90 फीसदी किसानों की आय का साधन चना बिक रहा माटी मोल

90 फीसदी किसानों की आय का साधन चना बिक रहा माटी मोल

By: Sanket Shrivastava

Published: 16 May 2020, 03:58 PM IST

दमोह. मप्र देश का बड़ा चना उत्पादक प्रदेश है। बुंदेलखंड क्षेत्र का 90 फीसदी किसान की आय का मुख्य स्रोत चना है। सरकारी समर्थन मूल्य खरीदी केंद्र से किसान के निराश लौटने पर व्यापारी औने-पौने दाम में चना की फसल खरीद रहे हैं।
भारतीय किसान संघ के मीडिया प्रभारी राममिलन पटेल ने बताया कि मुख्य साधन तथा उत्पादन चना ही रहता है। क्योंकि इस क्षेत्र में सिंचाई के साधन नहीं है। क्षेत्र में तेवड़ा की बुवाई नहीं की जाती। खेतों में पूर्व से ही विद्यमान खरपतवार के साथ में तेवड़ा भी बोवनी के बाद में उग जाता है। यह बीज चने में एक या दो परसेंट मिल जाता है।
पूर्व में भी चना में एक या दो परसेंट मिला रहता था, लेकिन उसकी खरीदी बराबर होती रही। इस वर्ष भी चने की खरीदी की प्रक्रिया चालू है परंतु वह सिर्फ दिखावे के लिए हो रही है। तेवड़ा मिक्सिंग के नाम पर किसानों को केंद्रों से बैरंग वापस किया जा रहा है। मंडी में चना व्यापारी 3500 या 3700 के बीच खरीद रहा है। जिससे किसान को कम से कम एक हजार रुपए प्रति क्विंटल का नुकसान हो रहा है। किसान की मेहनत का लाभ व्यापारी उठा रहे हैं, इन्हीं व्यापारियों द्वारा चने के भाव 5 हजार से लेकर 7 हजार तक कर दिए जाएंगे।

Sanket Shrivastava
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