नाबालिग को बेचने वाले दोनों आरोपी गिरफ्तार

सायबर सेल की मदद से आरोपी किए गिरफ्तार

By: Sanket Shrivastava

Published: 03 Jan 2020, 09:14 AM IST

दमोह. नोहटा क्षेत्र में नाबालिग के अपहरण के मामले में विवेचना करते हुए नोहटा थाना प्रभारी ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को सायबर सेल की मदद से पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेजा गया है।
मामले में नोहटा थाना प्रभारी सुधीर कुमार बेगी ने बताया कि 12 अपै्रल २०19 को एक फरियादी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग लड़की एवं भतीजी को अज्ञात व्यक्ति अपहरण करके ले गया है। अपहरणकर्ता एवं अपहर्ताओं की तलाश में नोहटा पुलिस दिल्ली, आगरा, गुडग़ांव में आरोपियों की तलाशी में पहुंची। लेकिन कोई पता नहीं चला। बाद में 27 दिसंबर को सूचना प्राप्त हुई कि जिला अस्पताल सागर में एक अज्ञात लड़की का शव रखा है। जो परिजनों से शिनाख्त कराई गई परिजनों द्वारा उक्त लड़की की पहचान अपनी बेटी व भतीजी के रूप में की गई। फरियादी द्वारा एक आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया, कि गांव के नोनेसिंह ठाकुर व धर्मेंद्र रजक निवासी मालथोन ने उसका अपहरण कर जबरदस्ती बलात्कार किया है। जिसके बाद 20 दिसंबर को आरोपी धर्मेंद्र रजक व उसकी नाबालिग भतीजी को बाइक पर बैठाकर उसके घर आया था और बोल रहा था कि नोने सिंह की रिपोर्ट कटवा दो नहीं तो तुम्हारी लड़की व भतीजी नहीं मिलेगी। उसकी भतीजी ने बताया कि नोनी सिंह एवं धर्मेंद्र रजक उसकी बहन के साथ मारपीट करते हैं और जबरदस्ती दोनों के साथ गंदा काम करते हैं। विवेचना में धारा 366, 376क 4/5 पास्को एक्ट बढ़ाया गया। बाद में आरोपियों की तलाश की गई।
थाना प्रभारी बेगी ने बताया कि आरोपी अशोक रैकवार पिता किशन रैकवार निवासी घाट पिपरिया थाना हिंडोरिया एवं आरोपी नोने सिंह ठाकुर उर्फ नरेंद्र सिंह ठाकुर पिता उमराव सिंह लोधी निवासी खमरिया थाना नोहटा को रेलवे स्टेशन कैंट आगरा से गिरफ्तार किया गया।
बेच दी थी नाबालिग
नाबालिग के पिता ने बताया कि 11 अपै्रल को आरोपी नोनी सिंह ठाकुर व धर्मेंद्र रजक बहला-फुसलाकर उसकी लड़की एवं भतीजी को गांव से भगा कर ले गया था, रास्ते में अशोक रैकवार भी मिल गया था। फिर यह तीनों आरोपी दोनों नाबालिगों को लेकर गुरु ग्राम पहुंचे और वहां पर उन दोनों नाबालिक लड़कियों से जबरदस्ती गंदा काम किया। फिर दोनों आरोपियों ने लड़की को अशोक रैकवार को बेच दिया था। इसके बाद अशोक रैकवार गुडग़ांव से आगरा में रहने लगा था। बाद में 2 जनवरी 2020 को आरोपी नोने सिंह ठाकुर एवं अशोक रैकवार दोनों नाबालिगों को लेकर कहीं बाहर जाने की फि राक में था। तभी पुलिस टीम द्वारा दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जिनके चंगुल से नाबालिग को भी गिरफ्तार किया।

Sanket Shrivastava
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