इस तरह वन विभाग के अधिकारी प्लांटेशन कार्य में करते हैं लाखों का खेल

मामला उजागर लेकिन गोलमाल करने वाले जिम्मेदारों को बचाने में लगे आलाधिकारी

By: pushpendra tiwari

Published: 01 Jul 2019, 04:03 AM IST

दमोह. जिलामुख्यालय से महज 10 किमी दूर दमोह वन परिक्षेत्र अंतर्गत हथनी रोपणी के घैराव और प्लांटेशन के तकरीबन दो करोड़ के कार्य में अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा जमकर मलाई कांटी गई है। जिस जगह पर ६० हैक्टेयर वनभूमि पर ६० हजार पौधों का रोपण किया जाना बता दिया गया वहां ४ हजार पौधे भी नहीं हैं। साथ ही एरिया घैराव में भी जमकर भ्रष्टाचार किया जाना सामने आया है। वहीं इन दिनों एक बार फिर लाखों की राशि से होने वाले प्लांटेशन के नाम पर खेल शुरु कर दिया गया है।
कागजों में रोपे 60 हजार पौधे
हथनी गांव के समीप स्थित प्लांटेशन की 60 हैक्टेयर भूमि पर 60 हजार पौधे लगाए जाना रिकार्ड में बताए गए हैं। यह जानकारी देते हुए रैंजर प्रेमलाल का कहना है कि प्लांटेशन कार्य की जांच अधिकारियों की टीम द्वारा की गई है जिसका जांच प्रतिवेदन डीएफओ कार्यालय में प्रस्तुत किया जा चुका है।
मौके से 90 प्रतिशत पौधे गायब और दो बार हो गई निदाई
जिस स्थान पर प्लांटेशन के नाम पर 60 हजार पौधे रोपे गए उस स्थान पर 90 प्रतिशत से अधिक पौधे गायब हैं। यहां तक की पौधों के लिए गड्ढों की खुदाई में भी गोलमाल कर दिया गया। तकरीबन 6 से 7 हैक्टेयर की भूमि तो ऐसी है जहां पर पौधों का रोपण ही नहीं हुआ। इसके अलावा हजारों पौधों की सुरक्षा के मद्देनजर प्लाटेंशन में निदाई कार्य भी किया जाना सरकारी रिकार्ड में दर्ज है। पौधरोपण के बाद निदाई के नाम पर भी लाखों रुपए की राशि अधिकारियों द्वारा निकाली गई।
घैराव कार्य में ऐसे किया खेल
प्लांटेशन एरिया के घैराव का कार्य भी किया गया। इस कार्य में डीएफओ स्तर पर सामान की खरीदी की गई। घैराव के लिए तार फैसिंग का कार्य किया गया। लेकिन तार फैंसिंग का कार्य टीएस के अनुसार नहीं हुआ। लोहे के एंगल, सीमेंट पोलों की संख्या, कटीले तार की गुणवत्ता में भरपूर भ्रष्टाचार किया गया। इस संबंध में रैंजर प्रेमलाल का कहना है कि खरीदी का कार्य स्थानीय स्तर पर ही किया गया था।

इन्होंने दिया पूरे खेल को अंजाम
प्लांटेशन के नाम पर हुए पौधरोपण, सुरक्षा के लिए घैराव कार्य में की गई खरीदी का कार्य परिक्षेत्र अधिकारी प्रेमलाल अहिरवार, वनपाल मनोज विश्वकर्मा, वनपाल अर्जुन मरकाम, एसडीओ गंधू सिंह, तत्कालीन डीएफओ एचएन मिश्रा द्वारा किया गया।
जांच कमेटी हुई नियुक्त
मामले में गोलमाल होने के तथ्य सामने आने के बाद वर्तमान डीएफओ रिपुदमन भदौरया के निर्देश पर जांच टीम नियुक्त की गई। इस जांच कमेटी के सदस्य एसडीओ, रैंजर व अन्य कर्मचारी बनाए गए। इस टीम द्वारा तैयार की गई जांच रिपोर्ट इस बात की ओर इशारा करने के लिए काफी है कि शासन की राशि में जिम्मेदारों द्वारा भरपूर सेंधमारी की गई।
यह हुई कार्रवाई
मामला उजागर होने के बाद वनपाल मनोज विश्वकर्मा का स्थानांतरण कर दिया गया और इन्हें सिंग्रामपुर वनपाल का प्रभार दे दिया गया। इनकी जगह पर अर्जुन मरकाम को सिंग्रामपुर से हथनी क्षेत्र में पदस्थ कर दिया गया। जबकि अर्जुन मरकाम पर ३ लाख १९ हजार रुपए गमन करने का आरोप है और प्रकरण जांचाधीन चल रहा है। वहीं मामले में अधिकारियों को बचाने के लिए अब तक आरोप पत्र जारी नहीं किए गए हैं।
वर्जन
इस प्रकरण की जांच पूरी करा ली गई है, अन्य कार्रवाई होना शेष है।
रिपुदमन भदौरया, डीएफओ

जिस कार्य की आप बात कर रहे हैं इसकी जांच कमेटी के द्वारा की जा चुकी है। जो भी खरीदी हुई वह डीएफओ व एसडीओ के निर्देश पर हुई थी। अधिकारी तय करेंगे कि मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी।
प्रेमलाल अहिरवार, प्रभारी रैंजर

pushpendra tiwari Reporting
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