बस ऑपरेटर्स की मांग पूरी नहीं, लेकिन हड़ताल समाप्त

बसों की हड़ताल बुधवार की शाम ४.३० बजे के बाद से समाप्त कर दी गई

By: pushpendra tiwari

Published: 24 May 2018, 01:08 PM IST

दमोह. प्रदेश स्तर पर पिछले ढाई दिनों से जारी बसों की हड़ताल बुधवार की शाम ४.३० बजे के बाद से समाप्त कर दी गई है। बस ऑपरेटर्स द्वारा किराए में ४० प्रतिशत की वृद्धि किए जाने को लेकर यह हड़ताल आयोजित की गई थी। पहले और दूसरे दिन तक तो सरकार ने बस ऑपरेटर्स की मांगों को नजर अंदाज कर दिया था, लेकिन बुधवार को शाम ०४ बजे प्रदेश स्तर पर हुई बातचीत के बाद हड़ताल को समाप्त कर दिया गया है।

जिला बस यूनियन के सचिव समीम कुरैशी ने पत्रिका को बताया है कि यूनियन के प्रदेश पदाधिकारियों द्वारा वाट्सग्रुप के माध्यम से जानकारी दी गई है कि किराए में हुए निर्णय के बाद वृद्धि की गई है। लेकिन यहां ध्यान रखे जाने के लिए यह बात भी जानना जरूरी है कि यूनियन सचिव समीम कुरैशी की यह जानकारी उनके यूनियन की है, इसकी प्रशासनिक कोई पुष्टि नहीं है।


विदित हो कि वर्ष २०१४ में सरकार द्वारा किराए में वृद्धि की गई थी और अब वर्ष २०१८ में पुन: बस किराए में वृद्धि होना सामने आई है। वहीं दूसरी ओर आमजन को सरकार की इस मंशा का खामयाजा भुगतना पड़ेगा। एक ओर जहां बसों में यात्रियों की सुविधाओं का अभाव बना रहता है, तो वहीं अब सुविधाओं के अभाव के साथ यात्रियों की जेबों के वजन को बसों का सफर हल्का कर देगा।


रखा रह गया ज्ञापन


हड़ताल को स्थगित किए जाने के प्रदेश स्तरीय निर्णय की सूचना दमोह आने के बाद बस यूनियन द्वारा इसकी सूचना एसडीएम दमोह को दिया जाना बस यूनियन के सचिव द्वारा बताया गया है, समीम कुरैशी का कहना है कि एसडीएम को यूनियन कार्यालय आने का न्यौता दिया गया। लेकिन एसडीएम समाचार लिखे जाने तक यूनियन कार्यालय नहीं पहुंचे थे और बस यूनियन का ज्ञापन रखा ही रह गया।


बेवजह साबित हुई हड़ताल


किराए में १० प्रतिशत की वृद्धि २० मई को किया जाना बताया गया था, और इसी निर्णय के विरूद्ध बस यूनियन द्वारा २१ मई से प्रदेश स्तरीय हड़ताल की गई थी। २३ मई को हड़ताल समाप्त हो गई, लेकिन २० मई को किए गए १० प्रतिशत किराए में वृद्धि के अलावा किसी प्रकार की मांग स्वीकार नहीं की गई है। इधर हड़ताल समाप्त होने के बाद अब यूनियन के पदाधिकारी यह कहते नजर आ रहे हैं कि सरकार ने उन्हें किराए में वृद्धि किए जाने का आश्वासन दिया है। लेकिन बस यूनियन के जिलाध्यक्ष शंकर राय का कहना है कि इस प्रकार के आश्वासन सरकार द्वारा पहले भी खूब दिए जा चुके हैं।


१० प्रतिशत की वृद्धि पर यह रही आमजन की प्रतिक्रिया


किराए में हुई १० प्रतिशत वृद्धि की खबर लगते ही आमजन चिंतित बना हुआ है। कुछ आमनागरिकों में शामिल प्रियांश जैन, लक्ष्मण सिंह, मनीष शर्मा, प्रेमचंद रैकवार, दिलीप पटेल, श्यामू पटेल सहित अन्य से पत्रिका ने इस मसले पर बातचीत की तो इनका कहना है कि बसों में पहले से ही अधिक किराए लिया जा रहा था, लेकिन अब किराए में और अधिक वृद्धि कर दी गई है। इन नागरिकों का कहना है कि जो सुविधाएं मिलनी चाहिए वह तो बस मालिकों द्वारा यात्रियों को मुहैया नहीं कराईं जातीं हैं, लेकिन हर बार किराए में वृद्धि अवश्य कर दी जाती है। आमजन का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारी भी यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं का ख्याल नहीं रखते हैं जिसकी वजह से बस मालिकों द्वारा मनमाना रवैया अपनाया जाता है।

pushpendra tiwari Reporting
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