खेतों की सफाई के बाद पलेवा में जुटा किसान, रबी फसल की हो रही तैयारी

खेतों की सफाई के बाद पलेवा में जुटा किसान, रबी फसल की हो रही तैयारी

Rajesh Kumar Pandey | Publish: Oct, 13 2018 01:47:16 PM (IST) | Updated: Oct, 13 2018 01:47:17 PM (IST) Damoh, Madhya Pradesh, India

कृषि विभाग ने गेहूं की अपेक्षा चना का अधिक रखा लक्ष्य

मडिय़ादो. चुनावों की तारीख घोषित होने के बाद चुनावी सरगर्मी बढ़़ गई है। लोग दिलचस्पी ले रहें हैं, किस पार्टी से किस प्रत्याशी को टिकट मिल रहा है, लेकिन किसान को इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है। उसका तो अभी एक ही लक्ष्य है कि समय पर खेत तैयार हो जाए और रबी फसल की बोवनी की जा सके, इसके लिए किसान सुबह से शाम तक खेतों में हाड़ तोड़ मेहनत कर खेत तैयार करने में जुट चुका है। वनांचल में बोवनी शुरू रबी की बोवनी के लिए खेत तैयार। सिंचाई में पानी की कमी के कारण किसान भी चना पर जता रहे अधिक भरोसा।
इस बार किसान समय से पहले बारिश की विदाई को लेकर चिंतित हैं, बीते लगभग एक माह से बारिश गायब है जिस कारण खेतों की मिट्टी से नमी जा चुकी है। नतीजतन किसानों को खरीफ फसल कटाई के पश्चात खेतों में सिंचाई करना पड़ रही है। जिसके बाद ही जुताई के साथ बोवनी की जा सकेगी। वनांचल क्षेत्र में हमेशा सिंचाई के लिए पानी का अभाव देखने मिलता है। जिस कारण अधिकांश खेत खाली है, पड़े रहते हैं। इस बार किसानों के द्वारा इस उम्मीद पर चना और सरसों की बोवनी कर दांव खेला है। अगर दीवाली तक माहोट का पानी बरसता है, तो कुछ न कुछ तो फसल से मुनाफा हो ही जाएगा।
विभाग ने की रकबा तय
इस बार कृषि विभाग के द्वारा भी जिले में रबी की बोवनी के लिए लक्ष्य निर्धारित कर दिया है। डीडीए बीएल कुरील ने बताया कि इस रबी के सीजन में एक लाख 80 हजार हेक्टेयर में चना और 92 हजार हेक्टेयर में गेहंू, मटर 16 हजार हेक्टेयर, मसूर 24 हजार हेक्टेयर, तेवड़ा एक हजार हेक्टेयर में बोवनी का लक्ष्य रखा है। तिलहनी फसल में सरसों एक हजार 50 हेक्टेयर, अलसी एक हजार हेक्टेयर, मेें बोवनी का लक्ष्य है। कुल मिलाकर 3 लाख 16 हजार हेक्टेयर में बोवनी होगी जिसमें 6 लाख 72 हजार मैट्रिक टन उत्पादन का अनुमान है।

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