बिछडऩे के बाद मिले यह 8 पति-पत्नी के जोड़े अब कभी नहीं होंगे दूर, जानिए कैसे हुआ मिलन

बिछडऩे के बाद मिले यह 8 पति-पत्नी के जोड़े अब कभी नहीं होंगे दूर, जानिए कैसे हुआ मिलन

Laxmi Kant Tiwari | Publish: Sep, 09 2018 10:17:54 AM (IST) Damoh, Madhya Pradesh, India

सुलह एवं राजीनामा के आधार पर किया गया निराकरण एक-नेशनल लोक अदालत में निपटे प्रकरण

दमोह. मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार परस्पर समझौते के आधार पर आमजन को त्वरित एवं सुलभ न्याय दिए जाने को लेकर नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। यह आयोजन जिला न्यायालय दमोह, तहसील न्यायालय हटा, पथरिया, तेंदूखेड़ा में जिला न्यायाधीश अध्यक्ष महोदय शंभू सिंह रघुवंशी के नेतृत्व में किया गया। जिला न्यायालय परिसर में स्थित एडीआर भवन में नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ जिला न्यायाधीश शंभू सिंह रघुवंशी ने किया।इस दौरान विशेष न्यायाधीश आरएस शर्मा, अधिवक्तासंघ के अध्यक्ष पंकज खरे एवं वर्तमान अध्यक्ष कमलेश भारद्वाज, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय राजीव कुमार सिंह,श्री माखनलाल झोड़, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जिला न्यायालय के समस्त न्यायाधीशगण, प्रशासनिक अधिकारी,अधिवक्तागण, पक्षकारगण एवं न्यायालयीन कर्मचारीगण व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी व कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
निपटाए प्रकरण-
नेशनल लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित दाण्डिक, सिविल, मोटर दुर्घटना, कुटुम्ब न्यायालय, चैक बाउंस, विद्युत, के प्रकरणों के साथ-साथ बैंकों, विद्युत एवं नगर पालिका के प्रिलिटिगेशन प्रकरणों को रखा गया था। जिनके निराकरण के लिए संपूर्ण जिलों में 15 खण्डपीठों का गठन किया गया था। प्रत्येक खण्डपीठ में 1 पीठासीन अधिकारी एवं 2 सदस्यों सुलहकर्ताओं की नियुक्तियां की गईं थीं।
नेशनल लोक अदालत न्यायालय में लंबित मोटर दुर्घटना दावा के 12 प्रकरणों में राशि 18, 40000 रुपए, विद्युत के 1534 प्रकरण में 1, 70, 000 चैक बाउंस के 11 प्रकरणों में 16,96,086 रुपए के अवार्ड पारित किए गए। इसी प्रकार कुटुम्ब न्यायालय के समक्ष लंबित पारिवारिक विवाद के 9 प्रकरणों में पति एवं पत्नी के बीच आपसी राजीनामा के आधार पर विवाद का अंत किया गया।

माखनलाल झोड़ सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बताया कि इस नेशनल लोक अदालत में रखे गए प्रिलिटिगेशन प्रकरणों में से बैंक रिकवरी के 31 प्रकरण, विद्युत के 778 प्रकरणों, जलकर व सम्पत्ति के 21 प्रकरण एवं बीएसएनएल के 17 प्रकरणों में राजीनामा एवं सुलह के आधार पर प्रकरणों का निराकरण किया गया।
इस प्रकार न्यायालयों में लंबित कुल 1584 प्रकरणों में व प्रिलिटिगेशन के कुल 847 प्रकरणों में पक्षकारों की सहमति एवं सुलह से राजीनामा हुआ। इस प्रकार लोक अदालत के माध्यम से 2489 पक्षकार लाभान्वित हुए।
पारिवारिक मामलों में हुए समझौते
8 बिछड़े दम्पत्ति हुए एक-
कुटुंब न्यायालय के समक्ष लंबित प्रकरण में पति मोनू ने अपनी पत्नी मीना के विरूद्ध दाम्पत्य पुर्नस्थापन के लिए एवं पत्नी मीना ने अपने पति मोनू के विरूद्ध विवाह विच्छेद तथा श्रीराम कुर्मी ने पत्नी पूजा कुर्मी के विरूद्ध दाम्पत्य अधिकारों के पुर्नस्थापन के लिए प्रस्तुत प्रकरण में पीठासीन अधिकारी एवं सुलहकर्ता सदस्यों के द्वारा समझाईश दिए जाने के उपरांत पति-पत्नी साथ रहने सहमत हुए। इसी प्रकार भरण.पोषण के लिए प्रस्तुत 6 प्रकरणों में पति-पत्नी का मेल कराते हुए प्रकरण को समाप्त किया गया तथा दम्पत्तियों ने एक-दूसरे को पुष्पहार पहनाकर मुस्कुराते हुए न्यायालय से विदा किया और विवाद का अंत हो गया।
नेशनल लोक अदालत सभी न्यायाधीशों एवं सभी अभिभाषक बंधुओं, प्रशासनिक अधिकारीगण, जिला न्यायालय एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समस्त स्टॉफ के सहयोग रहा।

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