हट जाए अवैध कब्जा तो मुसाफिरों को नजर आने लगे जिला अस्पताल और रेनबसेरा

हट जाए अवैध कब्जा तो मुसाफिरों को नजर आने लगे जिला अस्पताल और रेनबसेरा
Encroachment District Hospital damoh

rakesh Palandi | Updated: 06 Oct 2019, 11:27:03 AM (IST) Damoh, Damoh, Madhya Pradesh, India

सामने से हट जाए अवैध कब्जा तो मुसाफिरों को नजर आने लगे जिला अस्पताल और रेनबसेरा
50 मीटर पर जिला अस्पताल और रेनबसेरा लेकिन मरीजों, मुसाफिरों को लगाना पड़ रहा 500 मीटर का चक्कर

दमोह. जिला अस्पताल व बस स्टैंड की दूरी महज 50 मीटर से भी कम है। लेकिन अस्पताल व अस्पताल परिसर में संचालित रेनबसेरा तक मरी जों, मुसाफिरों को पहुंचने के लिए ५०० मीटर का चक्कर लगाना पड़ता है। इसके पीछे कारण यह है कि जिला अस्पताल और स्टैंड के बीच कुछ दुकानदारों द्वारा अवैध अतिक्रमण कर सार्वजनिक रास्ते को बंद कर दिया है। जबकि बस स्टैंड चौराहा के समीप से जिला अस्पताल का गेट नंबर 03 बनाया जाना वर्षों से प्रस्तावित है। आमतौर पर होता यह है कि बाहर से आने वाले मरीजों को अस्पताल पहुंचने के लिए स्टैंड से ऑटो रिक्शा करना पड़ता है तब जाकर वह अस्पताल पहुंचते हैं।
अवैध कब्जों ने रोका रास्ता
बस स्टैंड और जिला अस्पताल के बीच सड़क से सटकर पक्की दुकानें संचालित है। इन दुकानदारों में शामिल कुछ दुकानदारों ने उस रास्ते पर भी कब्जा कर रखा है जो स्टैंड से सीधा अस्पताल में पहुंचता है। कब्जों की वजह से स्टैंड से दो मिनट की दूरी पार करने में २० मिनट का समय लगता है और बैक चौराहा से होकर जिला अस्पताल जाना पड़ता है। कुछ सालों पहले रास्ता खुला होना की वजह से स्टैंड से सीधे अस्पताल में पहुंचा जा सकता था। लेकिन अस्पताल प्रबंधन व स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा देखरेख नहीं की जाने की वजह से अवैध कब्जों का विस्तार होता चला गया। आज स्थिति यह है कि पैदल निकलने के लिए भी जगह नहीं है। दुकानदारों ने अस्पताल की ओर तार, ईंट की बाउंड्री बना ली है।
कई बार हो चुका मौका मुआयना
बस स्टैंड चौराहा के ठीक सामने से जिला अस्पताल का गेट नंबर तीन बनाए जाने की कार्ययोजना काफी समय पहले प्रशासन द्वारा तैयार की जा चुकी है। इसके चलते साल में एक दो बार कलेक्टर, नपा सीएमओ, सीएमएचओ द्वारा मौका निरीक्षण किया जाता है। हाल ही के चार माह पहले भी तत्कालीन कलेक्टर नीरज कुमार द्वारा मौका निरीक्षण किया गया था। लेकिन अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई नहीं की जा रही है।
मुसाफिरों को नहीं मिलता रेनबसेरा का लाभ
जिला अस्पताल परिसर में सीएमएचओ कार्यालय से सटकर नगरपालिका का रेनबसेरा भी संचालित है। नगरपालिका द्वारा रेनबसेरा का संचालन रात के मुसाफिरों के लिए किया जा रहा है और प्रतिमाह हजारों रुपए खर्च किए जाते हैं। लेकिन मुसाफिरों को यह नहीं पता है कि रेनबसेरा कहां पर संचालित है। यहां तक की जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को भी इसकी जानकारी नहीं होती है। दुकानों का अवैध कब्जा हटने के बाद स्टैंड से रेनबसेरा तक पहुंचना भी सरल हो जाएगा और रात में यहां वहां भटकने वाले मुसाफिर अपनी रात रेनबसेरा में पहुंचकर गुजार सकते हैं।
अधिकृत जगह से दोगुना जगह पर कब्जा
कुछ दुकानदारों ने अपनी दुकानों के पीछे तरफ काफी जगह पर अवैध कब्जा सरकारी जमीन पर कर रखा है। दुकानदारों की पक्की दुकानों की साइज जितनी है उससे दोगुनी जगह दुकानदारों ने कब्जा कर चपेट ली है। बस स्टैंड का मौका होने की वजह से यहां जमीन की कीमत काफी अधिक है। लेकिन दुकानदार मुफ्त में जमीन का उपयोग कर अपना लाभ कमाने लगे हैं जिससे आमलोगों को मिलने वाली सुविधा नहीं मिल पा रही है।
गेट नंबर 03 शुरु होने पर यह होगा फायदा
बस स्टैंड चौराहा के समीप जिला अस्पताल का गेट शुरु होता है तो इसका फायदा पथरिया मार्ग, हटा मार्ग, सागर मार्ग, रेलवे स्टेशन क्षेत्र से जिला अस्पताल लाए जाने वाले मरीजों को चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। स्टैंड चौराहा पर पहुंचते ही वह जिला अस्पताल में प्रवेश कर सकेंगे। मरीजों को अस्पताल पहुंचने के दौरान लगने वाला समय भी कम लगेगा साथ ही बैंक चौराहा से लेकर अस्पताल तक के ट्राफिक की परेशानी से भी बचाव हो सकेगा।

वर्जन
बस स्टैंड के समीप नजूल व वन विभाग की भूमि है साथ ही नगरपालिका कॉम्पलेक्स भी है। यहां जो दुकानदार अवैध कब्जा किए हैं उनके विरुद्ध संबंधित विभागों द्वारा संयुक्त कार्रवाई की जाएगी। जिला अस्पताल प्रबंधन को भी अपनी जमीन की सुरक्षा के लिए आगे आना होगा।
कपिल खरे, सीएमओ

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