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दमोह में टिटहरी ने दिए चार अंडे, चार माह अच्छी बारिश होने के संकेत

टिटहरी के अंडों को लेकर क्षेत्र में इस तरह रहता है मिथ

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दमोह

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Samved Jain

May 31, 2024

Titahari ke Ande

Titahari ke Ande

दमोह . बम्होरी क्षेत्र के बंगरा हार में टिटहरी ने चार अंडे दिए हैं, जिससे किसान चार माह बारिश होने का अनुमान लगा रहा है। किसानों ने बताया कि बरसात के अच्छे संकेत मिलने लगे हैं, अब बरसात जल्दी ही होगी। किसान और ग्रामीणों का अनुमान है कि अच्छी बारिश होने से धान की फसल भी अच्छी पैदावार होगी। ग्रामीण बताते हैं कि यह मादा टिटहरी अगर 6 अंडे देती है, तो अच्छी पैदावार व बरसात की उम्मीद बन जाती है।

खुले घास के मैदान, छोटे-मोटे पत्थरों, सूनी हवेलियों व सूनी छतों पर बसेरा करने वाली टिटहरी अप्रेल से जून माह तक करीब 4 से 6 अंडे देती है। जिनसे मानसून का पता लगाया जाता है। इस बार चार अंडे दिए हैं, जिससे चार माह की अच्छी बारिश का अनुमान है। बुजुर्गों का मानना कि जब टिटहरी अंडे देती है, तो इसके कुछ दिन बाद ही बरसात आने की संभावना बन जाती है।।

इनका मानना है कि टिटहरी को पहले से ही आगे के मौसम का संकेत पता लग जाता है और यही टिटहरी अनेक तरह के शिकारी पक्षियों व जानवरों के आने व आसपास होने की चेतावनी भी अपनी आवाज से दे देती है। - कई प्रकार की निकालती है आवाज टिटहरी कई प्रकार की आवाजें निकलती है। यह पक्षी अधिकतर सुनसान स्थान पसंद करता है। गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि इस पक्षी के अंडे देने के बाद लगभग 18 से 20 दिनों बाद इनमें से बच्चे बाहर निकल जाते हैं। टिटहरी के बच्चों के पैरों का रंग सामान्य तौर पर लाल होता है।

बाद में धीरे-धीरे बड़े होने के साथ यह रंग पीला होता जाता है। इनके अंडे भूरे-काले धब्बेदार होते हैं। ये कीट-पतंगे खाकर अपना भरण पोषण करते हैं। मौसम का अंदाजा बताने वाली टिटहरी कई प्रकार की आवाजें निकालती हैं। इसकी आवाज से यह पता लगता है कि या तो मौसम बदलने वाला है या फिर कोई जानवर या पक्षी आने वाला है।

रात भर चली गरम हवाएं, छतों पर भी नहीं लोगों को सुकून

दमोह. नौतपा में लगातार आसमान से आग बरस रही है। दिन के समय जहां सूरज की तपन में घरों से निकलना भी मुश्किल हैं, वहीं रात के समय भी अब लोगों को सुकून नहीं हैं। शाम को 6 बजे के बाद शुरू हो रही गरम हवाओं की लपटें देर रात 1 बजे तक जारी रहीं। जिससे रात के समय भी लोगों को सुकून नहीं रहा। गर्मी से बचने के लिए लोग छतों पर पहुंचे तो उन्हें गरम हवाओं में वापस लौटना पड़ा।
इधर, लगातार भीषण गर्मी के कारण लोगों को रात के समय घरों में भी चैन नहीं रहा। मौसम विभाग के अनुसार दिन में अधिक गरम मौसम होने के कारण रात में भी इसका असर बना रह रहा है। ऐसे में न्यूनतम तापमान भी 33 डिग्री तक पहुंच चुका हैं। जो कि सीजन में सबसे अधिक है। लोगों को चाहिए कि रात में भी छतों आदि पर न साएं। घरों में ही रहें और कूलर, पंखा आदि की हवा में ही रहें। अधिक से अधिक शीतल पदार्थों का सेवन करें। बता दें कि नौतपा 6 दिन से भीषण गर्मी लोग इस बार झेल रहे हैं। हालांकि, आसमान में दो दिनों से हल्की बदरी होने के कारण थोड़ी तपन में राहत जरूर है, लेकिन इसके बाद भी घरों से निकलना मुश्किल हो रहा हैं। गुरुवार को न्यूनतम पारा जहां 32.8 दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम 45.0 दर्ज किया गया है।