मिसाल: बेटे की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद पिता ने युवाओं के हाथों में थमाए हेलमेट

Damoh Hindi News: सड़क हादसे में जिस बेटे की मौत हुई उसकी तेरहवीं पर पिता ने लोगों को भेंट किए हेलमेट, मृतक के पिता ने कहा हेलमेट के अभाव में किसी के घर का चिराग न बुझें, बेटे की मौत का अफसोस जताकर लोगों को बचाने किया पिता ने किया जागरुक

दमोह. दमोह जिले तेजगढ़ में रहने वाले शिक्षक महेंद्र दीक्षित के जवान बेटे लकी की सड़क दुर्घटना में मौत हो जाती है। जवान बेटे की असमय मौत के बाद पिता को गहरा सदमा पहुंचा है। लकी की मौत के बाद कुछ दिनों तक गुमसुम रहने वाले पिता ने अब पुत्र के तेरहवीं कार्यक्रम में दूसरों के बच्चे को सलामत रखने का बीड़ा उठाया है। उन्होंने युवाओं को हेलमेट तो वितरित किए ही, साथ ही बिना हेलमेट और सुरक्षा के वाहन न चलाने की नसीहत भी दी। बेटे की इच्छा पूर्ति के लिए भी नि:शुल्क कॅरियर गाइडेंस क्लास शुरू करने की बात कही है। बेटे की मौत पर पिता द्वारा दी गई इस मिसाल की सभी ने सराहना की हैं।

दरअसल, पिता महेंद्र दीक्षित को मलाल है कि उनका बेटा अगर हेलमेट पहनकर बाइक चला रहा होता तो शायद ये दिन आज नहीं देखना होता। सड़क हादसा का शिकार हुए जवान बेटे की तेरहवीं कार्यक्रम के दौरान महेंद्र दीक्षित ने लोगों को हेलमेट भेंट करते हुए सुरक्षा का संदेश दिया और लोगों को सड़क हादसे में बचने हेलमेट का इस्तेमाल जरूर करने की नसीहत दी।

मिसाल: बेटे की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद पिता ने युवाओं के हाथों में थमाए हेलमेट

बेटे की मौत पर पिता की मिसाल-


दमोह जिले के तेजगढ़ संकुल केंद्र अंतर्गत आने वाले टपरिया प्राथमिक स्कूल में पदस्थ शिक्षक महेंद्र दीक्षित के बेटे लकी ऊर्फ विभांशु दीक्षित की मौत तेंदूखेड़ा तहसील अंतर्गत आने वाले सर्रा पहुंच मार्ग पर 21 नवंबर 2019 को सड़क हादसे में हो गई थी। लकी जब सर्रा गांव जा रहे थे तभी इनकी बाइक एक भैंस से टकरा गई और गंभीर हादसा हुआ था। दुर्घटना के दौरान लकी हेलमेट नहीं पहने हुए था। बेटे की असमय हुई मौत पर पिता का मानना है कि हेलमेट ही है जो इस तरह के हादसे के वक्त जान बचा सकता था। शिक्षक महेंद्र दीक्षित ने कहा कि जिस तरह उनके घर का चिराग बुझा किसी और के साथ ऐसा न हो। इसलिए बेटे की याद में लोगों को तेरहवीं के इस अवसर पर हेलमेट दिए हैं।

मिसाल: बेटे की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद पिता ने युवाओं के हाथों में थमाए हेलमेट

युवाओं को दी नसीहत, हेलमेट भी-


तेरहवीं कार्यक्रम में बिना हेलमेट पहुंचे लोगों को पिता महेंद्र दीक्षित नसीहत देते नजर आए। बेटे का उदाहरण था सो अलग। युवाओं को महेंद्र हाथ जोड़कर विनती करते नजर आए कि जब तक सब कुछ सही चल रहा है तो ठीक, लेकिन दुर्घटना होने के बाद सिर पीटने से कुछ नहीं होगा। मौका है अब भी आप सड़क पर चलते समय सुरक्षा संसाधनों का उपयोग करें। उन्होंने बाइक से आए सभी लोगों को हेलमेट सौंपे और कहा कि वचन लेकर जाएं कि बिना हेलमेट बाइक नहीं दौड़ाएंगे, फिर चाहे कितनी भी इमरजेंसी क्यों न हो। बेटे की मौत के बाद जब पिता की नसीहत सुनकर युवा भी भावुक होते नजर आए। साथ ही दूसरों के घर बचाने पिता द्वारा शुरू किए गए प्रयास का सहभागी बनने की बात करते नजर आए।

मिसाल: बेटे की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद पिता ने युवाओं के हाथों में थमाए हेलमेट

पिता अब बेटे का भी करेंगे सपना पूरा-


शिक्षक महेंद्र दीक्षित ने बताया कि उनका बेटा हाल ही में इंदौर से पढ़कर वापस आया था। यहां आकर उसने आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में स्कूल खोल लिया था। उसका सपना था कि पिछड़े क्षेत्र के बच्चे भी पढ़-लिखकर आगे बढ़ें और अपना कॅरियर बनाएं। अब बेटे की याद में युवाओं के लिए तहसील मुख्यालय तेंदूखेड़ा में 1 जनवरी 2020 से नि:शुल्क कॅरियर सेंटर शुरू करने जा रहा हूं। जिससे बेटा का भी सपना पूरा होगा।

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Samved Jain
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