एक सप्ताह बाद आरोपी डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज, पीडि़त युवती को मिली कुछ राहत

धोखाधड़ी करके चला रहा था डिस्पेंसरी, बीएएमएस की डिग्रीधारी ने बाहर लिखाया था एमबीबीएस

 

दमोह/हटा. हटा नगर में सरकारी अस्पताल के सामने करीब एक साल से भी अधिक समय से कथित डिस्पेंसरी चलाने वाले डॉक्टर के खिलाफ आखिरकार पुलिस को मामला दर्ज करना पड़ा। बीएमओ के प्रतिवेदन से डॉक्टर के खिलाफ धोखाधड़ी करने सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। शुक्रवार को हुए घटनाक्रम के बाद आरोपी के खिलाफ एक सप्ताह बाद गुरुवार देर शाम मामला दर्ज हो सका।

शुक्रवार १० जनवरी रात करीब ८.३० बजे एक युवती को पैर में दर्द होने के बाद उसने अपना इलाज हटा के सरकारी अस्पताल के सामने स्थित एक कथित डिस्पेंसरी में कराया था। जिसके बाद उसका गलत इलाज होने के बाद हालत बिगडऩे पर उसे पहले हटा के सरकारी अस्पताल में फिर जिला अस्पताल उसके बाद जबलपुर में इलाज चल रहा है। युवती अभी तक पूरी तरह से ठीक नहीं हो सकी है। कथित डॉक्टर के खिलाफ पूरे मामले में पत्रिका ने लगातार खबर का प्रकाशन किया। सबसे पहले ११ जनवरी शनिवार को को 'निजी अस्पताल में महिला की हालत बिगड़ी, पहुंचाया सरकारी अस्पतालÓ शीर्षक से खबर का प्रकाशन किया था। उसके बाद रविवार को 'कथित डॉक्टर के इलाज से बिगड़ी थी युवती की तबीयतÓ शीर्षक से खबर का प्रकाशन किया। इसके बाद सोमवार को 'महिला की हालत बिगड़ी किया जबलपुर रेफरÓ तथा मंगलवार को 'युवती की हालत गंभीर, जबलपुर में जारी है इलाजÓ शीर्षक से खबर का प्रकाशन किया गया। बुधवार के अंक में 'फर्जी निकलना डॉक्टर, बीएमओ ने भेजा प्रतिवेदन, अब होगी एफआइआर दर्जÓ शीर्षक से खबर का प्रकाशन किया। जिसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेकर गुरुवार शाम आरोपी कथित डॉक्टर राकेश दाहिया के खिलाफ धोखाधड़ी करने सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया।
प्रतिवेदन में आई सच्चाई सामने -
पूरे मामले में लगातार खबर प्रकाशन के बाद मंगलवार को बीएमओ डॉ. पीडी करगैंया अपने साथ डॉक्टर की टीम लेकर कथित डॉक्टर की डिस्पेंसरी पहुंचे। जहां पर उन्होंने देखा कि डॉ. राकेश कुमार ने बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाकर उसमें एमबीबीएस लिखा हुआ था। जबकि उसके पास बीएएमएस की डिग्री होने की बात कही थी। हालांंकि उसने किसी भी तरह से कोई भी दस्तावेज दिखाने से मना कर दिया था। चार दिन बात दिखाने की बात कही थी। इस दौरान एमओ डॉ. आरपी कोरी, पर्यवेक्षक डॉ. बीएल तंतुवाय, काउंसलर डॉ. उदय कुमार दुबे भी जांच टीम में मौजूद थे। टीम प्रभारी बीएमओ डॉ. पीडी करगैंया ने बताया कि कथित नर्सिंग, डिस्पेंसरी में तीन बिस्तर का अस्पताल संचालित किया जा रहा है। जिसका रजिस्ट्रेशन भी नहीं है। जबलपुर के किसी अन्य डॉक्टर के नाम पर डिस्पेंसरी व मेडीकल को चलाया जा रहा था। कथित डॉक्टर राकेश दाहिया को लेकर उन्होंने जांच प्रतिवेदन बनाते हुए सीएमएचओ, एसडीओपी हटा, थाना प्रभारी हटा के समक्ष भेज दिया था। इसके अलावा पीडि़त युवती ने भी लिखित शिकायत पत्र शुक्रवार रात को ही पुलिस को दे दिया था। लेकिन पुलिस उसके बयान दर्ज नहीं कर पाई। लेकिन जब युवती की लगातार हालत बिगड़ी और बीएमओ ने भी अपना जांच प्रतिवेदन थाना प्रभारी को सौंपा, साथ ही पत्रिका में लगातार खबरों का प्रकाशन किया गया तो गुरुवार देर शाम आरोपी राकेश दाहिया के खिलाफ मामला दर्ज हो सका।
जबलपुर में इलाजरत है युवती -
जबलपुर के निजी अस्पताल में इलाजरत युवती शिखा पांडेय ने बताया कि उसकी हालत में अभी भी सुधार नहीं है। पुलिस ने भी अभी तक कोई ठोस कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। शिखा का कहना है कि उसे उम्मीद है कि दमोह पुलिस अधीक्षक उसे न्याय जरूर दिलाएंगे। हालांकि देर शाम आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज होने की खबर जब उसे देर रात मिली तो उसे न्याय की उम्मीद पूरी तरह से जाग गई।
जल्द होगी गिरफ्तारी -
आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। जिसकी जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।
विजय मिश्रा - थाना प्रभारी हिंडोरिया

lamikant tiwari Desk
और पढ़े
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned