जानिए, आखिर क्यों चौपट हुई सहकारी बैंकों की बैंकिंग व्यवस्था

31 हजार किसानों का कर्जा माफ होना बाकी

By: pushpendra tiwari

Published: 01 Jul 2019, 05:04 AM IST

दमोह. जिला सहकारी बैंक के इन दिनों हालात खराब चल रहे हैं। दरअसल ऐसा इसलिए क्योंकि बैंक की बैंकिंग व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई है। प्रदेश सरकार द्वारा किसान ऋण माफी योजना के तहत सभी किसानों के पिछले कर्जे माफ कर दिए हैं जिससे बैंक की वसूली का स्तर जीरो है। बताया गया है कि जिला सहकारी बैंक से संबंधित 102 समितियां जिले भर में हैं। इन समितियों के अंतर्गत बीज खाद लेने वाले किसानों की संख्या 01 लाख से अधिक है। इनमें से 54हजार किसानों ने कर्जा ले रखा था जो कर्जा न चुकाने की वजह से डिफाल्टर सूची में शामिल थे। इन सभी किसानों का कर्जा ऋण माफी योजना के तहत माफ कर दिया गया है। 54 हजार किसानों मेंं से 23 हजार किसानों के कर्जे माफ किए जाने की कार्रवाई पूरी हो चुकी है। लेकिन अभी 31 हजार किसानों का कर्जा माफ नहीं हुआ है। जिसके संबंध में बताया गया है कि इन किसानों का कर्जा अगले चरण में माफ कर दिया जाएगा। हालांकि इस बात की पुष्टि की जा चुकी है कि सभी किसानों का कर्जा माफ किया जाना है।
दस प्रतिशत भी नहीं हुई बैंकिंग
जिला सहकारी बैंक द्वारा सालाना करीब 150 करोड़ रुपए की बैंकिंग पूरी कर ली जाती थी। लेकिन इस साल अभी तक १० करोड़ रुपए की राशि ही कर्ज के रुप में फाइनेंस हो सकी है। शाखा प्रबंधक बृजेंद्र शर्मा ने बताया है कि कर्मचारी किसानों से संपर्क कर रहे हैं जिससे उनकी जरुरत को पूरा करने के लिए फाइनेंस किया जा सके। बृजेंद्र शर्मा ने बताया कि कर्जा माफी में अभी तक 55 करोड़ की राशि शासन से प्राप्त हो चुकी है। यह राशि किसानों के खातों में डाल दी गई है।
बैंक के पास पर्याप्त पैसा
बैंक अध्यक्ष राजेंद्र गुरु का कहना है कि बैंक के पास पैसों की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त पैसा है, लेकिन कर्जा लेने वाले किसान नहीं हैं। इन्होंने बताया है कि जिन किसानों का कर्जा माफ होना बाकी है शीघ्र ही उनका कर्जा भी माफ हो जाएगा। शासन से राशि प्राप्त होते ही शेष किसानों के खातों में राशि स्थानांतरित हो जाएगी। राजेंद्र गुरु के अनुसार बैंकिंग का स्तर काफी खराब है, क्योंकि लेन देन न के बराबर होने की वजह से बैंक को नुकसान हो रहा है।
किसानों को यह दे रहे समझाइश
जिन किसानों का कर्जा माफ होना बाकी है उन्हें फाइनेंस किए जाने के संबंध में हाल ही में नए निर्देश शासन के बैंक प्रबंधन को प्राप्त हुए हैं। शाखा प्रबंधक बृजेंद्र शर्मा का कहना है कि जिन किसानों का कर्जा माफ होना बाकी है उन्हें फाइनेंस करने के संबंध नई व्यवस्थानुसार किसान कर्जे की राशि को अदा करे तो उन्हें बैंक फाइनेंस भी मिल जाएगा और ऋण माफी योजना से वंचित भी नहीं किया जाएगा। शासन से राशि प्राप्त होने पर किसान के खाते में राशि भेज दी जाएगी।
खाद बीज में हो रही परेशानी
जिन किसानों के कर्जा माफी की राशि बैंक को शासन से प्राप्त नहीं हुई है उन किसानों को अभी कर्जदार की सूची में रखा गया है। बैंक रिकार्ड में कर्जा होने की वजह से ऐसे किसानों को खाद बीज व फाइनेंस के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। जबकि सभी पात्र किसानों का कर्जा माफ किया जाना है यह शासन द्वारा स्पष्ट किया जा चुका है। लेकिन अभी बैंक बकाया कर्ज माफी राशि प्राप्त होने का इंतजार कर रहा है।
वर्जन
शासन से प्राप्त निर्देश पर उन किसानों से समितियों के कर्मचारी संपर्क कर रहे हैं जिनका कर्जा माफ होना। नई व्यवस्था में इन्हें भी बैंक द्वारा फाइनेंस किया जा सकता है।
बृजेंद्र शर्मा, जिला सहकारी बैंक शाखा प्रबंधक

बैंक के पास पैसों की कोई कमी नहीं है। इस समय बैंकिंग कार्य अवश्य प्रभावित चल रहा है। बैंक की आय लेनदेन पर ही निर्भर करती है।
राजेंद्र गुरु, बैंक अध्यक्ष

pushpendra tiwari Reporting
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