scriptGovernment textbooks sold in the trash | सरकारी हाइ स्कूल प्राचार्य का हैरत भरा कारनामा, किताबों की खेप कबाड़ी को बेंच दी | Patrika News

सरकारी हाइ स्कूल प्राचार्य का हैरत भरा कारनामा, किताबों की खेप कबाड़ी को बेंच दी

शासकीय पाठ्य पुस्तकें बेची रद्दी में, संगठन के कार्यकर्ताओं ने पकड़ा
माल वाहक में लोड कर ले जा रहा था रद्दी खरीदने वाला

दमोह

Published: January 15, 2022 07:41:45 pm

दमोह/ पथरिया. सरकार द्वारा बच्चों के लिए निशुल्क शिक्षा अधिकार के तहत पाठ्य पुस्तकें प्रदान कीं जातीं हैं, लेकिन शिक्षा विभाग में पदस्थ अधिकारियों कर्मचारियों की वजह से जिले के सैकड़ों स्कूलों के बच्चों को पाठ्य पुस्तकें नहीं मिलतीं और रिकार्ड में पुस्तकों का वितरण किया जाना दर्ज कर लिया जाता है। इस तरह के मामलों को लेकर आए दिन शिकायतें जिला मुख्यालय में पहुंचतीं हैं, लेकिन इन पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है और इस कारण पुस्तक वितरण करने की जिम्मेदारी निभाने वाले पुस्तकों को रद्दी में क्विंटलों के वजन से बेच चल रहे हैं। शनिवार को इसी तरह का मामला पथरिया जनपद पंचायत अंतर्गत सतपारा गांव के उच्चत्तम माध्यमिक हाई स्कूल का सामने आया। इस स्कूल से पाठ्य पुस्तकों को भारी मात्रा में रद्दी के भाव बेचा गया था, लेकिन रद्दी खरीदने वाला अपनी गोदाम तक पहुंचता इसके पहले ही भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ताओं ने माल वाहक को बीच रास्ते में ही पकड़ लिया। सामने आया है कि पाठ्य पुस्तकों को महज सात हजार रुपए में रहली के कबाड़ी को बेचा गया था, जो रहली पहुंचाई जा रहीं थीं। संदेह होने पर भगवती मानव कल्याण संगठन के सदस्यों ने गाड़ी चालक और एक अन्य को ग्राम बासांकला के समीप रहली जाते हुए पकड़ लिया।
सरकारी हाइ स्कूल प्राचार्य का हैरत भरा कारनामा, किताबों की खेप कबाड़ी को बेंच दी
स्कूली बच्चों की किताबें रद्दी में खरीदकर ले जाता माल वाहक का चालक, जिसे संगठन ने बीच रास्ते में रोका।
जुलाई अगस्त माह में होना था वितरण


सर्व शिक्षा अभियान के तहत हर साल जनपदों में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में किताबों का वितरण कराया जाता है। अमूमन जुलाई और अगस्त के माह में शासन से किताबें आती हैं और इसी दौरान बच्चों को किताबें दे दी जाती हैं। लेकिन पिछले कई सालों से जनपद क्षेत्र के सरकारी स्कूली बच्चे किताबों से महरूम रह जाते हैं। अधिकारी किताबों की कमी होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। लेकिन हकीकत शनिवार को खुलकर सामने आई। जिम्मेदारों द्वारा वर्ष २०२०-२१ की किताबों को रद्दी में बेचा गया।
गाड़ी चालक ने कहा, रद्दी खरीदने के लिए फोन आया था
जिस माल वाहक में किताबों को रहली ले जाया जा रहा था, उस गाड़ी के चालक हेमंत अहिरवार ने जानकारी देते हुए बताया कि मेरे लिए रद्दी खरीदने के राखी जैन का फोन आया था, इसलिए हम स्कूल गए थे और यह सभी किताबें 7000 में खरीद कर लाए हैं। मैंने जिन शिक्षकों को पैसे दिए हैं। यह राशि बंडा तिराहा की कियोस्क बैंक से निकाल कर दिए हैं, जिसकी सीसीटीवी फुटेज निकलवा कर जांच कराई जा सकती है। यह सभी किताबें हाई स्कूल की प्राचार्य राखी जैन के कहने पर खरीद कर लाए हैं।
वाहन देखकर हुआ संशय


भगवती मानव कल्याण संगठन के खिलान पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि किताबें ले जा रहा वाहन देखकर संशय हुआ है हम कार्यकर्ताओं ने लोडिंग वाहन का पीछा किया। जिसे ग्राम बासा कला में पकड़ लिया। जब वाहन में देखा, तो शासन द्वारा बच्चों को निशुल्क बांटने के लिए भेजी जाने वाली हाई स्कूल की किताबें थीं। इसलिए हम सभी पुलिस थाना पथरिया एफ आई आर दर्ज कराने आए हैं।
वर्जन
यह विषय गंभीर है, मैं इसकी जांच करवाता हूं।
एस कृष्ण चैतन्य, कलेक्टर दमोह


मामले में संबंधित को सस्पैंड किया जाएगा, संगठन के लोग एफआइआर कराएं।
एसके मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी

न किताबें बेचने का कोई आदेश था और न उन्हें किताबें बेचने का अधिकार है। यदि ऐसा मामला प्रकाश में आया है, तो कार्रवाई की जाएगी।
संजय कोष्टि, बीइओ पथरिया

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