एक कैदी के पेट में निकला कांच, जबलपुर रेफर

एक कैदी के पेट में निकला कांच, जबलपुर रेफर

Laxmi Kant Tiwari | Publish: Sep, 09 2018 11:15:23 AM (IST) Damoh, Madhya Pradesh, India

एक दिन पूर्व जिला जेल में दो बंदियों ने खाए थे कांच के टुकड़े

दमोह. जिला जेल में बद दो बंदियों द्वारा कांच के टुकड़े खाने की शिकायत के बाद दोनों बंदियों को जिला अस्पताल में एक्स-रे कराया गया। इस दौरान डिजिटल एक्स-रे में एक बंदी के पेट में कांच होने की संभावना के चलते उसे जबलपुर रेफर किया गया। दूसरे को सामान्य बताया गया है। पूरे मामले में जेलर रामलाल सहलाम का कहना है कि आरोपी नितिन पहाड़ी निवासी व शेरा खान दोनों निवासी दमोह अलग-अलग मामलों में बंद हैं। जिनके द्वारा शुक्रवार को कांच के टुकड़ खाने की शिकायत मिली थी। इस मामले में शनिवार को दोनों का एक्स-रे कराया गया। जिसमें से एक आरोपी नितिन के पेट में कांच होने की संभावना पर उसे जबलपुर रेफर किया है। जिनका इलाज कराया जा रहा है। शेरा पर जिला बदर के साथ अन्य मामले दर्ज है।

पता नहीं कहां से आया कांच-
मामले में जेलर सहलाम का कहना है कि वह जब जेल के दवा कक्ष में बाथरूम करने गया था, उसके बाद कांच खाने की शिकायत सामने आई थी। लेकिन कांच कहां से आया यह समझ नहीं पाया। उन्होंने संभावना जताई कि हो सकता है किसी दवा की सीसी तोड़ी हो। लेकिन वहां पर कांच का कोई भी टुकड़ा नहीं मिला था। और जेल में कांच होना तो संभव ही नहीं है। जेलर ने यह भी बताया कि आरोपी निनित जेल में नग्न अवस्था में एक डिब्बे में मल लेकर घूम रहा था। जो किसी बंदी या फिर स्टॉफ के ऊपर फेकने की फिराक में था। जिसका साथ शेरा खान दे रहा था। जिसे बलप्रयोग कर पकड़ा गया।

पहले भी खा चुका है कांच-
जेलर ने बताया कि वर्ष २०१३ में आरोपी नितिन कांच के टुकड़े खा चुका है। उस दौरान भी उसने उपद्रव किया था। वर्तमान में भी उस पर कड़ी नजर रखना पड़ती है।
लगाए जेलर पर रुपए लेकर परेशान करने के आरोप -
आरोपियों के परिजनों का कहना है कि जेलर द्वारा उन्हें जानबूझकर परेशान किया जाता है। जिन्होंने शेरा व नितिन के साथ मारपीट की। इसके साथ ही अन्य बंदियों ने भी मारपीट की है। शेरा उर्फ साजिद का भाई एक मामले में गवाह है। जिसके साथ दबाव देकर मारपीट की गई।
परिजनों का कहना है कि कुछ बंदी मारपीट कर उनके साथ जबरन रुपयों की मांग करते हैं। जिससे शेरा परेशान है। हालांकि इस तरह के आरोपों को जेलर ने सिरे से नकार दिया है। उनका कहना है कि जेल की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है।

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