तारादेही व तेजगढ़ रेंज में सागौन के साथ अन्य पेड़ों की कटाई

सागौन तस्करों पर नहीं लग पा रहा अंकुश

By: Rajesh Kumar Pandey

Published: 21 Aug 2021, 10:11 PM IST

दमोह/ तेंदूखेड़ा. तारादेही व तेजगढ़ वन परिक्षेत्र की बीटों में सागौन के साथ अन्य प्रजातियों के पेड़ों पर कुल्हाड़ी चल रही है। दोनों रेंज से शनिवार को जो तस्वीर सामने आई हैं, उनमें हाल ही में काटे गए पेड़ों के ठूंठ शामिल हैं। जिनमें सागौन की सर्वाधिक संख्या है। 1४ अगस्त को तेंदूखेड़ा में दो मकानों से सागौन के फर्नीचर के साथ लकड़ी पकड़े जाने के बाद अब तक वन विभाग यह नहीं बताया पाया कि कितनी लागत की और कितनी लकड़ी जब्त हुई। इस ढीलाशाही के कारण वन परिक्षेत्रों की बीटों में हरियाली पर लगातार कुल्हाड़ी चल रही है।
तारादेही वन परिक्षेत्र की बरमान बरमान बीट में 40 से 50 पेड़ों को काटा गया है। जिसमें सागौन सहित अन्य प्रजाति के पेड़ शामिल हैं। इसके अलावा चंदना बीट, खारी देवरी बीट और बरटा बीट में आए दिन पेड़ों की अवैध कटाई हो रही है। तेजगढ़ वन परिक्षेत्र अंतर्गत आने वाले बीट कटंगी में सागौन के पेड़ों की बड़े पैमाने पर कटाई हो रही है। जिसमें अधिकांश सागौन के पेड़ गायब होते जा रहे है। स्थिति यह है कि वनभूमि पर जगह-जगह पेड़ के ठूंठ नजर आ रहे हैं।
तेंदूखेड़ा की बगदरी बीट में हुई थी कटाई
तेंदूखेड़ा वन परिक्षेत्र की बगदरी बीट में सड़क किनारे पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया था। जिसमें तारादेही वन अमले को उसकी कटाई की गणना व जांच के निर्देश थे। जिसका भी पता नहीं चला है। जहां तारादेही का वन अमला जांच करने के लिए तेंदूखेड़ा तो आता है। लेकिन एक नजर अपने वन परिक्षेत्रों की बीटों पर भी डाले जहां पर सबसे ज्यादा कटाई होना सामने आ रहा है। तारादेही वनपरिक्षेत्र में पदस्थ वनकर्मियों अपने मुख्यालय की वजह तेंदूखेड़ा व आसपास के गांव में रहते हैं जो दो तीन दिन में बीट का भ्रमण करके वापस आ जाते हैं।
अवैध सागौन का जखीरा मिला, जांच गायब
14 अगस्त की शाम को उप वनमंडल अधिकारी रेखा पटेल व तेंदूखेड़ा वन परिक्षेत्र शीलसिंधु श्रीवास्तव के साथ वनकर्मियों छापेमारी कार्रवाई करते हुए वार्ड क्रमांक 9 में एक मकान से अवैध सागौन की लकड़ी का जखीरा मिला था। जिस पर दो दिन तक कार्रवाई चलती रही। जहां एक मकान के बाद दूसरे मकान में भी अवैध सागौन की लकड़ी बड़ी संख्या में पाई गई थी। जहां इतनी अधिक सागौन की लकड़ी देखने के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया था। कड़ी कार्रवाई की बात कही गई थी। लेकिन एक सप्ताह होने के बाद भी इस कार्रवाई का कोई पता नहीं चला है। जहां बताया गया है कि अभी सागौन की लकड़ी की गिनती चल रही है। जिसके बाद बताया जाएगा। लेकिन एक सप्ताह बाद में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जिसकी फाइल दबकर रह गई। अब इसी जखीरा से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जंगलों में अवैध रूप से पेड़ों की कटाई अंधेरे में होती है और वन अमला गहरी नींद में सोते हैं।

 
Rajesh Kumar Pandey Desk
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