वकीलों ने मानव अधिकार सहित पुलिस को लिखा पत्र। 

वकीलों ने मानव अधिकार सहित पुलिस को लिखा पत्र। 

जिला पंचायत सीईओ ने भी लिया संज्ञान में 

दमोह/बटियागढ़। गुरुवार शाम करीब 5.30 पर चलती बस में एक महिला की मौत होने के बाद उसके शव को बीच सड़क पर बस से उतारने के मामले में जिला पंचायत सीईओ व देहात थाना टीआई ने मामले को संज्ञान में लिया है। इसके अलावा जिला पंचायत सीईओ डॉ. जेसी जटिया ने भी महिला बाल विकास अधिकारी को आदेशित कर पांच दिन की नवजात के स्वास्थ्य पर ध्यान देने कहा है। इस मामले में मौके पर मौजूद वकील मृत्युंजय हजारी व राजेश पटैल ने मानव अधिकार आयोग, महिला आयोग, डीजीपी, परिवहन अधिकारी सहित अन्य को लिखित शिकायत भेजी है। 

गौरतलब है कि छतरपुर जिले के बक्सवाहा थानांतर्गत घोघरी गांव निवासी महिला मल्ली बाई लोधी अपने पति रामसिंह, सास सुनिया व पांच दिन की बेटी के साथ स्वयं का इलाज कराने निजी यात्री बस से दमोह आ रही थी। इसी बीच दमोह देहात थाना के चैनपुरा परासई गांव में बस के स्टॉफ ने महिला के शव के साथ पूरे परिवार  को बीच सड़क पर उतरवा दिया था। जिसके बाद यहां से निकल रहे दो वकीलों ने उन्हें सहायता करके उनका शव घोघरी तक पहुंचाया था। यहां पर दुखद पहलू यह था कि डायल -100 वाहन तो पहुंचा था लेकिन वह किसी भी तरह की मदद नहीं कर सका था। पुलिस ने बस चालक सहित अन्य स्टॉफ पर कोई कार्रवाई नहीं की थी। जिला पंचायत सीईओ ने शुक्रवार सुबह जब इस घटना को पत्रिका अखबार में पढ़ा तो उन्होंने तुरंत ही नवजात को एसएनसीयू में रखकर उसके स्वाथ्य पर ध्यान रखने तुरंत ही निर्देश दिए। सीईओ डॉ. जेसी जटिया ने बताया कि उन्होंने पत्रिका में जब खबर को पढ़ा तो उनकी आंखें भर आईं थीं। जिन्होंने तुरंत ही मां से बिछड़ चुकी 5 दिन  की बेटी को जिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती करते हुए उसके स्वास्थ्य पर ध्यान देने जिला महिला बाल विकास अधिकारी को निर्देशित किया। 

मामले में महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी करुणा खरे ने बताया है कि उन्होंने घोघरी गांव भेजकर नवजात को लाकर एसएनसीयू में भर्ती कराने टीम रवाना कर दी है। गुरुवार को होने वाली इस दर्दनाक घटना के बाद शुक्रवार को देहात थाना टीआई अखिलेश मिश्रा ने बस जब्त कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि यात्री बस के स्टॉफ ने शव को बीच सड़क अगर उतारा है तो यह दर्दनाक पहलू है। कल ही बस जब्त कर कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार को निजी यात्री बस क्रमांक एमपी 34-पी- 1134 के चालक अमर लाल, परिचालक शारदा प्रसाद  हैल्पर धर्मेंद्र व मैंनेजर मदन झारिया का कहना है कि उन्होंने बस से महिला का शव उसके पति के कहने पर उतारा था। 

बस मालिक कल्लू बाबा का कहना है कि यह बात सही है कि सड़क पर शव को नहीं उतारकर सीधे दमोह लाकर उतारना था। हालांकि उनका यह भी कहना है कि वह पूरे मामले में बस स्टॉफ से बात करेंगे और हिदायत देंगे कि अगर उन्होंने अपने मन से उतारा है तो दोबारा इस तरह की गलती न करें। यह बस  दमोह से केरबना होते हुये शाहगढ़ तक जाती है और इसी मार्ग पर बम्होरी के पास ही घोघरा ग्राम पड़ता है, जहां से सवारी बैठी थीं।   

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