इन सरकारी स्कूलों की स्थिति देखकर आ जाएगा बच्चों के भविष्य पर तरस, शिक्षकों पर गुस्सा

कारीबरा में पहली से आठवीं के विद्यार्थी का जिम्मा एक शिक्षक के भरोसे-फसल कटाई के कारण उपस्थिती बेहद कम

By: Samved Jain

Published: 10 Feb 2018, 04:25 PM IST

मडिय़ादो. मार्च के प्रथम सप्ताह में मिडिल और प्राइमरी स्कूलों की परीक्षा प्रारंभ हो रही है। लेकिन ग्रामीण अंचलों में शिक्षकों की लापरवाही निरंतर जारी है। शिक्षक अपनी आदत के मुताबिक देर से स्कूल पहुंच रहे हंै, जल्दी घर लौटने के चक्कर में स्कूलों की छुट्टी कर देते हंै। दूसरी और अतिथि शिक्षक भी हड़ताल पर होने से शिक्षण कार्य चौपट है। शुक्रवार को पत्रिका टीम के द्वारा वनांचल क्षेत्र के स्कूलों का जायजा लिया तो स्कूलों की हकीकत देखने मिली
यहां 11:30 बजे ताला
जुनेरी गांव के प्राथमिक स्कूल में 11:30 बजे ताला ताला लगा हुआ था, स्कूल के बाहर एक छात्र और छात्रा खड़ी स्कूल के खुलने का इंतजार कर रही थी। छात्र महेंन्द्र कक्षा दूसरी व छात्रा सविता चौथी ने बताया मास्साब एक दिन छोड़ एक दिन स्कूल आते हैं। कल आए थे, हो सकता है आज नहीं आएं। हम लोग स्कूल आकर भोजन करके लौट जाते हैं।
यहां दो बच्चों के साथ बैठे मिले मास्साब
11:40 बजे प्राथमिक स्कूल में एक शिक्षक दो विद्यार्थिंयों के साथ स्कूल के बाहर परिसर में बैठे मिले। ऐसा ही कुछ हाल कारीबरा के प्राथमिक और मिडिल स्कूल मेें देखने मिला। यहां स्कूल में एक शिक्षक 10 विद्यार्थियों को पड़ा रहा था। शिक्षक रामसिंह ने बताया कि स्कूल में कुल दो का स्टाफ है, अतिथियों के हड़ताल पर जाने के कारण यहां पदस्थ शिक्षका वंदना साहू की ड्यूटी भूलखेड़ा प्राथमिक स्कूल में लगाई है। यहां के दोनों स्कूलों में 62 विद्यार्थियों के नाम दर्ज है। जिन्हें पढ़ाने के लिए फिलहाल में अकेला ही हूं। फसलों की कटाई के कारण बच्चे स्कूल कम आ रहे हंै।
11:45 बजे हो रही थी प्रार्थना
भूलखेड़ा प्राथमिक स्कूल में ११.४५ बजे प्रार्थना हो रही थी। यहां एक शिक्षका वंदना साहू पांच विद्यार्थिंयों के साथ राष्ट्रगान करते मिलीं । इससे साफ है कि शिक्षका देर से स्कूल पहुंची थीं। उदयपुरा के प्राथमिक स्कूल में भी बहुत कम बच्चों की उपस्थिती देखने मिली। यहां के शिक्षक राजेश कुड़ेरिया ने बताया फसल की कटाई के बारण माता पिता के साथ बच्चे भी पलायन करने के कारण उपस्थिती प्रभावित हुई है।

शिक्षकों को समय पर स्कूल संचालन करने निर्देश दिए हंै। इसके बावजूद अगर शिक्षक लापरवाही कर रहे हैं तो औचक निरीक्षण करते हंै। जहां स्कूल समय पर संचालित होते नहीं मिलेगें वहा कार्रवाई की जाएगी।
ओएस राजपूत, संकुल प्राचार्य मडिय़ादो

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