नगरपालिका सीएमओ को हटाने कांग्रेस ने रखा बंद, किया प्रदर्शन

नगरपालिका सीएमओ को हटाने कांग्रेस ने रखा बंद, किया प्रदर्शन

Rajesh Kumar Pandey | Publish: Jan, 14 2018 01:35:44 PM (IST) Damoh, Madhya Pradesh, India

मंच पर बैठे रहे नपा जनप्रतिनिधि व कांग्रेस नेता बैकपुट पर कुर्सी डालकर बैठा प्रशासन, बुंदेली मेला के सूत्राधार बने रहेंगे हजारी

दमोह/ हटा. नगर पालिका हटा की अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व कांग्रेसी नेता द्वारा पिछले दो दिनों से जारी अनशन ने शनिवार को हटा बंद के दौरान उग्र रूप धारण कर लिया। इस दौरान दुकान बंद कराने को लेकर एक दुकान की सामग्री भी फैंकी गई और कांग्रेस नेताओं के बीच विवाद की स्थिति भी बनी। वहीं बंद दुकानों को खुलवाने के लिए विधायक उमादेवी खटीक व जिपं अध्यक्ष शिवचरण पटैल भी मैदान में आ गए। विवाद मामले में दोनों पक्ष थाने पहुंच गए और काउंटर केस भी दर्ज हुआ। आखिर में प्रशासन बैकपुट पर आया और सीएमओ को हटाने व बुंदेली मेला का सूत्राधार पुष्पेंद्र हजारी के बने रहने के आश्वासन पर अनशन टूटा और बाजार खुल पाया।
पिछले एक माह से सीएमओ प्रियंका झारिया और नपा के किंगमेकर कांग्रेस नेता पुष्पेंद्र हजारी के बीच तनातनी का माहौल था। बुंदेली मेला यानि हजारी की दुखती रग पर सीएमओ ने हाथ रख दिया था, जिससे विवाद तूल पकड़ते हुए अनशन तक पहुंच गया था। दो दिन में कोई अफसर अनशन स्थल पर नहीं पहुंचा तो रात में ही हटा बंद का ऐलान करा दिया गया और सुबह से ही कांग्रेसी नेता दुकानों को बंद कराने के लिए बाजार में निकल पड़े थे।
पुष्पेन्द्र के पुत्र पूजल हजारी हटा में सुबह 7 बजे से ही दुकाने बंद कराने घूम रहे थे। उन्हें सूचना मिली कि बड़ा बाजार में जैन वेेदी के पीछे समोसा बिक रहे हैं,अपने मित्रों के साथ पूजिल जब समोसा दुकान बंद कराने पहुंचे। वहां दुकानदार मनीष पल्या से तू-तू, मैं-मैं होने लगी। इसी बीच किसी ने पुष्पेंद्र हजारी को खबर कर दी। वह भी पहुंच गए। इस दौरान भाजपा के दीपक जैन,पार्षद मनोज सराफ भी पहुंच गए। दोनों पक्षों में विवाद इतना बढ़ा की नौबत मारपीट तक पहुंच गई। जिसकी चपेट में पुष्पेंद्र हजारी, पूजिल हजारी, दीपक जैन और पार्षद मनोज सराफ भी आ गए। लड़ते-लड़ते अनशनकारियों ने दुकानदार की सामग्री भी फैंक दी। इसके बाद पुलिस थाने में विधायक उमादेवी, जिपं अध्यक्ष शिवचरण पटेल, पूर्व विधायक डॉ. विजय सींग भी पहुंच गए। इधर घटना की जानकारी लगते ही अन्य थानों का पुलिसबल भी मौके पर पहुंच गया। अनशनकारी थाने से निकलकर अनशन स्थल पर पहुंचकर भाषणबाजी करने लगे।
इधर प्रशासन के आला अधिकारियों के निर्देश के बाद एसडीएम नारायण सिंह, थाना प्रभारी प्रदीप सोनी व अन्य अधिकारी अनशन स्थल पर पहुंचे। जहां अनशनकारी मंच पर आसीन रहे और प्रशासनिक अधिकारियों को नीचे कुर्सियां डाली गईं। हजारी द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के बाद एसडीएम नारायण सिंह ने कहा कि नपा अध्यक्ष, पार्षदों व कांग्रेस नेता की मांगों को शीघ्र पूरा करने का आश्वासन दिया। जिसमें सीएमओ के हटाने व बुंदेलीमेला का सूत्राधार पुष्पेंद्र हजारी को बनाए रखने के साथ उनके मार्गदर्शन में आयोजन कराए जाने की सहमति जताई गई। एसडीएम नारायण सिंह ने कहा कि बुंदेली मेला पूर्व वर्षों की तरह निर्धारित प्रावधानों के तहत किया जाएगा। सीएमओ को हटाने के लिए कलेक्टर से चर्चा कर शीघ्र ही नए सीएमओ की पदस्थापना कराई जाएगी। इसके बाद अनशनकारियों को पानी व सेवफल खिलाकर अनशन तुड़वाया गया उधर बाजार भी खुल गया और प्रशासन व जनता ने राहत की सांस ली।
दोनों पक्षों पर प्रकरण दर्ज
दुकान बंद कराने को लेकर हुए विवाद में दो अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए हैं। दुकानें बंद कराने को लेकर पुष्पेंद्र समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच विवाद के दौरान मनीष पल्या की समोसा दुकान में तोडफ़ोड़ और मारपीट की घटना में पुलिस ने मनीष पल्या की रिपोर्ट पर ओमकार नामदेव के विरुद्ध आईपीसी की धारा 323, 294 और 427 का अपराध पंजीबद्ध किया हैं। दूसरी ओर ओमकार नामदेव की रिपोर्ट पर मनोज सराफ के विरुद्ध धारा 294, 323 का प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिए गए है। घटना के दौरान उपस्थित अन्य लोगों के नाम प्रकरण में न घसीटे जाने की सहमति भाजपा नेताओं और पुष्पेंद्र हजारी के बीच पुलिस थाने में चर्चा के दौरान बनी हुई प्रतीत हो रही थी, जिससे केवल एक-एक नाम पर प्रकरण दर्ज कर मामले की इतिश्री कर ली गई।

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