तमाम परेशानियों का सामना करनेे के बाद बैंक से लोन लेने की उम्मीद उस वक्त टूट जाती है, जब अधिकांश युवाओं के आवेदन ही निरस्त कर दिए जाते हैं। ऐसे में युवाओं का आत्मनिर्भर बनने का सपना टूट रहा है। सरकारी लोन लेकर रोजगार शुरू करने का सपना देख रहे युवा बैंकों की कार्यप्रणाली से त्रस्त होकर लोन की उम्मीद छोड़ रहे हैं। एक तरफ सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाकर खुद का व्यापार शुरू कराने को कह रही है। वहीं दूसरी तरफ बैंकों में 70 फीसदी से अधिक लोन के लिए किए जाने वाले आवेदन स्वीकृत नहीं किए जा रहे हैं। जिससे बेरोजगारों की संख्या जस की तस है। बैंकों से बेरोजगारों को लोन स्वीकृत न होने का प्रमुख कारण लोन के लिए कोई गारंटी न होना है। जबकि सरकार द्वारा बिना गारंटी के लोन देने का दावा किया जा रहा है। रोजगार शुरू करने के लिए बैंकों द्वारा गिने.चुने लोगों का लोन स्वीकृत करके खानापूर्ति ही की जा रही है। बेरोजगार युवाओं को लोन स्वीकृत कराने में जनप्रतिनिधियों द्वारा बिल्कुल भी सहयोग नहीं किया जा रहा।

Sanket Shrivastava
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