सुनार नदी के किनारे हो रहा मुरम का अवैध खनन

रात में अर्थमूवर से हो रही लगातार खुदाई

By: Rajesh Kumar Pandey

Published: 09 Jun 2021, 11:28 AM IST

दमोह/ नरसिंहगढ़. नरसिंहगढ़ गांव की सरकारी गौ-शाला के पीछे रविवार की रात्रि 9 बजे जेसीबी से मुरम का अवैध खनन किया जा रहा था।
बताया जा रहा है कि पथरिया व बटियागढ़ ब्लॉक की जितनी भी ग्राम पंचायतों में सड़क निर्माण कार्य हो रहे हैं, वहां पर नरसिंहगढ़ ग्राम पंचायत की हद में ही मुरम खोदकर कार्य कराए जा रहे हैं। वर्तमान में जेसीबी से मुरम खोदकर डंपरों से भेजी जा रही है। जो दमोह-छतरपुर हाइवे की साइडिंग में डाली जा रही है। यह कार्य नरसिंहगढ़ गांव से बटियागढ़ के बीच किया जा रहा है।
नरसिंहगढ़ गांव की महिला सरपंच नेहा अठ्या कहती हैं कि उनके ग्राम पंचायत क्षेत्र में लगातार मुरम का अवैध खनन किया जाता है। जिसके लिए खनिज विभाग व पुलिस को सूचना दी जाती है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।
नदी के किनारे खनन से खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि नरसिंहगढ़ ग्राम पंचायत सुनार नदी के ईद-गिर्द ही सबसे ज्यादा मुरम खोदी जा रही है। अवैधानिक रूप से यह खनन लंबे समय से चल रहा है। जिसमें राजनीतिक पहुंच वाले ही लोग इस कार्य को अंजाम दे रहे हैं।
महज तीन कार्रवाई हुईं
कोरोना कफ्र्यू काल में मार्च 2020 से लेकर अब तक सुनार नदी के किनारे लगातार मुरम खुदाई की जा रही है। इस एक साल के अंतराल में केवल तीन कार्रवाई हुई हैं, जिनमें 2 ट्रैक्टर ट्रॉली व एक डंपर ही जब्त किया गया था। जिसके बाद तीनों वाहन मुचलके पर ही छोड़ दिए गए हैं।
सड़क निर्माण कंपनियों को खुली छूट
मुरम व पत्थर अवैध खनन मामले में सड़क निर्माण कंपनियों को खुली छूट दी जा रही है। वर्तमान में अभाना से बनगांव तक सड़क निर्माण कार्य चल रहा है। जिसमें सड़क निर्माण कंपनी ने दो मार्गों पर ही बिना अनुमति के क्रेशर लगा लिए हैं, इसके साथ ही आबादी के नजदीक पत्थर निकालने के लिए तीव्र ध्वनि के डाइनामाइट विस्फोर्ट किया जा रहा है। जिससे 5 से 10 किमी की आबादी के बीच रोज भारी धमाके हो रहे हैं।
तीसरी लाइन निर्माण में भी अवैध खनन
कटनी-बीना रेलखंड पर तीसरी लाइन का निर्माण किया जा रहा है, सगौनी, घटेरा लाइन पर लाखों घन मीटर अवैध मुरम खोदी गई है, तहसीलदार पंचनामा भी बनाया गया था, लेकिन खनिज विभाग द्वारा आगे की कार्रवाई नहीं की गई है। सिर्फ नजरी मुआयना कर कम खनन का जुर्माना कर इतिश्री कर ली जाती है।
पाई-पाई वसूलते ठेकेदार
निर्माण एजेंसियों बगैर रायल्टी चुकाए मुरम, पत्थर का खनन कर लेती हैं। जिससे करोड़ों रुपए की राजस्व की क्षति होती है, वहीं ठेकेदार इस मुफ्त के मटेरियल का लाखों रुपए बिल लगाता है और उसकी पाई-पाई वसूल कर ली जाती है। जिससे सरकार को उसके ही मटेरियल के दुगने तिगुने दामों का भुगतान करना पड़ता है। जबकि शासन का यह नियम होना चाहिए कि ठेकेदार उसके क्षेत्र में खनन करे तो उसे राजस्व चुकता करे फिर ठेकेदार उस सामग्री की राशि वसूल सकता है। लेकिन मटेरियल में पत्थर, मुरम व रेत का अवैधानिक खनन होने से सरकार को ही दुहरा नुकसान उठाना पड़ रहा है।

 
Rajesh Kumar Pandey Desk
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