कलेक्टर ने हाथ में थामा ध्वज विधायक ने सिर पर रखीं चरण पादुकाएं

धातु संग्रहण व जन जागरण अभियान

By: नितिन सदाफल

Published: 04 Jan 2018, 03:16 PM IST

दमोह. आदि गुरू शंकराचार्य की प्रतिमा के लिए धातु संग्रहण व जन जागरण अभियान के लिए एकात्म यात्रा का बुधवार की दोपहर करीब 2 बजे जिले में प्रवेश हुआ। टीकमगढ़ से चलकर जिले की सीमा में दाखिल होने पर यात्रा का ग्राम आमोधा में भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर कलेक्टर श्रीनिवास शर्मा ने ध्वज अपने हाथों में संभाला व विधायक लखन पटैल ने चरण पादुकाएं धार्मिक आस्था के साथ पारम्परिक तरीके से सिर पर रखीं। यहां पर यात्रा का कलश व फूलों से स्वागत किया गया। यात्रा में संत अखिलेश्वरानंद व अन्य संतों के मार्ग दर्शन में आई, इस यात्रा के स्वागत में बड़ी सख्या में नागरिक, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी मौजूद थे। सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर पुलिस अधीक्षक विवेक अग्रवाल काफी पुलिस बल के साथ मौजूद थे। वहीं बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रामकृष्ण कुसमरिया, भाजपा जिला अध्यक्ष देवनारायण श्रीवास्तव, पूर्व अध्यक्ष नरेन्द्र व्यास, महामंत्री रमन खत्री, मंडल अध्यक्ष कपिल शुक्ला, नगर अध्यक्ष बृज गर्ग, एडीशनल कलेक्टर आनंद कोपारिया, एसके अहिरवार, एसडीएम संजीव साहू, एसडीओ पुलिस प्रवीण कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
बटियागढ़ में किया गया भव्य स्वागत
बटियागढ़ में एकात्म यात्रा का स्थानीय साधु संतों जनप्रतिनिधियों, नागरिकों, अधिकारियों ने आत्मीय स्वागत किया। यहां पर भी भारी संख्या में जन समूह मौजूद था। नगर की सड़कों के दोनों छोरों पर खड़े लोगों ने पुष्प मालाओं फूलों के साथ यात्रा की अगुवाई की। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने स्टाल लगाऐ और स्वागत के साथ ही जलपान की व्यवस्थाएं कीं। एकात्म यात्रा में स्वागत के लिए युवा, बुजुर्ग, महिलाओं ने भव्य स्वागत किया।
यात्रा का भव्य स्वागत संतों का सम्मान
दमोह. जिले के बटियागढ़ में बुधवार की दोपहर हरसिद्धि मंदिर परिसर में आयोजित संवाद कार्यक्रम में संत स्वामी अखिलेश्वरानंद महाराज ने कार्यक्रम की शुरूआत एकात्म यात्रा ध्वज का वंदन व पावन चरण पादुकाओं का विधिवत् पूजन कर की। इस अवसर पर धातु कलश और कन्या पूजन भी किया गया। संत अखिलेश्वरानंद महाराज ने संत श्री ने आदि शंकराचार्य के जीवन दर्शन के बारे में विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा आज से 1200 वर्ष पूर्व शंकराचार्य ने जो समाज को दिया अब हम जान रहे है। संत श्री अखिलेश्वरानंद महाराज ने गुरू शिष्य संबंधों और गुरू शक्ति पर बड़े ही रोचक प्रसंग रखें। उन्होंने आदि गुरू शंकराचार्य के जन्म से लेकर उनके पूरे जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा आदि गुरू के अद्वैत दर्शन ने सम्पूर्ण विश्व को विविधताओं से परे एक सूत्र में बांधने का महान कार्य किया। नर्मदा यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा यह यात्रा मृदा,जल, वायु, वनस्पतिए, जीव जंतु, विशेषज्ञों को शामिल कर की गई। 6 करोड़ पौधे लगाए गए दोनों तटों पर। उन्होंने सामाजिक समरसता पर बात रखी। उन्होंने मंदिर परिसर में मुनगा पौधा रोपित किया और इसके लाभ से आमजनों को अवगत कराया। इस अवसर यात्रा के राज्य आयोजन समिति के सदस्य सुल्तान सिंह शेखावत ने अपने विचार रखते हुए नर्मदा यात्रा विस्तार से बात रखी। साथ ही उन्होंने इस यात्रा उद्देश्य से अवगत कराया।

नितिन सदाफल
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