कुत्ता कांटे तो कहां जाएं इलाज कराने जब यह हैं जिले के सरकारी अस्पतालों के हालात

छह माह से डिमांड नहीं हुई पूरी

 

By: pushpendra tiwari

Published: 07 Jul 2019, 04:03 AM IST

दमोह. जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के हालात किस स्तर पर हैं इसका आंकलन एंटी रैबीज वैक्सीन की उपलब्धता से लगाया जा सकता है। सामने आया है कि छह माह बीत चुके हैं लेकिन वैक्सीन की उपलब्धता शासन स्तर से नहीं हुई है। चाहे जिला अस्पताल हो या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र यहां पहुंचने वाले मरीज को कुत्ता, बिल्ली, बंदर के कांटने पर एंटी रैबीज वैक्सीन नहीं दिया जा रहा है। मामले में खास तथ्य यह है कि यह वैक्सीन कब उपलब्ध होगा इसकी जानकारी भी अधिकारियों के पास नहीं है। स्वास्थ्य अधिकारी वैक्सीन उपलब्धता की महज उम्मीद ही लगाए हैं।
स्टोर कीपर अविनाश तिवारी द्वारा बताया गया है कि जिला अस्पताल में कुत्ते के कांटने से प्रतिदिन एक सैकड़ा से अधिक मरीज पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर वैक्सीन नहीं होने की वजह से मरीज को जिला अस्पताल में इलाज मिलने की उम्मीद रहती है। लेकिन जिला अस्पताल आने के बाद मरीज को वैक्सीन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। बताया गया है वैक्सीन की उपलब्धता स्वास्थ्य केंद्रों में होने के समय जिला अस्पताल आने वाले मरीजों की संख्या वर्तमान स्थिति जितनी नहीं रहती है।
छह माह से नहीं हुई डिमांड पूरी
जिला अस्पताल के स्टोर से प्राप्त जानकारी के अनुसार 20 जनवरी २०१९ को शासन स्तर पर 2000 वैक्सीन उपलब्ध कराए गए थे। इसके बाद आज दिनांक तक वैक्सीन की उपलब्धता नहीं हो सकी है। वैक्सीन की मांग के लिए कई प्रयास किए जा चुके हैं। स्टोर कीपर तिवारी ने कहा कि 10 हजार वॉयल की मांग की गई है। लेकिन यह मांग कब पूरी होगी यह नहीं बताया जा सकता है।
अब उधार वैक्सीन भी नहीं मिल रहे
जिला अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन की कमी को कुछ प्रतिशत में दूर करने के लिए अस्पताल प्रबंधन द्वारा दूसरे जिलों के जिला अस्पतालों से उधार रुप में वैक्सीन मंगाए। इस संबंध सामने आया है कि 05 अप्रैल को 200 वैक्सीन सागर जिला अस्पताल से मंगाए गए थे। इसके अलावा 11 मई को टीकमगढ़ जिला अस्पताल से 200 वैक्सीन, 14 मई को सीएमएचओ सागर से 200 वैक्सीन , 21 मई को छतरपुर जिला अस्पताल से 40 वैक्सीन व पुन: जिला अस्पताल सागर से 17 जून को 200 वैक्सीन उधार मंगाए गए हैं। उधार हाली में मंगाए गए यह वैक्सीन जिला अस्पताल में वैक्सीन की खपत के विरुद्ध न के बराबर उपलब्ध होना साबित हुए।
सीएमएचओ से मिले 420 वैक्सीन
जिला अस्पताल में वैक्सीन की कमी आने पर सीएमएचओ कार्यालय स्थित स्टोर से वैक्सीन की मांग की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार सीएमएचओ स्टोर से ५२० वैक्सीन विभिन्न तारीकों में उपलब्ध कराई गई। इनमें 23 मार्च को 200 वैक्सीन, 30 मार्च को 40 वैक्सीन, 03 अप्रैल को 80 व 8 अप्रैल को 300 वैक्सीन उपलब्ध कराए गए।
प्रदेश के अन्य जिलों में भी यही हालात
स्टोर कीपर अविनाश तिवारी का कहना है कि दमोह जिला अस्पताल के हालात की तरह प्रदेश के अन्य जिलों के हालात भी लगभग ऐसे ही हैं। अन्य जिलों के अस्पतालों में भी एंटी रैबीज वैक्सीन की कमी बनी हुई है। एक जिले से दूसरे जिलों को वैक्सीन उपलब्ध तो कराए गए लेकिन अब सभी जगहों पर कमी आ गई है जिससे अब दूसरे जिलों से भी वैक्सीन उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। सभी जिलों के इस हालात पर तिवारी का कहना है कि मीटिंग में यह बात सामने आई थी कि इस वैक्सीन को देश की तीन फैक्ट्रियां उपलब्ध करातीं हैं, लेकिन दो फैक्ट्रियों से वैक्सीन उपलब्ध नहीं हो रहा है जिसकी वजह से यह स्थिति बनी हुई है।
इस मौसम में बढ़ जातीं हैं कुत्तों के कांटने की घटनाएं
बारिश के इस मौसम में कुत्तों के कांटने की घटनाएं आमतौर पर बढ़ जातीं हैं। जिला अस्पताल में रोजाना पहुंचने वाले मरीजों की संख्या भी इस ओर इशारा करती है। बारिश के मौसम में आवारा कुत्त्तों का आतंक अधिक होता है। जानकारों के अनुसार यह प्रजनन काल भी माना जाता है जिसकी वजह से कुत्त्तों के कांटने की घटनाएं बढ़ जातीं हैं। इन परिस्थितियों से निपटने के लिए जिले के स्वास्थ्य सुविधाओं के हालात बिल्कुल विपरीत हैं। वैक्सीन की कमी की वजह से परिस्थितियां चौपट बनी हुई हैं।

pushpendra tiwari Reporting
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