उफानाते पुल पर बाइक सहित बह गया वनपाल

गड्ढों से बहक रही बाइकें

By: Rajesh Kumar Pandey

Published: 14 Sep 2019, 07:07 AM IST

दमोह. दमोह-तेंदूखेड़ा मार्ग पर तेजगढ़ के पास गौरया नदी के बाढग़्रस्त पुल से वन विभाग का वनपाल बाइक सहित बह गया है। अंधेरा व नदी में तेज बहाव होने के कारण रेस्क्यू अभियान में समस्या आ रही है। जिससे शनिवार सुबह 5 बजे से फिर रेस्क्यू शुरू किया जाएगा।
तेजगढ़ के समीप से निकली गौरया नदी बाढग़्रस्त थी, निचले पुल से शुक्रवार की शाम 6.१५ पर पानी बह रहा था। नदी के उतार को देखते हुए तेजगढ़ वन परिक्षेत्र में पदस्थ वनपाल पन्नालाल गौंड़ बाइक सहित जोखिम उठाते हुए निकले, लेकिन पुल की सड़क पर गहरे गड्ढे के कारण अनियंत्रित होकर उफान पर बह रही गौरया में बाइक सहित बह गए हैं। सूचना मिलते ही आपदा प्रबंधन की रेस्क्यू टीम पहुंच चुकी है, लेकिन अंधेरा हो जाने व नदी के तेज बहाव के कारण समाचार लिखे जाने तक बाइक व वनपाल पन्नालाल गौड़ का पता नहीं चला है।
लगातार बारिश के कारण जिले के नदी व जंगली नाला उफान पर हैं। डाउन लेवल पुल बाढग़्रस्त हैं, इन पुलों से लोग जोखिम भरी यात्रा कर रहे हैं। बनवार अंचल में शून्य नदी दो दिन से उफान पर है, इसके बावजूद बसें, दुपहिया, चौपहिया आवागमन कर रहे हैं।
नोहटा-धुंनगी मार्ग के डाउन लेवल पुल हल्की बारिश में बाढग़्रस्त हो रहे हैं। शून्य नदी का धुनगी नाला का पुल पिछले दो दिन बाढग़्रस्त है। पुल के दोनों साइडों से राहगीर, बाइक, बसें फंसी रही, जैसे ही पुल पर करीब ढाई फुट पानी आया तो जान जोखिम में डालकर आवागमन शुरू हो गया। राहगीर अपने मासूम बच्चों को सीने से चिपकाकर पुल पार कर रहे थे। वहीं बाइक चालक धीरे-धीरे निकल रहे थे। इसके अलावा इस रूट पर चलने वाली बसें भी निकलने लगी। शून्य नदी के इस डाउन लेबल पुल पर पिछले दो दिन से उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, जिसके बीच लोग आवागमन कर रहे हैं।
गड्ढों से बहक रही बाइकें
जिले के सभी बड़े-छोटे पुल-पुलियों की सड़कों पर दो से चार फुट के गहरे गड्ढे हो चुके हैं। नदी का पानी जब पुल के ऊपर होता है तो गड्ढे दिखाई नहीं देते हैं। बुधवार को तारादेही के किचऊ नाला के पास बाइक से 80 किलो मावा लेकर व्यापारी रामकुमार यादव पुल पार कर रहा था। पुल पर गड्ढा आते ही बाइक सहित बह गया, जिसने तैरकर अपनी जान बचाई थी। वहीं शुक्रवार की शाम तेजगढ़ के पास वनपाल के बहने का कारण सड़क का गड्ढा ही बने है। इसके अलावा कुम्हारी के पास भी एक युवक के बहने का कारण पुल पर गड्ढा आने के कारण बाइक बहकर फिसलना बताया जा रहा था।
बड़ी नदियों के पुलों पर भी गड्ढे
नरसिंहगढ़ सुनार, कोपरा नदी, गैसाबाद के पास व्यारमा, नोहटा के पास व्यारमा सहित जिले के जितने भी बड़े व छोटे पुल हैं, उनमें गहरे गड्ढे हैं। यह गड्ढे दो फुट से चार फुट के हैं। जिनका भराव बारिश के पूर्व न किए जाने से आए दिन हादसे सामने आ रहे हैं।
हल्का पानी होते ही सुरक्षा में ढिलाई
लगातार बाढ़ ग्रस्त रहने के बाद जब पुल से पानी दो ढाई फुट ऊपर बहने लगता है तो लोगों के लंबे समय से इंतजार करने के कारण भीड़ का दवाब सुरक्षा कर्मियों पर बढ़ जाता है। पुलों के दोनों किनारे दो-दो पुलिसकर्मी लगाए जाते हैं, जो दोनों ओर खड़े बाइक सवार, कार सवारों, बस चालकों द्वारा डाले जा रहे दवाब के कारण सुरक्षा में ढील दे देते हैं, जिस कारण यह घटनाएं सामने आ रही हैं।
तैराक ही उठाते हैं जोखिम
तेजगढ़ पुल पर खड़े प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जो तैरना जानते हैं, वही बाढग़्रस्त पुल-पुलियों से निकलने का जोखिम उठाते हैं, जो तैरना नहीं जानते हैं वह पुल पर से पानी उतरने का इंतजार करते हैं। दो बाइकों के बहने की घटनाएं पानी के तेज बहाव के कारण नहीं हुई हैं, इन घटनाओं के पीछे पुल पर स्थित गहरे गड्ढे ही मुख्य कारण हैं।

Rajesh Kumar Pandey Desk
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