गणपति बप्पा मोरया, बड़े तला में लोरिया

गणपति बप्पा मोरया, बड़े तला में लोरिया
गणपति बप्पा मोरया, बड़े तला में लोरिया

Samved Jain | Updated: 13 Sep 2019, 06:50:34 PM (IST) Damoh, Damoh, Madhya Pradesh, India

मंगलमूर्ति को किया मंगल कामनाओं के साथ विदा

दमोह. श्रीगणेश प्रतिमा का विसर्जन समारोह, नदी, जंगली नालों, तालाबों में किया गया। वहीं सुनार नदी के तट पर हटा नगर में कुंड बनाए गए। इसी तरह शहर की विजय नगर कॉलोनी में भी कुंडो में श्रीगणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। शहर के फुटेरा तालाब पर दोपहर से विसर्जन शुरू हुआ जो देर रात तक चलता रहा। शाम 7 बजे से घंटाघर से चल समारोह आयोजित किया गया।

दमोह में बड़ी गणेश प्रतिमाओं का चल समारोह शुरू हुआ, जिसमें अखाड़े भी शामिल थे। इस दौरान श्रेष्ठ प्रतिमा, श्रेष्ठ झांकी, श्रेष्ठ साज सज्जा के तहत पुरस्कार दिए गए। चल समारोह धीरे-धीरे आगे बढ़ता जा रहा था, जिन्हें नंबर देकर घंटाघर से निकाला जा रहा था। इस दौरान एक समिति को 10 से 15 मिनट का समय अपनी कला का प्रदर्शन करने के लिए दिया जा रहा था, डीजे, बैंड बाजों के साथ गणपति बप्पा मोरिया, बड़े तला में लोरिया के नारे भी गुंजायमान हो रहा था। शहर में विजय नगर कॉलोनी में गणेश विसर्जन के लिए कुंड बनाए गए थे, जिसमें सभी परिवारों ने गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया। इसी तरह टाइम्स स्कूल में नर्सरी के बच्चों ने स्कूल परिसर में ही कुंड में विर्सजन किया।

बाढग़्रस्त सुनार में विसर्जन
नरसिंहगढ़. स्टाफ कॉलोनी, वृंदावन गार्डन, वर्कर कॉलोनी, ग्वालवाल चबूतरा, हरिजन वार्ड, जानकी रमन मंदिर सहित गांव की गणेश प्रतिमाएं बाढ़ ग्रस्त सुनार नदी में विसर्जित की गईं। इस दौरान सीमेंट प्रबंधन द्वारा गोताखोर तैनात किए गए थे। इन गोताखोरों द्वारा दिन के उजाले में ही करीब एक घंटे में देखते ही देखते प्रतिमाओं का विसर्जन पठाघाट में किया। इसी दौरान करीब 3 फिट पानी बढ़ गया, जिससे लोग सहम गए लेकिन प्रशिक्षित गोताखोरों द्वारा एक-एक प्रतिमा का विधि विधान से विसर्जन कराया गया।
सुनार नदी व कुंड में हुआ विसर्जन
हटा. हटा नगर से निकली सुनार नदी के सभी घाटों पर विसर्जन किया गया, इसके अलावा छोटी प्रतिमाओं के लिए एक कृत्रिम कुंड भी बनाया था, जिसमें बच्चों द्वारा विसर्जित प्रतिमाएं विसर्जित की गईं। इस दौरान घुराघाट व नाव घाट पर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने व्यसस्था की गई।
शोभयात्रा के बाद विसर्जन
बटियागढ़. एमएच क्लब द्वारा बजरंग अखाड़े के साथ गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया। सभी प्रतिमाओं का विसर्जन जूड़ी नदी में किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इसके अलावा शिव मंदिर में हवन पूजन किया गया।
15 बड़ी प्रतिमाओं की निकली शोभायात्रा
तेंदूखेड़ा. बड़ी 15 प्रतिमाएं डीजे बैंड व युवाओं के उल्लास भरे नृत्य के साथ एक-एक कर निकाली गईं। वहीं घर-घर विराजमान गणेश प्रतिमाओं को लोग अपने-अपने दोपहिया चार पहिया वाहनों पर लेकर विसर्जित करने पहुंचे। यह सिलसिला देर रात्रि तक निरंतर चलता रहा। लोगों ने बड़ी खेर माता व नरगुवां जलाशय में पहुंचकर बड़ी श्रद्धा भाव से गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया।
गणेश विसर्जन को लेकर हजारों की तादाद
कुम्हारी. देवरीरतन में महाआरती के बाद गणेश विसर्जन के दौरान आसपास की सभी झांकियां एकत्रित होकर विसर्जन के गांव के मुख्य चौराहे व गलियों से होकर जाती है। प्रत्येक गांव के मुख्य तालाबों पर गणपति प्रतिमाओं के विजर्सन का सिलसिला शुरू हो गया है। इस दौरान प्रशासन द्वारा पर्याप्त व्यवस्था भी की गई थी। कुम्हारी के गुदरी तालाब देवरी रतन नाले व पटेरिया के तालाब,धनगुवां, मझगुवां, हंसराज कुलवा, चीलघाट, गाड़ाघाट, कुसमी, सागोनी मझौली, करौंदी, बक्सरी, पटना, खमरिया में विसर्जन समारोह चलता रहा।
बनवार अंचल में विसर्जन समारोह
बनवार/ घटेरा. बनवार अंचल में गणेश विसर्जन समारोह चलता रहा, चौपरा चौबीसा के 100 से अधिक गांवों में गणेश विसर्जन समारोह की धूम रही। युवाओं की टोलियां जयकारे लगाती रहीं। बनवार अंचल से निकली व्यारमा नदी, रोंड़ ग्राम की शून्य नदी के महादेव घाट, बम्होरी अंचल के माला जलाशय व चौपरा सिमरी के धुंनगी नदी पर विसर्जन किया गया।
इन गांवों में हुआ विसर्जन
खड़ेरी, मगरोन, पटेरा, पथरिया, जबेरा, फतेहपुर, रनेह, बांदकपुर, केरबना, बांसातारखेड़ा, तारादेही, तेजगढ़, बम्हौरी माला सहित ग्रामीण क्षेत्रों में देर रात्रि तक विसर्जन समारोह चलता रहा।

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned