भाजपा का अभेद्य गढ़ भेदने कांग्रेस दमदार प्रत्याशी की खोज में

भाजपा का अभेद्य गढ़ भेदने कांग्रेस दमदार प्रत्याशी की खोज में

Rajesh Kumar Pandey | Publish: Sep, 05 2018 12:29:13 PM (IST) Damoh, Madhya Pradesh, India

भाजपा प्रत्याशी अपने विकास के दम पर जीतने का भर रहे हैं दम

दमोह. भाजपा का अभेद्य गढ़ बन चुकी दमोह विधानसभा में इस बार कांग्रेस अपना पचरम फहराने के लिए प्रत्याशी चयन में सतर्कता बरतते हुए मजबूत प्रत्याशी को मैदान में लाने की रणनीति पर काम कर रही है। दमोह से विधायक व वित्त मंत्री जयंत कुमार मलैया 1990 से जीतते आ रहे हैं। उन्हें हराने के लिए कांग्रेस के कई योद्धा परास्त हो चुके हैं, जिनमें वर्तमान कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजय टंडन भी शामिल हैं। इस बार कांग्रेस से टिकट के दावेदारों की संख्या तो दो दर्जन से अधिक हैं, लेकिन अभी तक प्रबल दावेदार के रूप में राजा पटैरिया, मुकेश नायक, रतन चंद जैन, वीरेंद्र दवे, मनु मिश्रा, निधि श्रीवास्तव, राहुल सिंह व कमलेश भारद्वाज के नामों की चर्चाएं जोरों पर चल रही हैं।

पूर्व मंत्री राजा पटैरिया- पूर्व मंत्री, सतत जनसंपर्क, प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष, पीसीसी सदस्य, ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी सदस्य
मनु मिश्रा- पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष, ब्राह्मण के अलावा मुस्लिम समाज और युवाओं में अच्छी पैठ
रतन चंद्र जैन- पूर्व कृषि उपज मंडी अध्यक्ष, पत्नी नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव लड़ी थीं जो कम मतों से पराजित हुई थीं। सामाजिक संगठनों, व्यापारी वर्ग में स्वच्छ छवि।
बसपा, आम आदमी पार्टी- फिलहाल कोई नहीं। ऐन मौके पर सक्रिय हो सकते हैं।
भारतीय शक्ति चेतना पार्टी (क्षेत्रीय)- धार्मिक संगठन भगवती मानव कल्याण संगठन की राजनीतिक पार्टी 2013 में जमानत जब्त करा चुकीं आरती सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है।
्रनिर्दलीय- सामाजिक कार्यकर्ता दिवाकर करमरकर विजय। पिछले चुनाव में उन्हें महज 1505 वोट मिले थे।

चुनौती/मुद्दे
- बेरोजगारी, उद्योग
- मेडिकल कॉलेज छिनना, इससे पहले यूनिवर्सिटी का छतरपुर जाना
- बटियागढ़ में प्रस्तावित स्टील प्लांट का टलना।
- जुझारघाट पेयजल परियोजना का काम चार साल बाद भी पूरा नहीं।
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वर्जन
भाजपा से केवल जयंत मलैया ही प्रत्याशी हैं। उनके द्वारा कराए गए विकास कार्य की बदौलत इस बार जीत का अंतर काफी बड़ा होगा।
देवनारायण श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष भाजपा दमोह

मलैया के पास जिस हिसाब से विभाग रहे हैं, उस हिसाब से जिले का विकास नहीं हुआ है। योजनाओं का लाभ कुछ जगह सीमित है, इसलिए इस बार कांग्रेस उन्हें हराने की रणनीति पर काम कर रही है।
अजय टंडन, जिला कांग्रेस अध्यक्ष दमोह

दोनों दलों ने आम आदमी के दु:ख-तकलीफ व उसकी सबसे जरूरी आवश्यकता क्या है, इस पर मुंह मोढ़ा है। कांग्रेस व भाजपा के विपरीत हवा बहना शुरू हो रही है। यह चुनाव की घोषणा तक सामने आ जाएगा।
राजेंद्र तिवारी, युवा व्यवसायी

वर्जन
मैंने अपने राजनीतिक कार्यकाल में किसी से विरोध नहीं पाला है। जो भी मेरे पास जो भी काम लेकर पहुंचा, उसे अपनी विधानसभा व जिले का व्यक्ति समझकर मदद की है। गांव-गांव समुचित विकास व जिले में सिंचाई परियोजनाओं का जाल बिछाया है। यही मेरी जीत का आधार है।
जयंत मलैया, वित्त मंत्री, विधायक दमोह विधानसभा

पहला चुनाव था, इसलिए संगठन के कार्यकर्ताओं की संख्या हम वोटों में परिवर्तित नहीं कर पाए थे। चुनाव हारने के बाद हमने फिर पांच साल तक प्रयास किए हैं। इस बार बेहतर प्रदर्शन करने के लिए मैदान में हैं। जिसमें हमारी संगठन शक्ति काम कर रही है।
- आरती सिंह, भारतीय शक्ति चेतना पार्टी प्रत्याशी दमोह

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