बाबू ने कहा कलेक्टर को देना है रिश्वत, मुझे भी चाहिए, चलो जल्दी एटीएम से निकालो

Laxmi Kant Tiwari

Publish: May, 18 2019 11:33:32 PM (IST)

Damoh, Damoh, Madhya Pradesh, India

 

दमोह. कलेक्टर के नाम से कलेक्ट्रेट में पदस्थ एक लिपिक द्वारा रिश्वत मांगने के आरोप में लिपिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आरोपी लिपिक के खिलाफ पीडि़त द्वारा शिकायत देने के बाद उसके खिलाफ जांच के निर्देश भी कलेक्टर ने दिए हैं। एडीएम आनंद कोपरिहा द्वारा मामले की जांच की जा रही है। शनिवार शाम करीब ६ बजे हुई इस कार्रवाई को लेकर आरोपी लिपिक के फोन नहीं उठाने पर उसकी तलाशी की जा रही है।
यह है पूरा मामला -
शनिवार शाम करीब छह बजे के लगभग एक पीडि़त महिला अपने पति के साथ कलेक्ट्रेट पहुंची। जिसके साथ एक भाजपा नेता भी कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। कलेक्टर को पीडि़त मीनू सोनी पति गोपाल सोनी निवासी पलंदी चौक ने बताया कि उसकी बेटी ऋषिका सोनी जो हार्निया के रोग से पीडि़त थी। जिसका करीब पांच माह पूर्व ऑपरेशन हुआ था। गरीब होने के कारण उन्होंने रेडक्रॉस अध्यक्ष कलेक्टर को एक आवेदन दिया था। जिसमें उसके नाम से २० हजार रुपए की राशि स्वीकृत हुई थी। बाद में १५ मई को हितग्राही मीनू पति गोपाल सोनी को चेक क्रमांक 490 392 एसबीआई बैंक दमोह के माध्यम से २० हजार रुपए की आर्थिक मदद दी गई थी।

लिपिक ने किया हितग्राही को फोन मांगी रिश्वत -
कलेक्ट्रेट के कक्ष क्रमांक ५४ में पदस्थ रेडक्रॉस का काम देखने वाले लिपिक संजू बाबू ने हितग्राही को शुक्रवार को फोन किया। जिसने कहा कि उसने २० हजार रुपए रेडक्रॉस से दिलवा दिए हैं। अब १० हजार रुपए की रिश्वत कलेक्टर को व ५ हजार रुपए मुझको को देना होंगे। लेकिन मीनू सोनी गरीब थी जिसने कहा कि अगर वह २० हजार रुपए में से १५ रिश्वत देगी तो उसे क्या फायदा होगा। इसके बाद शनिवार को संजू सोनी नामक लिपिक पीडि़त के घर पहुंच गया। जिसने १५ हजार रुपए देने की मांग की। तो पीडि़त मीनू ने अपने पति गोपाल सोनी को संजू बाबू के साथ शनिवार को बड़ोदरा बैंक के एटीएम भेजा जहां से जहां से पूरे २० हजार रुपए निकालकर दे दिए और कहा कि अब उसे सरकार की कोई मदद नहीं चाहिए। लिपिक भी २० हजार रुपए लेकर वहां से चला गया।
भाजपा नेता के साथ कलेक्टर से मिलने पहुंची पीडि़त दंपति -
इसके बाद शनिवार शाम करीब ६ बजे के लगभग कलेक्ट्रेट में कलेक्टर नीरज कुमार सिंह से मिलने मीनू सोनी उसका पति गोपाल व भाजपा नेता मनीष तिवारी, विशाल शिवहरे भूरे व अमित वर्मा के साथ पहुंचे। जिन्होंने कलेक्टर को पूरी हकीकत बताते हुए लिपिक द्वारा की गई बातचीत का ऑडियो भी सुनाया।

पूरी बात समझने व ऑडियो सुनने के बाद कलेक्टर ने तुरंत ही एडीएम आनंद कोपरिहा को बुलाया। फिर कलेक्टर ने स्वयं अपने मोबाइल से लिपिक को फोन लगाया। अन्य अधिकारियों से भी फोन लगवाया लेकिन लिपिक ने फोन नहीं उठाया। इस बीच कलेक्टर ने एडीएम से कहा कि अगर लिपिक फोन नहीं उठाता है तो उसे पुलिस से उठवाओ।

कलेक्टर ने स्वयं के मोबाइल से निकालीं तस्वीरें -
इसके बाद कलेक्टर ने स्वयं के मोबाइल से पीडि़त की पासबुक की फोटो खीचीं। जिसमें २० हजार रुपए की राशि निकालने की एंट्री भी थी। फोटो लेंने के बाद पूरी कार्रवाई करने के लिए एडीएम को निर्देशित किया।
किया निलंबित-
एडीएम आनंद कोपरिहा ने बताया कि उन्हें कलेक्टर ने निर्देश दिए थे कि लिपिक द्वारा जो उनके नाम से रिश्वत मांगने का मामला है। उसमें तुरंत ही जांच करते हुए कार्रवाई कर निलंबित किया जाए। इसके बाद प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर लिपिक को निलंबित कर दिया गया है। आगे की कार्रवाई जारी है। जिसमें बर्खास्तगी भी हो सकती है।

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