6 september 2018 bharat bandh : कोर्ट से बाहर निकलकर अधिवक्ताओं ने किया बंद का समर्थन, बसों के पहिए भी थमें

6 september 2018 bharat bandh : कोर्ट से बाहर निकलकर अधिवक्ताओं ने किया बंद का समर्थन, बसों के पहिए भी थमें

lamikant tiwari | Publish: Sep, 06 2018 01:34:22 PM (IST) Damoh, Madhya Pradesh, India

कोर्ट से बाहर निकलकर अधिवक्ताओं ने किया बंद का समर्थन, बसों के पहिए भी थमें

दमोह.जिलेभर में बंद महाबंध की तरह नजर आ रहा है चारों ओर दुकानें बंद है पेट्रोल पंप भी सुबह से 10:00 बजे तक खुले रहे उसके बाद बंद होना शुरू हो गए हैं लोग चाय पान के लिए भी तरस रहे हैं सपाक्स के पदाधिकारी अनाउंसमेंट करते हुए शहर में बंद कराने की अपील कर रही हैं हालांकि 90 फ़ीसदी दुकानें सुबह से ही बंद रही है प्रशासनिक व्यवस्थाओं में एडिशनल SP सीएसपी सहित भारी पुलिस फोर्स लगभग हर चौराहे पर तैनात किया गया है किसी भी तरह की कोई अप्रिय घटना की खबर अभी तक नहीं है


दमोह जिले के चारों विधानसभाओं पर बंद का असर तेंदूखेड़ा जबेरा पटेरा पथरिया हटा सहित अन्य क्षेत्रों में भी बंद का असर है,अभी तक पेट्रोल पंप पूरी तरह से बंद हैं जिले भर की दवा दुकानों को भी बंद रखा गया है हालांकि कुछ दवा दुकानें इमरजेंसी को देखते हुए खोली गई हैं इसके अलावा शहर में लोगों को चाय पानी भी नहीं मिल पा रहा है। सुबह से स्कूलों में पहुंचे बच्चे भी घर वापस कर दिए गए थे उसके बाद से स्कूल पूरी तरह से बंद है कॉलेज बंद है सबसे महत्वपूर्ण बात जिले की कृषि उपज मंडियों में पहली बार हड़ताल जारी है कृषि उपज मंडी में सभी व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखी है।


महा बंद के समर्थन में उतरी जिले भर के वकील
दमोह, SC ST को लेकर समूचे देश के साथ दमोह जिले में भी महाबंद सफल दिखाई दे रहा है। बंद होने का समर्थन जिले के वकीलों ने भी किया है जिला न्यायालय परिसर में जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज खरे की अध्यक्षता में विशाल बैठक आयोजित की गई जिसमें सभी अधिवक्ताओं ने यह निर्णय लिया कि वह अलग-अलग सड़कों पर जाकर मौन जुलूस निकालेंगे और SC ST के विरोध में अपना समर्थन देंगे जिला अधिवक्ता संघ में बैठक आयोजित करने के बाद काली पट्टी बांधकर जिले भर के अधिवक्ता सड़कों पर निकले इस दौरान महिला अधिवक्ता भी शामिल रहे जिन्होंने सड़कों पर मौन जुलूस निकालने के बाद वापस न्यायालय पहुंची।

 

अधिवक्ताओं का कहना था कि धारा 144 के दौरान भी यदि उनकी गिरफ्तारी होती है तो वह गिरफ्तारी देने के लिए तैयार हैं क्योंकि उनकी आगामी पीढ़ी उनसे पूछेगी कि आप ने इस तरह का विरोध दर्ज क्यों नहीं कराया। काली पट्टी बांधकर जिले भर के अधिवक्ता न्यायालय परिसर से बस स्टैंड कटोरा तालाब घंटाघर होते हुए अंबेडकर चौक पहुंचे इसके बाद सभी अधिवक्ता वापस न्यायालय परिसर पहुंचे जहां पर पुनः बैठक आयोजित कर निर्णय लिया गया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के विरोध में जब देश के नेता गलत निर्णय ले सकते हैं तो उन्हें आगामी समय में भी सड़कों पर उतरने के लिए कोई परहेज नहीं होगा अधिवक्ताओं का कहना है कि अभी उन्होंने समूचे भारत बंद के साथ अपना समर्थन दिया है आगे जरूरत पड़ी तो वह पुनः सड़कों पर आकर हर तरह से समर्थन देने के लिए तैयार रहेंगे।

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